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  • Farmland: फर्रुखाबाद में खेत में पानी लगाते किसान की मौत, परिजन अस्पताल ले गए

    Farmland: फर्रुखाबाद में खेत में पानी लगाते किसान की मौत, परिजन अस्पताल ले गए

    फर्रुखाबाद में किसान की संदिग्ध मौत, परिजनों में मचा हड़कंप

    फर्रुखाबाद जनपद के कादरी गेट थाना क्षेत्र के नगला कलार गांव में खेत में पानी लगाते समय एक 52 वर्षीय किसान हरनाथ सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह घटना शुक्रवार को घटी, जब हरनाथ सिंह अपने खेत में काम कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो वे खेत पर पहुंचे और वहां उन्हें बेहोशी की हालत में पाया।

    परिजनों ने तुरंत हरनाथ सिंह को लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद समाचार से परिवार में चीत्कार मच गई और सभी सदस्यों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाने के साथ ही स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी।

    पुलिस ने शुरू की घटना की जांच

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक हरनाथ सिंह के परिवार में उनके छह बेटियां और एक बेटा है। इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है और अब पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

    परिजनों की चिंता और सवाल

    परिवार के सदस्यों ने इस घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं। वे जानना चाहते हैं कि आखिर खेत में हरनाथ सिंह की ऐसी क्या हालत हुई कि उनकी जान चली गई। परिवारवालों का कहना है कि हरनाथ सिंह स्वस्थ थे और उन्हें किसी प्रकार की बीमारी नहीं थी। ऐसे में उनकी मौत को लेकर कई संदेह उत्पन्न होते हैं।

    स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और उनके अनुसार, क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं क्षेत्र में कोई स्वास्थ्य समस्या तो नहीं है, जो किसानों को प्रभावित कर रही है।

    किसानों की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना किसानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को भी उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

    • किसान हरनाथ सिंह की उम्र 52 वर्ष थी।
    • उनके परिवार में छह बेटियां और एक बेटा है।
    • पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
    • स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है।

    आगे की कार्रवाई

    अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हरनाथ सिंह की मौत के पीछे क्या कारण थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले को सुलझाएगी और सचाई को सामने लाएगी। इस घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे गांव को प्रभावित किया है। सभी की निगाहें अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

    किसानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर यह घटना एक बार फिर सवाल उठाती है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन इस दिशा में उचित कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। समाज में किसानों की भूमिका की अहमियत को समझते हुए, उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा की देखभाल करना सभी की जिम्मेदारी है।

    फर्रुखाबाद की इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हमें अपने किसानों की सुरक्षा और कल्याण के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

  • Baba Ramdev: बृजभूषण का तंज, छात्र से पूछा- मुंहासे क्यों?

    Baba Ramdev: बृजभूषण का तंज, छात्र से पूछा- मुंहासे क्यों?

    गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह का बाबा रामदेव पर तंज

    गोंडा की कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर योग गुरु बाबा रामदेव पर कटाक्ष किया है। हाल ही में आयोजित एक समारोह में, उन्होंने एक छात्र से पूछा कि उसके चेहरे पर इतने मुंहासे क्यों हैं। इसके बाद उन्होंने छात्र से अंडे, समोसे और चाट खाने के बारे में सवाल किया। छात्र ने जब चाट खाने की बात कही, तो बृजभूषण ने कहा, “ये और कुछ नहीं, बाबा रामदेव का नकली घी और तेल निकल रहा है।”

    यह घटना तब हुई जब बृजभूषण तरबगंज विधानसभा के बेलसर में एक प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रतिभाशाली छात्रों को बाइक और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित कर रहे थे। समारोह के दौरान, उन्होंने छात्र को मंच पर बुलाकर यह विवादित टिप्पणी की। उनके इस बयान ने उपस्थित लोगों के बीच हंसी का माहौल पैदा कर दिया।

    प्रतिभा सम्मान समारोह में छात्रों को मिली विशेष सम्मान

    इस समारोह में बृजभूषण ने 500 मेधावियों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया। ये छात्र गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, गोरखपुर समेत 12 जिलों के थे। हर साल, बृजभूषण इन छात्रों के लिए प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित करते हैं, जिसमें अच्छे प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विशेष पुरस्कार दिए जाते हैं। फर्स्ट आने वाले छात्रों को बाइक या स्कूटी और सेकंड आने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार दिया जाता है।

    गुरुवार को आयोजित इस समारोह में, छात्रों को सम्मानित करने के लिए बृजभूषण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने मंच पर बुलाकर एक हाई स्कूल के छात्र को 1100 रुपए का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया।

    छात्र से बातचीत का दिलचस्प वाक्या

    जब छात्र मंच पर पहुंचे, तो उन्होंने बृजभूषण के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद, बृजभूषण ने उसे प्रमाण पत्र प्रदान किया। लेकिन जब छात्र जाने लगा, तो बृजभूषण की नजर अचानक उसके चेहरे पर निकले मुंहासों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत उसका हाथ पकड़कर उसे रोक लिया और पूछा, “चेहरे पर इतने मुंहासे क्यों हैं?” इसके बाद उन्होंने मजाक में कहा, “यह नकली तेल है जो निकल रहा है, समझे.. यह रामदेव वाला घी निकलता है।” इस बयान पर वहां मौजूद लोग हंसने लगे।

    समारोह की तस्वीरें और छात्रों की खुशी

    प्रतिभा सम्मान समारोह में छात्रों को दी गई बाइक और छात्राओं को स्कूटी दी गई। इस आयोजन में भाग लेने वाले छात्रों ने अपनी मेहनत का फल पाकर खुशी का अनुभव किया। बृजभूषण के इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों को प्रोत्साहित किया बल्कि समुदाय में एक सकारात्मक संदेश भी दिया।

    बृजभूषण शरण सिंह के इस तंज ने एक बार फिर बाबा रामदेव के उत्पादों को लेकर चर्चा को जन्म दिया है। उनके इस बयान का सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है, जहां लोग उनके हास्य और तंज को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    बृजभूषण की सामाजिक पहल और छात्रों के लिए योगदान

    बृजभूषण हर वर्ष प्रतिभा खोज परीक्षा के माध्यम से मेधावी छात्रों को पहचानने और सम्मानित करने का कार्य करते हैं। उनका यह प्रयास न केवल छात्रों की मेहनत को सराहता है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करता है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने भविष्य के प्रति सजग होते हैं।

    इस प्रकार के कार्यक्रमों का महत्व केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को एक मंच प्रदान करता है जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। बृजभूषण शरण सिंह की यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

    इस समारोह ने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा और प्रतिभा का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। बृजभूषण शरण सिंह के इस प्रयास ने कई छात्रों को प्रेरित किया है और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने में मदद की है।

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  • Voter Update: बुलंदशहर में 4 लाख नाम कम, 7 विधानसभा सीटों पर बड़ा बदलाव

    Voter Update: बुलंदशहर में 4 लाख नाम कम, 7 विधानसभा सीटों पर बड़ा बदलाव

    बुलंदशहर में मतदाता सूची पुनरीक्षण के आंकड़े चौंकाने वाले

    यतिन कुमार शर्मा | बुलंदशहर 2 मिनट पहले

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतिम दिन बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस प्रक्रिया के दौरान जनपद की सात विधानसभा सीटों पर पिछले मतदाता सूची की तुलना में लगभग 4 लाख 4 हजार मतदाता कम पाए गए हैं। यह स्थिति चुनावी परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इससे आगामी चुनावों पर गहरा असर पड़ सकता है।

    पुनरीक्षण से पहले और बाद के आंकड़े

    सूची पुनरीक्षण से पहले बुलंदशहर जिले की सातों विधानसभा सीटों पर कुल 26 लाख 63 हजार 718 मतदाता थे। लेकिन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद अब इन सीटों पर केवल 22 लाख 59 हजार 383 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकांश मतदाता या तो स्थानांतरित हो गए हैं, मृत हैं, या उनके नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। इस प्रक्रिया में 93 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे यह साफ़ होता है कि प्रशासन ने इस कार्य को तेजी से पूरा किया है।

    सात विधानसभा सीटों पर मतदाता कमी

    बुलंदशहर की सात विधानसभा सीटों पर हुई मतदाता कमी का विवरण इस प्रकार है:

    • सिकंदराबाद: 65,000 मतदाता कम
    • बुलंदशहर: 62,000 मतदाता कम
    • स्याना: 43,000 मतदाता कम
    • अनूपशहर: 61,000 मतदाता कम
    • डिबाई: 54,000 मतदाता कम
    • शिकारपुर: 47,000 मतदाता कम
    • खुर्जा: 70,000 मतदाता कम

    निर्वाचन अधिकारी का बयान

    चुनाव निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सिंह ने इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या वह फॉर्म भरने से छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। यह आवेदन उन्हें नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक होगा। अधिकारी ने कहा कि इस बार की पुनरीक्षण प्रक्रिया में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे संभावित रूप से चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं।

    अभिषेक सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि सूची से हटाए गए अधिकांश मतदाता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यह प्रक्रिया की गई है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वे समय पर अपने नाम जुड़वाने की कार्रवाई कर सकें।

    आगामी चुनावों पर असर

    बुलंदशहर जिले में मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण का प्रभाव आगामी चुनावों पर विशेष रूप से देखने को मिलेगा। चुनाव में मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या कम होने से राजनीतिक दलों की रणनीति में बदलाव आ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।

    इस तरह के आंकड़े चुनावी माहौल को बदलने की क्षमता रखते हैं, और यह जरूरी है कि प्रशासन इस प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाए। इससे चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बना रहेगा और मतदाता अपनी भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे।

    इस तरह की स्थिति से न केवल चुनावी प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर भी सवाल उठाती है। इसलिए सभी नागरिकों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।

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  • Accident: श्रावस्ती में कोहरे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर

    Accident: श्रावस्ती में कोहरे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर

    श्रावस्ती में सड़क हादसे में युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

    श्रावस्ती जनपद के सोनवा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में **19 वर्षीय युवक** राजा दशरथ की मौत हो गई। यह हादसा बीती रात फतुहापुर गांव के पास उस समय हुआ जब एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल राजा को तुरंत जिला अस्पताल भिनगा ले जाया गया, किंतु वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हादसे का कारण: घना कोहरा और कम विजिबिलिटी

    जानकारी के अनुसार, राजा दशरथ अपने गांव चंद्रखा बुजुर्ग से रिश्तेदारी में किसी काम से निकले थे। रात का समय होने के कारण घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे दृश्यता कम हो गई थी। इसी कारण वह रास्ता भटककर फतुहापुर गांव के पास फोर लेन मार्ग पर पहुंच गए। वहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राजा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही सोनवा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन राजा की जान नहीं बचाई जा सकी। उनकी मौत की खबर सुनते ही घर में मातम छा गया।

    राजा दशरथ की पारिवारिक स्थिति

    राजा दशरथ अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और उनकी शादी नहीं हुई थी। वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है, और इस हादसे ने उनके परिजनों को गहरा आघात पहुँचाया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं, और स्थानीय निवासियों का मानना है कि सड़क पर सुरक्षा के उपायों को और सख्त किया जाना चाहिए।

    पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना

    पुलिस ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से ही पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है ताकि वाहन के चालक का पता लगाया जा सके। जल्द ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

    इस हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में भी गहरी चिंता है। कई लोग कह रहे हैं कि सड़क पर सुरक्षा के लिए उचित उपाय नहीं किए जा रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस दिशा में ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    इस घटना ने न केवल राजा के परिवार को बल्कि पूरे गांव को झकझोर दिया है। ऐसे हादसे हमारी सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों पर तेज गति से चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह के दुःख का सामना न करना पड़े।

    राजा की मौत ने उनकी माँ और भाइयों को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। यह हादसा सभी के लिए एक चेतावनी है कि सड़क पर सुरक्षा के नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है।

    निष्कर्ष

    श्रावस्ती में हुए इस सड़क हादसे ने एक बार फिर हमें सोचने पर मजबूर किया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति हमें कितनी गंभीरता से काम करना चाहिए। इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत नुकसान का कारण बनती हैं, बल्कि समाज पर भी गहरा असर डालती हैं। हमें एकजुट होकर इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि हम सभी सुरक्षित रह सकें।

  • Fraud: उत्तर प्रदेश में रिटायर्ड कर्मचारी से 19 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार

    Fraud: उत्तर प्रदेश में रिटायर्ड कर्मचारी से 19 लाख की ठगी, तीन गिरफ्तार

    अमेठी में पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया

    अखिलेश कुमार सोनी | अमेठी जिला – अमेठी पुलिस ने एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 19 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों के पास से 6 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए दो ठग मिर्जापुर और एक वाराणसी जिले का निवासी है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को जन्म दिया है।

    साइबर ठगों की चालाकी

    यह घटना बाजार शुकुल थाना क्षेत्र की है, जहां पूरे बना मजरे बाहरपुर गांव के निवासी सेवानिवृत्त रेलवे गैंगमैन बृजमोहन पुत्र महाराजदीन को करीब दो सप्ताह पहले साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। ठगों ने पेंशन चालू करवाने के बहाने उनके खाते से 19 लाख 28 हजार रुपये निकाल लिए थे। यह रकम अचानक गायब होने के बाद, सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बाजार शुकुल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

    पुलिस की तत्परता से गिरफ्तारी

    रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से ठगों की तलाश शुरू की। आज सुबह करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि भाले गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंडरपास के नीचे ये ठग मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों ठगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस तेजी से कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाया है।

    गिरफ्तार ठगों की पहचान

    गिरफ्तार ठगों की पहचान वाराणसी के थाना रामपुर निवासी प्रणव प्रताप सिंह पुत्र राजीव सिंह, मिर्जापुर के कोतवाली कटरा निवासी आकाश सिंह पुत्र प्रदीप सिंह और मिर्जापुर के थाना ड्रामडगंज निवासी सिद्धार्थ सिंह पुत्र संतोष सिंह के रूप में हुई है। इनके पास से 6 हजार रुपये बरामद हुए, जो ठगी की रकम में से एक हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

    साइबर ठगी से बचने के उपाय

    इस घटना ने साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए। यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:

    • अज्ञात नंबरों से आने वाले फोन कॉल या संदेशों पर ध्यान न दें।
    • व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, पिन आदि को किसी के साथ साझा न करें।
    • यदि कोई व्यक्ति आपको पैसे भेजने के लिए कहता है, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
    • साइबर अपराध की घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    साइबर ठगी की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं, और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। पुलिस और प्रशासन को भी इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    निष्कर्ष

    अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपराधियों के खिलाफ सख्त हैं। इस तरह की घटनाओं के माध्यम से नागरिकों को सतर्क रहकर अपने धन और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करनी चाहिए। इस मामले में गिरफ्तार ठगों की आगे की जांच से संभावना है कि और भी ठगों का पर्दाफाश होगा।

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  • Tribute: हापुड़ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि

    Tribute: हापुड़ में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि

    हापुड़ में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई

    दानिश, हापुड़। 1 मिनट पहले, हापुड़ में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। यह आयोजन जिला कांग्रेस कमेटी हापुड़ के कार्यालय में किया गया, जहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को याद किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।

    कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने इस मौके पर कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह भारत गणराज्य के 13वें प्रधानमंत्री थे और एक कुशल अर्थशास्त्री के रूप में उनकी पहचान बनी। उन्होंने बताया कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद, डॉ. मनमोहन सिंह ने जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया, जिन्होंने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया। उनके नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों को अपनाया, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

    डॉ. मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों का महत्व

    इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक गजराज सिंह ने डॉ. मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक, जब डॉ. मनमोहन सिंह ने पी.वी. नरसिंह राव के प्रधानमंत्रित्व काल में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया, तब उन्होंने कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार लागू किए। इन सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी और इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया।

    गजराज सिंह ने आगे कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी कई योजनाएं बनाई। उनका दृष्टिकोण हमेशा समावेशी विकास की ओर रहा, जिससे समाज के हर तबके को लाभ मिला।

    कार्यक्रम में शामिल कांग्रेसी नेता

    इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें रामप्रसाद जाटव, इकबाल प्रधान, हसमत प्रधान, मोमीन नेता, सुबोध शास्त्री, सुखपाल गौतम, यशपाल ढिलोर, गौरव गर्ग, विक्की शर्मा, भरतलाल शर्मा, निसार पठान, शहजाद मेवाती, मास्टर शहरयाब, एस.एस. गौड़, अनुज कुमार एडवोकेट, रईस अन्नू, भगवत प्रसाद, अनूप कर्दम, शिवम् कुमार, और गोपाल भारती शामिल थे। इन सभी नेताओं ने डॉ. मनमोहन सिंह के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।

    डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान

    डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान केवल आर्थिक नीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने देश की अंतर्राष्ट्रीय छवि को भी मजबूत किया। उनके कार्यकाल में भारत ने वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया और कई महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। उनका समर्पण और दूरदर्शिता आज भी प्रेरणा का स्रोत है।

    इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने डॉ. मनमोहन सिंह के प्रति लोगों की गहरी संवेदना को दर्शाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके योगदानों को याद करते हुए कहा कि हमें उनके सिद्धांतों और नीतियों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि हम एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकें।

    इस प्रकार, डॉ. मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि केवल उनके योगदान का सम्मान नहीं थी, बल्कि यह एक अवसर था कि हम सभी मिलकर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएं और देश के विकास में अपना योगदान दें।

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  • Railway News: अमेठी में रेलवे कर्मचारी के साथ मारपीट, पांच पर मुकदमा

    Railway News: अमेठी में रेलवे कर्मचारी के साथ मारपीट, पांच पर मुकदमा

    अमेठी में रेलवे कर्मचारी पर हमला, पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

    आदित्य प्रकाश मिश्र | अमेठी तहसील | 3 मिनट पहले

    अमेठी शहर की रेलवे कॉलोनी में बुधवार रात एक रेलवे कर्मचारी पप्पू यादव के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस घटना के संबंध में कोतवाली अमेठी में तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना में पीड़ित की पत्नी के साथ भी अभद्रता का आरोप लगाया गया है, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

    मारपीट की घटना का विवरण

    जानकारी के अनुसार, पप्पू यादव रेलवे विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में अमेठी रेलवे कॉलोनी में अपने परिवार के साथ निवास करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 दिसंबर की रात लगभग 9:25 बजे, वह अपने परिवार के साथ भोजन करने के बाद कॉलोनी परिसर में टहल रहे थे। इसी दौरान कॉलोनी के निवासी शेष कुमार, रोहित, सत्येन्द्र, सूरज और सिन्टू उनके पास आए और गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।

    जब पप्पू यादव ने इनकी अभद्रता का विरोध किया, तो सभी आरोपियों ने मिलकर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में पप्पू यादव को गंभीर चोटें आईं हैं और उनकी पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई। घटना की सूचना मिलने पर कॉलोनी के अन्य निवासी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

    सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना

    पप्पू यादव ने बताया कि इस पूरी घटना को कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले में पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल उन्हें, बल्कि उनकी पत्नी को भी परेशान किया, जिससे उनकी मानसिक स्थिति भी खराब हुई है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पीड़ित की तहरीर के आधार पर, कोतवाली अमेठी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कोतवाली प्रभारी रवि सिंह ने बताया कि शेष कुमार, रोहित, सत्येन्द्र, सूरज और सिन्टू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 191(1), 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद कॉलोनी में स्थानीय निवासियों में भय और चिंता का माहौल है। कई लोगों ने इस घटना की निंदा की है और पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। स्थानीय निवासी यह चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे ताकि इलाके में सुरक्षा की स्थिति बहाल हो सके।

    सुरक्षा की मांग और भविष्य की कार्रवाई

    पप्पू यादव ने इस मामले में कहा कि उन्हें और उनके परिवार को अब सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक वह और उनका परिवार सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि समाज में बढ़ती हिंसा और अभद्रता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

    अमेठी की यह घटना न केवल पीड़ित के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें एकजुट होकर ऐसे हिंसक तत्वों के खिलाफ खड़ा होना होगा। पुलिस प्रशासन को भी चाहिए कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

    इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर पुलिस की नजर बनी हुई है और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

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  • Christmas Celebration: एजी चर्च में 100 साल की विशेष प्रार्थना सभा

    Christmas Celebration: एजी चर्च में 100 साल की विशेष प्रार्थना सभा

    लखनऊ में ए.जी. चर्च ने मनाया 100 साल का जश्न

    लखनऊ के एम.जी. मार्ग स्थित ए.जी. चर्च में इस वर्ष क्रिसमस के अवसर पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। यह चर्च अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है, जिसे वरिष्ठ पादरी सैमी मथाई ने एक ‘अत्यंत गौरवपूर्ण’ क्षण बताया। पादरी मथाई ने बताया कि पिछले एक सदी से यह चर्च प्रेम, सेवा और विश्वास के माध्यम से समाज की सेवा कर रहा है।

    पादरी सैमी मथाई ने अपने संदेश में क्रिसमस को ‘शांति के राजकुमार प्रभु यीशु मसीह के जन्म का पर्व’ बताया। उन्होंने बाइबिल के यशायाह 9:6 का हवाला देते हुए कहा कि “हमारे लिए एक बालक जन्मा है… और उसका नाम शांति का राजकुमार रखा जाएगा।” इस अवसर पर उन्होंने सभी के जीवन में सच्ची शांति, आनंद और आशा की प्रार्थना की।

    प्रभु यीशु का संदेश: प्रेम और भाईचारा

    चर्च के अन्य पादरियों, महेंद्र सिंह और अमित डेविड ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रभु यीशु मसीह को ‘शांति का राजा’ बताते हुए मत्ती 5:9 के बाइबिल वचन “धन्य हैं वे जो मेल कराने वाले हैं” का उल्लेख किया। उनके अनुसार, प्रभु यीशु का संदेश प्रेम, क्षमा और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

    पादरियों ने यह भी कहा कि प्रभु यीशु का जन्म केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह पूरे मानव समाज के लिए उद्धार और नई शुरुआत का संदेश है। उन्होंने लूका 2:14 में स्वर्गदूतों द्वारा की गई घोषणा “पृथ्वी पर शांति और मनुष्यों में परमेश्वर की प्रसन्नता” को आज भी प्रासंगिक बताया।

    समाज में सद्भाव और भाईचारे का संदेश

    कार्यक्रम के समापन पर, सभी पादरियों ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस क्रिसमस पर जरूरतमंदों की सहायता करें, दुखियों के साथ खड़े हों और अपने जीवन के माध्यम से प्रेम और शांति का संदेश फैलाएं। पादरी मथाई ने कहा, “हमारा उद्देश्य समाज में सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देना है।”

    इस विशेष अवसर पर, चर्च ने सभी उपस्थित लोगों को एकत्रित होकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। पादरियों ने यह भी बताया कि प्रेम और भाईचारा ही वह मार्ग है, जो हमें एक बेहतर समाज की ओर ले जाएगा। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस पर्व को न केवल एक उत्सव के रूप में मनाएं, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारें।

    क्रिसमस का महत्व और संदेश

    क्रिसमस केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हम सभी को एक-दूसरे की सहायता करनी चाहिए और समाज में प्रेम और शांति का माहौल बनाना चाहिए। प्रभु यीशु के जन्म से हमें यह सीख मिलती है कि हम सभी को एकजुट होकर चलना है और एक-दूसरे की खुशियों और दुखों में सहभागी बनना है।

    इस प्रकार, ए.जी. चर्च में मनाया गया 100 साल का जश्न न केवल धार्मिक आयोजनों का हिस्सा था, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनकर उभरा। सभी पादरियों ने एक स्वर में कहा कि हमें अपने जीवन में प्रभु यीशु के संदेश को आत्मसात करना चाहिए और इसे अपने आचार-व्यवहार में भी दिखाना चाहिए।

    इस विशेष प्रार्थना सभा ने न केवल चर्च के सदस्यों को एकत्रित किया, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को भी एक साथ लाने का कार्य किया। सभी ने मिलकर इस पर्व को मनाने का संकल्प लिया और समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश फैलाने की दिशा में कदम बढ़ाने का वादा किया।

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  • Climb: मेरठ में लड़की ने हाई-वोल्टेज टावर पर चढ़कर किया बवाल

    Climb: मेरठ में लड़की ने हाई-वोल्टेज टावर पर चढ़कर किया बवाल

    मेरठ में हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ी युवती, शादी की मांग को लेकर की आत्मदाह की धमकी

    मेरठ में युवती ने हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़कर की शादी की मांग

    मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने अपनी शादी की मांग को लेकर बिजली के हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ने का फैसला किया। यह घटना शुक्रवार को लावड़ रोड स्थित मावीमीरा गांव में हुई, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। युवती की पहचान काजल के रूप में हुई है, जो लावड़ कस्बे के सोनू नामक युवक से प्रेम करती है। काजल ने अपने परिजनों और ग्रामीणों को स्पष्ट कर दिया कि यदि उसकी शादी सोनू से नहीं कराई गई, तो वह टावर से नीचे नहीं उतरेगी।

    ग्रामीणों की भीड़ और पुलिस का प्रयास

    युवती के टावर पर चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही दौराला थाना पुलिस और बिजली विभाग के कर्मचारी भी वहां पहुंचे। पुलिस ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया। इसके बाद पुलिस, युवती के परिजन और ग्रामीण उसे समझाने की कोशिश करने लगे, लेकिन काजल अपनी मांग पर अड़ी रही।

    अफरा-तफरी का माहौल और पुलिस की कार्रवाई

    इस घटना के कारण लावड़ रोड पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोगों में यह चर्चा का विषय बना रहा कि आखिरकार काजल अपनी मांग के लिए इतनी दूर क्यों जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं और मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

    युवती का बयान और उसके परिवार की चिंता

    काजल ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर उसकी शादी सोनू से नहीं होती है, तो वह अपने जीवन को समाप्त करने के लिए भी तैयार है। उसकी यह स्थिति सुनकर उसके परिवार के सदस्य और दोस्त परेशान हो गए हैं। उन्होंने अपनी बेटी को समझाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन काजल अपनी बात पर अड़ी रही। यह स्थिति उसके परिवार के लिए बेहद चिंताजनक है।

    समाज में प्रेम विवाह का महत्व

    इस घटना ने समाज में प्रेम विवाह के मुद्दे पर भी विचार करने के लिए मजबूर किया है। युवतियों की स्वतंत्रता और उनके प्रेम के अधिकार को लेकर समाज में कई बार विवाद उत्पन्न होते हैं। कई बार परिवार के सदस्य इस प्रकार के रिश्तों को स्वीकार नहीं करते, जिससे युवतियों को ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

    कानूनी कार्रवाई और भविष्य की संभावनाएं

    पुलिस ने बताया कि वे युवती को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने के लिए विभिन्न तरीके अपना रहे हैं। यदि काजल की मांग को पूरा नहीं किया जाता है, तो यह मामला कानूनी कार्रवाई की ओर भी बढ़ सकता है। समाज में प्रेम विवाह की स्थिति को लेकर यह घटना महत्वपूर्ण है, और इससे आने वाले समय में और भी बहसें उत्पन्न हो सकती हैं।

    निष्कर्ष

    इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में प्रेम और विवाह के मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है। युवतियों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और उनके अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए। काजल की इस जिद ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि कैसे हम समाज में प्यार और रिश्तों को एक सकारात्मक दिशा में ले जा सकते हैं।

  • Wildlife: इटावा सफारी में 3 दिन में 3 वन्यजीवों की मौत, प्रबंधन पर सवाल

    Wildlife: इटावा सफारी में 3 दिन में 3 वन्यजीवों की मौत, प्रबंधन पर सवाल

    इटावा सफारी पार्क में वन्यजीवों की मौत: प्रबंधन पर उठे सवाल

    उवैस चौधरी | इटावा — इटावा सफारी पार्क में हाल ही में तीन वन्यजीवों की मौत ने पार्क के प्रबंधन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। 21 और 22 दिसंबर को दो बारासिंघा की मौत हुई, जबकि 23 दिसंबर को एक काले हिरण की जान चली गई। प्रशासन ने इन घटनाओं के पीछे विभिन्न कारण बताए हैं, लेकिन सूत्रों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।

    21 और 22 दिसंबर को बारासिंघा की मौत की घटनाएं हुईं, लेकिन इनकी जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं की गई। मीडिया और आम जनता को इससे अवगत नहीं कराया गया, जिससे प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में जमीनी साक्ष्य और सूत्रों की जानकारी के अनुसार यह लापरवाही का मामला प्रतीत हो रहा है।

    प्लास्टिक खाते काले हिरण की तस्वीर ने खोली सचाई

    23 दिसंबर की दोपहर में एक काले हिरण की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वह प्लास्टिक की बोरी खाते हुए दिखाई दे रहा था। सूत्रों का कहना है कि इसी हिरण की उसी दिन शाम को मौत हो गई। यह तस्वीर सफारी के प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, क्योंकि वन्यजीवों को ऐसी अव्यवस्था में भोजन की तलाश में मजबूर होना पड़ा।

    सफारी प्रशासन ने तीनों मौतों की जानकारी एक संक्षिप्त प्रेस नोट में दी, जो आधिकारिक तौर पर अस्पष्ट थी। इस देरी ने प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मौत के कारणों पर अलग-अलग दावे

    सफारी प्रशासन का कहना है कि दोनों बारासिंघा आपसी संघर्ष के कारण मरे, जबकि काले हिरण की मौत ठंड से हुई। दूसरी ओर, सूत्रों का दावा है कि बारासिंघा ठंड से प्रभावित हुए और काले हिरण ने प्लास्टिक की बोरी खा ली थी। यह स्पष्ट नहीं है कि असली कारण क्या था, लेकिन प्रशासन के दावों में विश्वास करना मुश्किल हो रहा है।

    प्रशासन का कहना है कि वन्यजीवों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध है, लेकिन यह सवाल उठता है कि एक शेड्यूल वन में शामिल काला हिरण प्लास्टिक खाने को क्यों मजबूर हुआ। सूत्रों का कहना है कि यह स्थिति भोजन की कमी के कारण उत्पन्न हुई है।

    चारे की कमी का मुद्दा

    पिछले वर्ष की तुलना में इटावा सफारी में चीतल और काले हिरण की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में चीतल की संख्या लगभग 165, सांभर की 19, और काले हिरण की 200 से अधिक बताई जा रही है। इसके बावजूद, रोजाना केवल चार कुंतल चारा दिया जा रहा है, जबकि इन वन्यजीवों की आवश्यकताएं सात से आठ कुंतल प्रतिदिन की हैं।

    चारा आपूर्ति का टेंडर पिछले वर्ष बाबा ट्रेडर्स को दिया गया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में यह टेंडर समाप्त हो गया। इसके बावजूद, बाबा ट्रेडर्स अपने सहयोगी फर्म एसएलपी एंटरप्राइजेज के माध्यम से सप्लाई जारी रख रहा है। दो महीने बीत जाने के बाद भी नया टेंडर जारी नहीं किया गया है, जो प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है।

    पिछले मामलों की याद दिलाते हुए

    इटावा सफारी में इससे पहले भी बब्बर शेरों की मौत को लेकर सवाल उठ चुके हैं। शेरों के खानपान का मुद्दा विधानसभा में भी उठ चुका है, लेकिन इसके बाद की जांच और कार्रवाई अब तक ठंडे बस्ते में चली गई है।

    इटावा सफारी के उपनिदेशक विनय सिंह का कहना है कि वन्यजीवों के लिए भोजन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक खाते हुए जो वीडियो सामने आए हैं, वे पुराने हैं। काले हिरण की मौत का कारण ठंड बताया गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन की बातें कितनी सच हैं।

    इटावा सफारी पार्क में वन्यजीवों की मौत और इसके पीछे के कारणों की जांच आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके भोजन की पर्याप्त व्यवस्था हो। प्रशासन को पारदर्शिता बरतनी होगी ताकि जनता का विश्वास बना रहे और वन्यजीवों की देखभाल सही तरीके से की जा सके।

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