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  • Pregnant: KGMU डॉक्टर ने बताया- अश्लील फोटो से किया गया ब्लैकमेल

    Pregnant: KGMU डॉक्टर ने बताया- अश्लील फोटो से किया गया ब्लैकमेल

    लखनऊ: महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन का मामला

    लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक महिला डॉक्टर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक मुस्लिम रेजिडेंट डॉक्टर ने उसे शादी का आश्वासन देकर धोखे से अपने साथ संबंध बनाए। पीड़ित महिला डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने बताया कि आरोपी डॉक्टर ने उसे प्रेग्नेंट होने पर दवा खिलाकर गर्भपात करवा दिया। जब उसने अक्टूबर में शादी करने की बात की, तो आरोपी ने धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया।

    महिला डॉक्टर की इस आपबीती ने न केवल मेडिकल समुदाय को झकझोरा है, बल्कि समाज में भी एक बार फिर से प्रेम, विश्वास और धोखे के बीच की सीमाओं को स्पष्ट किया है। पीड़ित ने कहा, “मैं रमीज से दूरी बनाने लगी, लेकिन उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह कहने लगा कि मेरे पास तुम्हारी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हैं, जिन्हें मैं वायरल कर दूंगा।” यह दावा करते हुए कि रमीज ने उसे बार-बार मानसिक तनाव में रखा, महिला डॉक्टर ने अपनी परेशानी को साझा किया।

    पीड़िता की आपबीती

    महिला डॉक्टर ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल के हावड़ा की निवासी हैं और KGMU में एमडी पैथोलॉजी की पढ़ाई कर रही हैं। जुलाई 2025 में रमीज ने उनके साथ दोस्ती की थी। उन्होंने कहा, “मैंने उसे दोस्त मान लिया, और हम अक्सर साथ में खाना खाने जाते थे। धीरे-धीरे उसने मुझे शादी के झांसे में लेकर अपने करीब लाने की कोशिश की।”

    महिला डॉक्टर ने कहा कि रमीज ने उसे धोखे से अपने साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। “मैंने मना किया, लेकिन उसने शादी का भरोसा दिलाया और मुझे अपने झांसे में लेकर शारीरिक संबंध बनाए,” पीड़िता ने कहा। यह सब तब हुआ जब वह रमीज के साथ उसके किराए के मकान पर गई थीं।

    गर्भधारण और गर्भपात का मामला

    महिला डॉक्टर ने बताया कि सितंबर में उसे पता चला कि वह गर्भवती है। जब उसने यह बात रमीज से साझा की, तो उसने उसे गर्भपात करने के लिए दवा खिलाई। “उसने कहा कि अभी हमारी शादी नहीं हुई है, इसलिए यह ठीक नहीं है,” पीड़िता ने कहा। यह सुनकर वह बेहद परेशान हो गई।

    सितंबर में जब उसकी मुलाकात रमीज की पत्नी मानसी से हुई, तो उसे और भी सदमा लगा। मानसी ने बताया कि रमीज ने उससे फरवरी 2025 में निकाह कर लिया है। इस पर पीड़िता ने रमीज से सवाल किया, तो उसने फिर से भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा। हालांकि, रमीज का पत्नी के साथ संपर्क लगातार बना रहा।

    धर्म परिवर्तन का दबाव और खुदकुशी की कोशिश

    जब महिला डॉक्टर ने अक्टूबर में रमीज से शादी करने की बात की, तो रमीज ने धर्म परिवर्तन करने की मांग रखी। पीड़िता ने कहा, “उसने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद ही हम शादी कर सकते हैं।” इस पर विवाद बढ़ गया और वह मानसिक तनाव में चली गई। 17 दिसंबर को उसने आत्महत्या की कोशिश की। उसने मिर्टाजापाइन और वेनलाफैक्सिन की लगभग 30 टैबलेट खा लीं।

    लेकिन उसके दोस्तों ने उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जिससे उसकी जान बच गई। “मैंने अपने पिता को फोन करके रमीज की ब्लैकमेलिंग के बारे में बताया और फिर परिवार के सहयोग से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई,” पीड़िता ने कहा।

    पुलिस कार्रवाई और कानूनी पहलू

    पीड़िता की शिकायत के आधार पर चौक कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 89 और 351 (1) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा 3 और 5 (1) भी लगाई गई है।

    आरोपी डॉ. रमीज का फोन लगातार स्विच ऑफ रहा, और वह जांच टीम के सामने पेश नहीं हुआ। KGMU प्रशासन ने कहा कि यदि वह जांच में सहयोग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    समाज में हलचल और प्रदर्शन

    इस मामले ने न केवल चिकित्सा क्षेत्र में हलचल मचाई है, बल्कि विभिन्न संगठनों ने भी इस पर विरोध प्रदर्शन किया है। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने KGMU कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने भी विरोध जताया था।

    आरोपी डॉक्टर का बैकग्राउंड

    आरोपी डॉ. रमीज, उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का निवासी है और उसने आगरा मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उसने NEET PG क्वालीफाई करके KGMU में दाखिला लिया था। उसकी स्टेट रैंक 2007 थी।

    यह मामला समाज में प्रेम, धोखे और नैतिकता के सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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  • Weather Update: सीतापुर में AQI 306, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

    Weather Update: सीतापुर में AQI 306, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

    सीतापुर में कोहरे और शीतलहर की मार, जनजीवन प्रभावित

    अभिषेक सिंह | सीतापुर | 2 मिनट पहले

    सीतापुर में हाल ही में आए कोहरे और शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंगलवार को मौसम में कुछ सुधार दिखा था, लेकिन बुधवार को ठंड और गलन ने फिर से लोगों की समस्याओं को बढ़ा दिया। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी में कुछ सुधार जरूर आया, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठंड का असर बढ़ता ही गया।

    कोहरे के चलते सड़क परिवहन पर असर

    बुधवार की सुबह से जिले के अधिकांश क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कें सुनसान हो गईं। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कई स्थानों पर महज 20 मीटर तक सिमट गई। खासकर ग्रामीण इलाकों में वाहन रेंगते हुए नजर आए, जिससे यातायात सुस्त हो गया।

    नेशनल और स्टेट हाईवे पर भी स्थिति चिंताजनक रही। वाहन चालक अपनी हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर बेहद धीमी गति से चल रहे थे। तेज ठंडी हवाओं ने गलन को और बढ़ा दिया, जिससे लोग ठिठुरते हुए सड़क पर चलने को मजबूर हुए।

    ठंड के बढ़ते प्रभाव का सामना

    मंगलवार को मौसम में थोड़ा सुधार आया था, जब कुछ देर के लिए धूप खिली थी। लेकिन बुधवार को मौसम ने फिर से करवट ली और ठंड में वृद्धि हो गई। बादलों और कोहरे की मौजूदगी के कारण धूप की किरणों के दर्शन नहीं हो रहे हैं। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे ठंड का असर और भी तेज हो गया है।

    वायु गुणवत्ता पर चिंता

    कोहरे और शीतलहर के साथ-साथ शहर में वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 306 दर्ज किया गया है, जो कि ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को इस स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

    मौसम विभाग की भविष्यवाणी

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कोहरे और शीतलहर का असर बना रह सकता है। ऐसे में ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। लोग को सलाह दी जा रही है कि वे गर्म कपड़े पहनें और बाहर निकलते समय खास ध्यान रखें। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    समुदाय की प्रतिक्रिया

    स्थानीय निवासियों ने इस मौसम को ‘सर्दी का सबसे कठिन समय’ बताया है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव जलाने और गर्म कपड़े पहनने का सहारा ले रहे हैं। बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री में भी इजाफा देखा जा रहा है। लोग घरों में रहकर चाय और गर्म खाने का आनंद ले रहे हैं।

    संभावित समाधान और सुझाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि कोहरे और ठंड से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाना चाहिए। इनमें शामिल हैं:

    • गर्म कपड़ों का उपयोग
    • बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना
    • सड़क पर चलते समय सावधानी बरतना
    • तरल पदार्थों का अधिक सेवन करना

    सर्दी के इस मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। सभी नागरिकों को एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए इस सर्दी का सामना करना चाहिए।

    निष्कर्ष

    सीतापुर में कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। यह मौसम न केवल यात्रा को कठिन बना रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है। ऐसे में सभी को सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच, हम सभी को एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा।

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  • Cold Alert: फतेहपुर में 4 ट्रेनें रद्द, जनजीवन अस्त-व्यस्त

    Cold Alert: फतेहपुर में 4 ट्रेनें रद्द, जनजीवन अस्त-व्यस्त

    फतेहपुर में कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

    फतेहपुर जिले में पिछले तीन दिनों से चल रही कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। घने कोहरे और सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में कैद हो गए हैं। यहाँ तक कि शाम का तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और सुबह का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है, जिससे ठंड की شدت में इजाफा हो गया है।

    कोहरे के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित

    कोहरे के चलते चार सुपरफास्ट ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोग सुबह के समय अपने शरीर को पूरी तरह से ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं। ठंड और कोहरे से बचाव के लिए रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड परिसर में रैन बसेरे बनाए गए हैं। कोहरे के कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा और वाहन धीमी गति से चलते नजर आए।

    अलाव का सहारा, लेकिन स्कूलों में छुट्टी नहीं

    ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। इसके बावजूद, स्कूलों में छुट्टियां घोषित नहीं की गई हैं, जिससे छोटे बच्चों को सुबह स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 7 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाएं ठंड का असर बनाए रखेंगी। बीते तीन दिनों से घना कोहरा छाया हुआ है। मंगलवार रात 9 बजे से बुधवार सुबह 8 बजे तक दृश्यता मात्र 10 मीटर रह गई थी, जो कि एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

    स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस ठंड में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लोग ठंड से बचने के लिए अपने घरों में ही रहने को प्राथमिकता दे रहे हैं। फतेहपुर में इस मौसम में ठंड का यह प्रकोप असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार की ठंड ने सभी को परेशान कर दिया है।

    निष्कर्ष

    इन सभी परिस्थितियों के बीच, प्रशासन को चाहिए कि वह ठंड से प्रभावित लोगों के लिए उचित कदम उठाए। रैन बसेरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्रियां प्रदान की जानी चाहिए। ठंड से बचाव के लिए जागरूकता और उपायों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है ताकि इस मौसम में सभी सुरक्षित और स्वस्थ रह सकें।

    फतेहपुर में ठंड का यह मौसम एक सबक है कि हमें मौसम की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा और लोग फिर से सामान्य जीवन जी सकेंगे।

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  • Fog: वाराणसी समेत 25 जिलों में छाया घना कोहरा, 15 जिलों में स्कूल बंद

    Fog: वाराणसी समेत 25 जिलों में छाया घना कोहरा, 15 जिलों में स्कूल बंद

    उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल: घने कोहरे और ठंड का असर

    उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में मौसम विभाग ने घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कोहरे का प्रकोप जारी है। मंगलवार को आगरा, अयोध्या, प्रयागराज जैसे शहरों में कोहरे की चादर ने दृश्यता को काफी प्रभावित किया, जिससे आम जनजीवन बाधित हो गया है।

    इस साल क्रिसमस और नए साल पर भी मौसम में सुधार की संभावना कम है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इन दिनों भीषण कोहरा पड़ेगा और सर्द हवाएं चलेंगी। अनुमान है कि क्रिसमस के दिन तापमान 6 डिग्री से 11 डिग्री के बीच रह सकता है।

    उत्तर-पच्छुआ हवाओं का आगमन

    25 दिसंबर से उत्तरी-पच्छुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार को पूर्वी और मध्य यूपी में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होगी। इसके बाद विक्षोभ का असर खत्म होगा, हवा का रुख बदलेगा और पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के कारण 25 दिसंबर से प्रदेश में गलन भरी उत्तरी-पच्छुआ हवाएं चलेंगी।

    घने कोहरे का अलर्ट जारी

    मौसम विभाग के अनुसार, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, शामली, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, संभल, बदायूं जैसे जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच सकती है, जिससे सड़क यातायात में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

    पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण सर्द हवाओं का प्रभाव बढ़ा है, जिससे तापमान 2-3 डिग्री तक गिरने की आशंका है। यह स्थिति दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे सकती है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    सरकार की तैयारी और सुरक्षा उपाय

    सरकार भी इस स्थिति को लेकर सतर्क है। राहत आयुक्त ने 25 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोहरे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो तुरंत 108 और 112 पर सूचना दें।

    एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहन चालकों की गति को 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक सीमित कर दिया गया है। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।

    ठंड से हुई जनहानि की खबरें

    हाल के दिनों में ठंड से जनहानि की भी घटनाएं सामने आई हैं। कानपुर में एक टैंकर ड्राइवर की ठंड के कारण मौत हो गई जबकि बांदा में दो व्यक्तियों की ठंड से जान चली गई। ऐसे में सभी को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    फसलों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह

    कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पर ध्यान दें। बदलते तापमान और कोहरे के कारण फसलों में कीट और रोग बढ़ सकते हैं। गेहूं की बुवाई के बाद यदि जिंक की कमी दिखे, तो उचित उपाय करें।

    • गेहूं की बुवाई के 20-30 दिन बाद पहली सिंचाई करें।
    • यदि जिंक की कमी दिखे, तो 5 किलो जिंक सल्फेट + 16 किलो यूरिया का छिड़काव करें।
    • खरपतवार नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरान, मेटासल्फ्यूरॉन का उपयोग करें।

    स्कूलों में छुट्टियां घोषित

    लखनऊ, गोंडा समेत 8 जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पहले से 7 जिलों में स्कूल बंद थे, जिससे अब कुल 15 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।

    आज का मौसम कैसा रहेगा?

    मौसम से जुड़ी अपडेट्स के लिए कृपया ध्यान दें। सभी नागरिकों से अपील है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और सतर्क रहें।

  • Gymnastics: 6 साल की निर्मित बनी चैंपियन, मेरठ में पिता के प्रेरणा से शुरू की यात्रा

    Gymnastics: 6 साल की निर्मित बनी चैंपियन, मेरठ में पिता के प्रेरणा से शुरू की यात्रा

    मेरठ की शरारती बच्ची ने जिम्नास्टिक में किया कमाल

    उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अनोखी कहानी सामने आई है, जिसमें एक छोटे से गांव में रहने वाली एक बच्ची ने अपनी शरारती प्रवृत्तियों को एक नए दिशा में मोड़ दिया है। आमतौर पर जब बच्चे शरारत करते हैं, तो उनके माता-पिता और शिक्षक उन्हें डांटते हैं या सुधारने की कोशिश करते हैं। लेकिन मुकुल कुमार ने अपनी बेटी निर्मित कौर के शरारती स्वभाव को समझा और उसे जिम्नास्टिक खेल में शामिल किया।

    निर्मित कौर, जो जनवरी 2026 में **छह साल** की हो जाएंगी, पिछले दो सालों से जिम्नास्टिक खेल से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने मेरठ जिले में अपनी उम्र के ग्रुप में **टॉपर** बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इतना ही नहीं, उन्होंने तीन बार स्टेट चैंपियनशिप में मेडल भी जीते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रतियोगिता में उनके प्रतिद्वंद्वी उनसे **5-6 साल** बड़े थे, फिर भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    निर्मित की जिम्नास्टिक यात्रा

    निर्मित ने अपनी जिम्नास्टिक यात्रा की शुरुआत अपने पिता मुकुल कुमार के प्रोत्साहन से की थी। उन्होंने बताया कि जब निर्मित ने जिम्नास्टिक का अभ्यास करना शुरू किया, तब उसे यह खेल बेहद पसंद आया। उसके बाद से उसने लगातार मेहनत की और कई मेडल जीते। अब उसका सपना है कि वह भविष्य में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अपने देश का नाम रोशन करे।

    निर्मित कौर ने बताया, “मैं रोज़ाना **दो घंटे** जिम्नास्टिक का अभ्यास करती हूं। मुझे यह खेल बहुत पसंद है और मैं इसमें और बेहतर बनना चाहती हूं।” उनके इसी जुनून ने उन्हें एक सफल एथलीट बनने की ओर अग्रसर किया है।

    कोच और परिवार का समर्थन

    कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम्नास्टिक की कोच निर्मला ने निर्मित की मेहनत की सराहना की है। उन्होंने कहा, “इस उम्र में कोई बच्चा इतनी लगन और नियमितता से नहीं खेलता। निर्मित का समर्पण अद्वितीय है।” उनके परिवार में भी अन्य बच्चे इस खेल में आते हैं, लेकिन निर्मित की लगन और मेहनत उसे अलग बनाती है।

    निर्मित के पिता, मुकुल कुमार, ने इस खेल के प्रति अपनी बेटी की रुचि को देखकर उसे जिम्नास्टिक में दाखिला दिलवाया। उन्होंने कहा, “जब निर्मित चार साल की थी, तब वह बड़ी शरारतें करती थी। मुझे लगा कि उसे अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहिए, इसलिए मैंने उसे जिम्नास्टिक में भेजा। अब उसने अपनी मेहनत से जिले में टॉप किया है।” उनकी समर्पण और बेटी की मेहनत ने उन्हें गर्वित किया है।

    निर्मित का भविष्य और प्रेरणा

    निर्मित कौर का यह सफर न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और समुदाय के लिए भी प्रेरणादायक है। जिम्नास्टिक में उनकी मेहनत और लगन ने यह साबित कर दिया है कि जब बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन किया जाता है, तो वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकते हैं और उसे निखार सकते हैं।

    निर्मित का यह सफर केवल उनके लिए नहीं, बल्कि सभी बच्चों के लिए एक उदाहरण है कि कैसे शरारती स्वभाव को सकारात्मक दिशा में मोड़कर एक सफल करियर बनाया जा सकता है। उनके माता-पिता और कोच का समर्थन इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    समाप्ति

    निर्मित कौर की कहानी हमें यह सिखाती है कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है, बस उसे पहचानने और निखारने की जरूरत होती है। जिम्नास्टिक जैसे खेल न केवल शारीरिक विकास में मदद करते हैं, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। उम्मीद है कि निर्मित अपनी मेहनत से आगे बढ़ते हुए, एक दिन अपने देश का नाम रोशन करेंगी।

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  • Elephants Celebrate Christmas: मथुरा में संरक्षण संस्था ने दिए उपहार

    Elephants Celebrate Christmas: मथुरा में संरक्षण संस्था ने दिए उपहार

    उत्तरी प्रदेश में हाथियों का क्रिसमस उत्सव

    उत्तर प्रदेश के मथुरा और आगरा स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण केंद्रों में हाल ही में क्रिसमस का आयोजन धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान, पांच विशेष हाथियों – माया, फूलकली, एम्मा, तारा, और सूरज – ने उत्सव में भाग लिया। संरक्षण केंद्र में मनाए गए इस जश्न में बचाए गए हाथियों और भालुओं के बीच खुशी का माहौल बना रहा, जो उनकी देखभाल करने वाले कर्मचारियों के साथ मिलकर इस खास दिन को और भी खास बनाता है।

    क्रिसमस के रंगों में लिपटे उपहारों और खूबसूरती से सजाए गए बाड़ों ने इस उत्सव को और भी मनमोहक बना दिया। कर्मचारियों ने सांता क्लॉज का वेश धारण कर जानवरों के साथ उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर, विशेष रूप से तैयार किए गए रहस्यमयी बक्सों में पॉपकॉर्न, मूंगफली, खजूर, नारियल और शहद जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ रखे गए थे, जिसने जानवरों की जिज्ञासा और खाद्य खोजने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित किया।

    उत्सव में शामिल हाथियों की खुशी

    हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में, माया, फूलकली, एम्मा, तारा और सूरज हाथियों ने शाम की सैर के दौरान क्रिसमस के जश्न में भाग लिया। इस अवसर पर रंग-बिरंगे फलों की दावत का आयोजन किया गया, जिसमें सावधानीपूर्वक लपेटे गए सरप्राइज बॉक्स शामिल थे। इन बॉक्स में हाथियों के पसंदीदा पौष्टिक खाद्य पदार्थ भरे गए थे, जिससे उन्हें बेहद खुशी मिली। इसके अलावा, हाथी अस्पताल परिसर में भी क्रिसमस का जश्न मनाया गया, जहां हाथिनी बानी को विशेष उपहार दिए गए, जिसे उसने बड़े उत्साह से स्वीकार किया।

    इन उपहारों के साथ सजी हुई फलों की थालियां और सोच-समझकर तैयार किए गए सरप्राइज बॉक्स ने यह सुनिश्चित किया कि हाथियों का यह जश्न न केवल मनोरंजक हो, बल्कि उनके कल्याण पर भी केंद्रित रहे। यह देखना वाकई सुखद था कि कैसे ये जानवर इस विशेष दिन का आनंद ले रहे थे।

    पशु संरक्षण का महत्व और त्योहारी गतिविधियाँ

    वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने इस अवसर पर कहा, “त्योहारी गतिविधियों के माध्यम से हम बचाए गए जानवरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ उनके लिए एक स्नेहपूर्ण वातावरण भी तैयार कर पाते हैं। यह जिम्मेदार पशु देखभाल का ही एक विस्तार है।” उनका मानना है कि इन विशेष आयोजनों के माध्यम से जानवरों को प्रेम और देखभाल का अनुभव मिलता है, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।

    वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, “ये जश्न जितना जानवरों के लिए हैं, उतने ही उनके देखभाल करने वालों के लिए भी हैं जो हर दिन उनकी सेवा में लगे रहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि दैनिक देखभाल और विश्वास के माध्यम से बना जानवरों और उनके देखभाल करने वालों के बीच का बंधन ही हमारे हर लक्ष्य का आधार है।

    पशु कल्याण के लिए संवर्धन-आधारित देखभाल

    वाइल्डलाइफ एसओएस के निदेशक कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी. ने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ पशु कल्याण को संवर्धन-आधारित देखभाल के साथ एकीकृत करने पर हमारे ध्यान को उजागर करती हैं। उनका यह भी कहना है कि यह सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है कि बचाए गए जानवरों को त्योहारी मौसम के दौरान आराम और देखभाल मिले।

    इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण केंद्रों में मनाया गया क्रिसमस केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि यह बचाए गए जानवरों के लिए एक विशेष अनुभव था, जिससे उनके जीवन में खुशी और संतोष का संचार हुआ। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल जानवरों का कल्याण होता है, बल्कि यह उनके देखभाल करने वालों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है।

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  • Silent Killer: यूपी में कोयले की अंगीठी से हुई मौत, 80KM दूर परिवार से दूर

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    कुरुक्षेत्र में कोयले की अंगीठी बनी साइलेंट किलर, 5 पेंटरों की हुई दुखद मौत

    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां उत्तर प्रदेश के पांच पेंटरों की मौत एक कोयले की अंगीठी के कारण हुई। यह घटना रविवार को हुई जब ये पेंटर सहारनपुर से कुरुक्षेत्र के जिला जेल के पास स्थित स्टर्लिंग होटल में ठहरे थे। यह पेंटर अपने घर-परिवार से लगभग 80 किलोमीटर दूर काम करने आए थे।

    पेंटरों की पहचान और उनकी पृष्ठभूमि

    मृतक पेंटरों में शेखपुरा कदीम के ठेकेदार नूर (30), उसका छोटा भाई सोनू (28), रोशनपाल (45), रोशनपाल का साला रामकुमार (42) और काजीपुर गांव का मदानपाल (40) शामिल हैं। नूर ने हाल ही में होटल में नए कमरों की पेंटिंग का ठेका लिया था।

    होटल के मालिक आनंद बजाज ने अपने स्टाफ के लिए 10-12 कमरे बनाए थे, क्योंकि पहले होटल का स्टाफ एक कोठी में रह रहा था। नए कमरे बनवाने का यह फैसला स्टाफ की सुविधा के लिए किया गया था।

    गांव में शोक की लहर

    मंगलवार को जैसे ही शेखपुरा कदीम गांव में नूर और सोनू की मौत की खबर फैली, वहां शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग एकत्रित होकर मृतकों के घर पहुंचे। नूर और सोनू की मां, भूरी को उनके निधन की सूचना नहीं दी गई है। यह स्थिति पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःखद है।

    नूर की शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियां

    नूर की शादी को केवल चार महीने हुए थे। उसने अपने बड़े भाई सोनू की शादी पहले करवाई थी, लेकिन सोनू की कोई संतान नहीं है। दोनों भाइयों पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी, और उनके निधन से परिवार पर बड़ा संकट आ गया है।

    पारिवारिक रिश्तों का दुखद अंत

    रोशनपाल की पत्नी मुनेश देवी ने बताया कि मंगलवार रात को उसने अपने पति से फोन पर बात की थी। रोशनपाल ने उसे बताया कि उन्होंने रात का खाना खा लिया है और अब सोने जा रहे हैं। लेकिन सुबह फोन न उठाने पर मुनेश को चिंता हुई।

    इस घटना में मुनेश के भाई रामकुमार की भी मौत हुई। रामकुमार और रोशनपाल एक साथ काम करते थे। रोशनपाल के तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य दो बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

    मदानपाल की दुखद स्थिति

    काजीपुर गांव के मदानपाल भी नूर के साथ काम करने आए थे। मदान अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसकी पत्नी को जब मदान की मौत की खबर मिली, तो वह बेसुध हो गई। मदान अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है।

    पेंटिंग के काम के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे पेंटर

    नूर ने 21 दिसंबर को अपने भाई और अन्य पेंटरों के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा था। उन्होंने सोमवार को काम किया था और शाम को होटल में आराम करने के लिए लौटे थे। यह घटना तब हुई जब सभी पेंटर एक कमरे में सो रहे थे।

    पुलिस कार्रवाई और जांच

    सुबह जब होटल का स्टाफ उन पेंटरों को जगाने गया, तो सभी को मृत पाया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर LNJP अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई है कि उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई है। आज यानी बुधवार को उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।

    निष्कर्ष

    यह घटना न केवल मृतकों के परिवारों के लिए भारी सदमा है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि हम अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि हमें अपनी और दूसरों की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।

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  • Quiz: उत्तर प्रदेश में जीतो 1 करोड़, 50 विनर्स का ऐलान!

    Quiz: उत्तर प्रदेश में जीतो 1 करोड़, 50 विनर्स का ऐलान!

    उत्तर प्रदेश: “जीतो 1 करोड़ QUIZ” में विजेताओं की घोषणा

    उत्तर प्रदेश में दैनिक भास्कर एप के माध्यम से आयोजित ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ के परिणाम सामने आ चुके हैं। 23 दिसंबर, 2025 को आयोजित इस क्विज में भाग लेकर सभी प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले 50 भाग्यशाली विजेताओं की सूची जारी की गई है। यह प्रतियोगिता न केवल ज्ञानवर्धन का एक माध्यम है, बल्कि प्रतिभागियों को शानदार पुरस्कार जीतने का एक सुनहरा अवसर भी प्रदान करती है।

    इस प्रतियोगिता में भाग लेकर विजेताओं ने “हनीवेल सुओनो नेकबैंड” जैसे आकर्षक पुरस्कार जीते हैं। यह प्रतियोगिता न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह तकनीकी उत्पादों के प्रति लोगों की रुचि को भी बढ़ावा देती है। दैनिक भास्कर एप पर यह क्विज बेहद लोकप्रिय हो चुकी है और प्रतिदिन हजारों लोग इसमें भाग लेते हैं।

    प्रतियोगिता की विशेषताएँ

    ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ में भाग लेने की प्रक्रिया बेहद सरल है। प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर आधारित प्रश्नों का उत्तर देना होता है। सही उत्तर देने पर उन्हें पुरस्कार जीतने का मौका मिलता है। इसके अलावा, प्रतियोगिता में भाग लेकर रोजाना पुरस्कार जीतने का अवसर भी मिलता है। इस प्रकार, यह खेल न केवल ज्ञानवर्धन करता है बल्कि लोगों को इनाम भी देता है।

    प्रतियोगिता की खासियत यह है कि इसमें भाग लेकर प्रतिभागी न केवल दैनिक पुरस्कार जीत सकते हैं, बल्कि बंपर पुरस्कार भी जीतने का मौका प्राप्त करते हैं। ऐसे में, जो लोग इस प्रतियोगिता में नियमित रूप से भाग लेते हैं, उनके पुरस्कार जीतने की संभावना भी बढ़ जाती है।

    कैसे करें भागीदारी?

    यदि आप भी इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं, तो आपको दैनिक भास्कर एप डाउनलोड करना होगा। एप में ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ सेक्शन में जाकर प्रश्नों का सही उत्तर दें। इस प्रतियोगिता में भाग लेकर आप रोजाना पुरस्कार जीत सकते हैं और साथ ही बंपर पुरस्कार जीतने का मौका भी पा सकते हैं।

    • दैनिक भास्कर एप डाउनलोड करें।
    • ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ सेक्शन में जाएं।
    • प्रश्नों का सही उत्तर दें।
    • प्रतिदिन भाग लेकर पुरस्कार जीतने का प्रयास करें।

    क्यों है यह प्रतियोगिता इतनी लोकप्रिय?

    ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसका ज्ञानवर्धन पहलू है। लोग न केवल पुरस्कार जीतने के लिए बल्कि अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं। इसके साथ ही, प्रतियोगिता में शामिल होने से लोगों में प्रतिस्पर्धा की भावना भी बढ़ती है।

    इस तरह की प्रतियोगिताएँ न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि वे सामाजिक जुड़ाव और सामूहिक भागीदारी को भी बढ़ावा देती हैं। प्रतिभागियों को अपने मित्रों और परिवार के साथ भी इस प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिलता है, जिससे यह और भी मजेदार बन जाती है।

    विशेष पुरस्कारों की जानकारी

    इस प्रतियोगिता के तहत विजेताओं को दिए जाने वाले पुरस्कारों में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल हैं। “हनीवेल सुओनो नेकबैंड” जैसे पुरस्कारों के अलावा, प्रतियोगिता में अन्य आकर्षक इनाम भी शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को और भी उत्साहित करते हैं।

    प्रतियोगिता में भाग लेने वाले लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे रोजाना प्रश्नों का उत्तर दें, ताकि उनकी जीतने की संभावना बढ़ सके। इसके साथ ही, प्रतियोगिता में भाग लेने का यह एक मजेदार तरीका है, जिससे लोग अपने ज्ञान का विस्तार कर सकते हैं।

    निष्कर्ष

    ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक शानदार अवसर है, जिसमें वे ज्ञानवर्धन के साथ-साथ पुरस्कार जीतने का मौका भी हासिल कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता में भाग लेकर आप न केवल अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं, बल्कि दैनिक और बंपर पुरस्कार जीतने का भी मौका प्राप्त कर सकते हैं। तो देर किस बात की है, आज ही दैनिक भास्कर एप पर जाएं और ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ में भाग लें।

    अभी खेलें और अपने ज्ञान को बढ़ाएं! 

  • Festival: आजमगढ़ महोत्सव का शुभारंभ आज, अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा

    Festival: आजमगढ़ महोत्सव का शुभारंभ आज, अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा

    आजमगढ़ महोत्सव की भव्य तैयारी

    आजमगढ़ जिले में आगामी पांच दिवसीय आजमगढ़ महोत्सव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इस महोत्सव का उद्घाटन 25 दिसंबर 2025 को शाम 4:00 बजे किया जाएगा। इस महोत्सव में न केवल स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियाँ होंगी, बल्कि स्कूल के बच्चों द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। शाम को 7:00 बजे से 9:00 बजे तक अंजुम रहबर और अन्य प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा गजल संध्या का आयोजन किया जाएगा।

    भव्य कलाकारों की लाइनअप

    महोत्सव के दौरान कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। अरविंद अकेला और डिंपल सिंह का कार्यक्रम विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगा। 25 दिसंबर 2025 को शाम 7:00 बजे से 9:00 बजे तक हरिहरपुर घराना के कलाकार भजन संध्या प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न प्रसिद्ध कवि जैसे डॉ. सुनील जोगी, शंभू शिखर, और सर्वेश अस्थाना अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।

    बॉलीवुड नाइट और भोजपुरी नाइट का आयोजन

    महोत्सव का एक और आकर्षण 27 दिसंबर 2025 को होगा, जब जतिन निगम, जो कि इंडियन आइडल के प्रसिद्ध प्रतियोगी हैं, अपनी बॉलीवुड नाइट की प्रस्तुति देंगे। इस कार्यक्रम में दर्शकों को बॉलीवुड के प्रसिद्ध गानों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। महोत्सव का समापन 28 दिसंबर 2025 को होगा, जिसमें अरविंद अकेला (कल्लू) और डिंपल सिंह द्वारा भोजपुरी नाइट का आयोजन किया जाएगा।

    अन्य आकर्षण और गतिविधियाँ

    आजमगढ़ महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है। इस महोत्सव में कई अन्य आकर्षण भी होंगे जैसे:

    • फन फेयर झूला मेला: बच्चों और परिवारों के लिए विभिन्न झूलों और खेलों का आयोजन किया जाएगा।
    • फूड-कोर्ट: विभिन्न प्रकार के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा।
    • ओडीओपी स्टाल: एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी।
    • खादी ग्रामोद्योग स्टाल: खादी एवं ग्रामोद्योग से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन।
    • विभागीय योजनाओं का स्टाल: सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी देने वाले स्टाल।
    • वाहन प्रदर्शनी: विभिन्न प्रकार के वाहनों की प्रदर्शनी, जो तकनीकी प्रगति को दर्शाती है।

    समापन समारोह की विशेषताएँ

    आजमगढ़ महोत्सव का समापन समारोह न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा उत्सव भी होगा। यह महोत्सव लोगों को एकत्रित करने और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल मनोरंजन करना है, बल्कि स्थानीय कलाकारों और संस्कृति को भी बढ़ावा देना है।

    इस प्रकार, आजमगढ़ महोत्सव एक ऐसा अवसर है जो न केवल स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास और सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देगा। इस महोत्सव में भाग लेने के लिए सभी को आमंत्रित किया गया है ताकि वे इस अद्भुत सांस्कृतिक अनुभव का हिस्सा बन सकें।

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  • Fog Impact: कानपुर सेंट्रल पर 47 ट्रेनें लेट, परीक्षार्थियों में हड़कंप

    Fog Impact: कानपुर सेंट्रल पर 47 ट्रेनें लेट, परीक्षार्थियों में हड़कंप

    कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनें लेट, यात्रियों को हुई परेशानी

    कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात को यात्रियों को **भीषण ठंड** में देर रात तक प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ा। घने कोहरे और ट्रेन के संचालन में बाधा के कारण कई ट्रेनें **4 से 7 घंटे** तक लेट हो गईं। इससे न केवल आम यात्री, बल्कि परीक्षा के लिए आए परीक्षार्थी भी परेशान हुए। इस स्थिति ने कानपुर में रेलवे यात्रा की कठिनाइयों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

    कोहरे का प्रभाव: ट्रेनें देरी से पहुंचीं

    कानपुर में हाड़ कंपाने वाली सर्दी और घने कोहरे के चलते **वंदे भारत**, **राजधानी** और अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें कई घंटों की देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। इस दौरान यात्री ठंड से ठिठुरते हुए प्लेटफार्म पर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंगलवार को, विशेष रूप से **ग्रुप-डी परीक्षा** के लिए आए परीक्षार्थियों की संख्या अधिक थी, जिन्होंने आगरा और आसपास के जिलों में परीक्षा केंद्रों का रुख किया था।

    • वंदे भारत (20175) ट्रेन **3.03 घंटे** लेट हुई।
    • अयोध्या कैंट से आनंद विहार जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (22425) **3.16 घंटे** लेट हुई।
    • हावड़ा राजधानी (12302) **6 घंटे 54 मिनट** की देरी से पहुंची।
    • सियालदाह राजधानी (12314) **7 घंटे 34 मिनट** लेट रही।

    इन देरी से चलने वाली ट्रेनों ने यात्रियों को **शीतलहर** का सामना करने पर मजबूर कर दिया। कुछ यात्रियों ने एक्जीक्यूटिव लाउंज और वेटिंग रूम में जाकर अपनी यात्रा का इंतजार किया, जबकि अन्य सामान्य यात्री प्लेटफार्म पर ही ठंड में ठिठुरते रहे।

    यात्रियों की प्रतिक्रिया: परीक्षा के लिए चिंता

    कई परीक्षार्थियों ने अपनी चिंता व्यक्त की। मोहित कुमार, जो आगरा जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, ने कहा, “मुझे **10:30 बजे** तक आगरा पहुंच जाना था, लेकिन ट्रेन काफी लेट है। अब मेरी सुबह की ग्रुप-डी परीक्षा में शामिल होने में काफी देरी हो जाएगी।”

    धर्मेंद्र कुमार ने भी अपनी परेशानी बताई। उन्होंने कहा, “मुझे इंटरसिटी ट्रेन से आगरा जाना था, लेकिन अब ट्रेन लगभग **तीन घंटे** लेट हो गई है। अब हम देर रात तक ही आगरा पहुंच पाएंगे, जबकि सोचा था कि समय पर पहुंच जाएंगे।”

    रेलवे प्रशासन की स्थिति

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को इस स्थिति के लिए माफी मांगी है और कहा है कि वे इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या और ट्रेनों की लगातार देरी ने रेलवे सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। सर्दी के मौसम में यह स्थिति और भी चिंताजनक बन जाती है, खासकर जब यात्रियों को ठंड के बीच घंटों तक प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ता है।

    आगे की योजनाएं और सुझाव

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे को कोहरे के दौरान ट्रेनों की गति को नियंत्रित करने और यात्रियों को समय पर जानकारी देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, प्लेटफार्मों पर उचित गर्मी की व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी ठोस उपाय किए जाने चाहिए।

    इस प्रकार, कानपुर सेंट्रल पर हुई यह घटना न केवल यात्रियों के लिए एक कठिनाई का कारण बनी, बल्कि यह रेलवे प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है। आने वाले दिनों में यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही, तो यात्रियों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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