अमेठी में पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया
अखिलेश कुमार सोनी | अमेठी जिला – अमेठी पुलिस ने एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी से 19 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों के पास से 6 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए दो ठग मिर्जापुर और एक वाराणसी जिले का निवासी है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताओं को जन्म दिया है।
साइबर ठगों की चालाकी
यह घटना बाजार शुकुल थाना क्षेत्र की है, जहां पूरे बना मजरे बाहरपुर गांव के निवासी सेवानिवृत्त रेलवे गैंगमैन बृजमोहन पुत्र महाराजदीन को करीब दो सप्ताह पहले साइबर ठगों ने निशाना बनाया था। ठगों ने पेंशन चालू करवाने के बहाने उनके खाते से 19 लाख 28 हजार रुपये निकाल लिए थे। यह रकम अचानक गायब होने के बाद, सेवानिवृत्त कर्मचारी ने बाजार शुकुल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की तत्परता से गिरफ्तारी
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से ठगों की तलाश शुरू की। आज सुबह करीब चार बजे पुलिस को सूचना मिली कि भाले गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंडरपास के नीचे ये ठग मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों ठगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस तेजी से कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाया है।
गिरफ्तार ठगों की पहचान
गिरफ्तार ठगों की पहचान वाराणसी के थाना रामपुर निवासी प्रणव प्रताप सिंह पुत्र राजीव सिंह, मिर्जापुर के कोतवाली कटरा निवासी आकाश सिंह पुत्र प्रदीप सिंह और मिर्जापुर के थाना ड्रामडगंज निवासी सिद्धार्थ सिंह पुत्र संतोष सिंह के रूप में हुई है। इनके पास से 6 हजार रुपये बरामद हुए, जो ठगी की रकम में से एक हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
साइबर ठगी से बचने के उपाय
इस घटना ने साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए। यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं:
- अज्ञात नंबरों से आने वाले फोन कॉल या संदेशों पर ध्यान न दें।
- व्यक्तिगत जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर, पिन आदि को किसी के साथ साझा न करें।
- यदि कोई व्यक्ति आपको पैसे भेजने के लिए कहता है, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
- साइबर अपराध की घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
साइबर ठगी की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं, और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। पुलिस और प्रशासन को भी इस दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निष्कर्ष
अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपराधियों के खिलाफ सख्त हैं। इस तरह की घटनाओं के माध्यम से नागरिकों को सतर्क रहकर अपने धन और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करनी चाहिए। इस मामले में गिरफ्तार ठगों की आगे की जांच से संभावना है कि और भी ठगों का पर्दाफाश होगा।






