कुरुक्षेत्र में कोयले की अंगीठी बनी साइलेंट किलर, 5 पेंटरों की हुई दुखद मौत
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां उत्तर प्रदेश के पांच पेंटरों की मौत एक कोयले की अंगीठी के कारण हुई। यह घटना रविवार को हुई जब ये पेंटर सहारनपुर से कुरुक्षेत्र के जिला जेल के पास स्थित स्टर्लिंग होटल में ठहरे थे। यह पेंटर अपने घर-परिवार से लगभग 80 किलोमीटर दूर काम करने आए थे।
पेंटरों की पहचान और उनकी पृष्ठभूमि
मृतक पेंटरों में शेखपुरा कदीम के ठेकेदार नूर (30), उसका छोटा भाई सोनू (28), रोशनपाल (45), रोशनपाल का साला रामकुमार (42) और काजीपुर गांव का मदानपाल (40) शामिल हैं। नूर ने हाल ही में होटल में नए कमरों की पेंटिंग का ठेका लिया था।
होटल के मालिक आनंद बजाज ने अपने स्टाफ के लिए 10-12 कमरे बनाए थे, क्योंकि पहले होटल का स्टाफ एक कोठी में रह रहा था। नए कमरे बनवाने का यह फैसला स्टाफ की सुविधा के लिए किया गया था।
गांव में शोक की लहर
मंगलवार को जैसे ही शेखपुरा कदीम गांव में नूर और सोनू की मौत की खबर फैली, वहां शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग एकत्रित होकर मृतकों के घर पहुंचे। नूर और सोनू की मां, भूरी को उनके निधन की सूचना नहीं दी गई है। यह स्थिति पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुःखद है।
नूर की शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियां
नूर की शादी को केवल चार महीने हुए थे। उसने अपने बड़े भाई सोनू की शादी पहले करवाई थी, लेकिन सोनू की कोई संतान नहीं है। दोनों भाइयों पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी, और उनके निधन से परिवार पर बड़ा संकट आ गया है।
पारिवारिक रिश्तों का दुखद अंत
रोशनपाल की पत्नी मुनेश देवी ने बताया कि मंगलवार रात को उसने अपने पति से फोन पर बात की थी। रोशनपाल ने उसे बताया कि उन्होंने रात का खाना खा लिया है और अब सोने जा रहे हैं। लेकिन सुबह फोन न उठाने पर मुनेश को चिंता हुई।
इस घटना में मुनेश के भाई रामकुमार की भी मौत हुई। रामकुमार और रोशनपाल एक साथ काम करते थे। रोशनपाल के तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य दो बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
मदानपाल की दुखद स्थिति
काजीपुर गांव के मदानपाल भी नूर के साथ काम करने आए थे। मदान अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसकी पत्नी को जब मदान की मौत की खबर मिली, तो वह बेसुध हो गई। मदान अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है।
पेंटिंग के काम के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे पेंटर
नूर ने 21 दिसंबर को अपने भाई और अन्य पेंटरों के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचा था। उन्होंने सोमवार को काम किया था और शाम को होटल में आराम करने के लिए लौटे थे। यह घटना तब हुई जब सभी पेंटर एक कमरे में सो रहे थे।
पुलिस कार्रवाई और जांच
सुबह जब होटल का स्टाफ उन पेंटरों को जगाने गया, तो सभी को मृत पाया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर LNJP अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई है कि उनकी मौत दम घुटने के कारण हुई है। आज यानी बुधवार को उनके शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल मृतकों के परिवारों के लिए भारी सदमा है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि हम अपने कार्यस्थलों पर सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि हमें अपनी और दूसरों की सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।






