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  • Controversy: बिहार के MLDPK यादव डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल पद का विवाद गहराया

    Controversy: बिहार के MLDPK यादव डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल पद का विवाद गहराया

    पूर्णिया यूनिवर्सिटी के कॉलेज में प्रिंसिपल पद का विवाद, एफआईआर दर्ज

    पूर्णिया यूनिवर्सिटी से जुड़े MLDPK यादव डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल पद को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा हो गया है। नगर थाना अररिया में पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में नगर थाना पुलिस का कहना है कि एफआईआर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सभी आरोपों की बारीकी से जांच दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

    प्रभारी प्रधानाचार्य प्रोफेसर वकील सिंह द्वारा 15 दिसंबर 2025 को नगर थाना में दी गई आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य पर कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। इस आवेदन के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

    कॉलेज की तदर्थ समिति की बैठक में क्या हुआ?

    प्रभारी प्रधानाचार्य प्रोफेसर वकील सिंह ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि महाविद्यालय की तदर्थ समिति की बैठक 18 जुलाई 2025 को आयोजित की गई थी। इस बैठक में अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अररिया तथा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि डॉ. संजय कुमार सिंह शामिल थे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा को वित्तीय अनियमितताओं के चलते पद से हटाया जाए और प्रोफेसर वकील सिंह को नया प्रभारी प्रधानाचार्य नियुक्त किया जाए।

    इसके बाद, तदर्थ समिति के सचिव और अररिया SDO द्वारा प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा को निर्देश दिया गया कि वे महाविद्यालय का प्रभार नए प्रभारी प्रधानाचार्य को सौंप दें, ताकि सभी शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से चल सकें। लेकिन आरोप है कि पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य ने इस आदेश का पालन नहीं किया और इसके खिलाफ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।

    हाईकोर्ट का आदेश और उसके परिणाम

    पटना हाईकोर्ट ने 18 सितंबर 2025 को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अस्थायी रोक लगा दी थी। आरोप है कि इस आदेश का गलत फायदा उठाते हुए प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा ने खुद को अनधिकृत रूप से महाविद्यालय का प्रधानाचार्य बताते हुए कॉलेज के लेटर पैड का उपयोग करना शुरू कर दिया।

    उन्होंने विश्वविद्यालय और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर यह दर्शाने की कोशिश की कि उन्हें हाईकोर्ट ने प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करने की अनुमति दी है। इस पत्राचार से स्पष्ट होता है कि हाईकोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर निजी लाभ के लिए पत्र भेजे जा रहे थे।

    तदर्थ समिति की बैठक और एफआईआर की प्रक्रिया

    मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 दिसंबर को महाविद्यालय की तदर्थ समिति की एक बैठक सांसद प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई। इस बैठक में विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्रों और कुलसचिव के निर्देशों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद सचिव सह अररिया SDO इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य प्रोफेसर इंदु कुमार सिन्हा ने अपनी बदनीयती से विश्वविद्यालय और सामान्य प्रशासन को गुमराह किया है।

    इस प्रकार कॉलेज के लेटर पैड का गलत इस्तेमाल कर अभिलेखों में हेरफेर करने और अधिकारियों के सामने गलत दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आते हैं। इसके बाद तदर्थ समिति के प्रस्ताव के आधार पर प्रभारी प्रधानाचार्य प्रोफेसर वकील सिंह को पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, जिसके फलस्वरूप नगर थाना अररिया में एफआईआर दर्ज कराई गई।

    इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के परिणाम का सभी को इंतजार है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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  • Theft: सीवान में 16 दुकानों से कैश-सामान चोरी, एक चोर गिरफ्तार

    Theft: सीवान में 16 दुकानों से कैश-सामान चोरी, एक चोर गिरफ्तार

    सीवान में चोरों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को दी चुनौती

    बीती रात सीवान के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सलोनेपुर मोड़ पर चोरों ने एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। अंधेरे का फायदा उठाते हुए चोरों ने तीन मार्केट की 16 दुकानों के ताले तोड़ दिए। यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब अपराधियों में पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। चोरों ने पूरी तैयारी के साथ रॉड, लोहे के औजारों और अन्य उपकरणों के साथ वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान घंटों तक चोरी की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी का न होना और किसी पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति ने इस चोरी को और भी आसान बना दिया।

    स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यदि समय पर पुलिस गश्ती होती तो इस बड़ी चोरी को रोका जा सकता था। घटना की सुनवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और एक चोर को पकड़ने में सफल रहे, जबकि उसके दो साथी भागने में सफल रहे। पकड़े गए चोर की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई की, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना न केवल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा के प्रति भी चिंता व्यक्त करती है।

    ग्रामीणों की सक्रियता से एक चोर की हुई गिरफ्तारी

    चोरी के दौरान जब एक हार्डवेयर दुकान में हलचल हुई, तो स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाया। इस शोर से जागरूक होकर ग्रामीणों ने दौड़कर एक चोर को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी मौके से भाग निकले। पकड़े गए चोर की पहचान के बाद स्थानीय लोगों ने उसे बुरी तरह से पीटा, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि स्थानीय समुदाय अपनी सुरक्षा को लेकर सजग है और वे आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हो रहे हैं।

    पीड़ित दुकानदारों की शिकायतें और पुलिस का रुख

    पीड़ित दुकानदारों में नजीबुल हक टेलर, डॉक्टर शहादत अंसारी, सने बाबू, इजहार अंसारी, बाबूजान, फैयाजुल रहमान, नन्हे आलम हार्डवेयर दुकानदार सहित अन्य शामिल हैं। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय होती, तो इस घटना को रोका जा सकता था। पुलिस की चूक ने न केवल दुकानदारों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि स्थानीय लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वसनीयता को भी कमजोर किया है।

    पकड़े गए चोर ने अन्य अपराधियों का किया खुलासा

    पकड़े गए चोर ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया कि उसने सोनू और भोला नामक दो अन्य चोरों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस खुलासे ने पुलिस को इस मामले में और भी गहराई से जांच करने के लिए प्रेरित किया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस घटनास्थल पर काफी देर से पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

    पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

    हुसैनगंज थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने चोरी की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक चोर को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल पीड़ितों की ओर से कोई आवेदन नहीं मिला है। जैसे ही आवेदन प्राप्त होगा, प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

    इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों में पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है। स्थानीय लोगों की सजगता और एकजुटता इस बात का संकेत है कि वे अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए खड़े होने को तैयार हैं। लेकिन, इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी अपनी व्यवस्था में सुधार लाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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  • Arrest: गोपालगंज के थावे मंदिर का मास्टरमाइंड, चोरी की 5 दिन पहले की थी रेकी

    Arrest: गोपालगंज के थावे मंदिर का मास्टरमाइंड, चोरी की 5 दिन पहले की थी रेकी

    गोपालगंज में थावे भवानी मंदिर में हुई चोरी का खुलासा

    बिहार के गोपालगंज में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल थावे भवानी मंदिर में हुई 1.08 करोड़ रुपए की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस चोरी के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके एक अन्य साथी की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी पूरी तरह से पेशेवर तरीके से की गई थी और इसकी योजना आरोपी ने कई दिनों तक की थी।

    चोरी की घटना का विवरण

    17 दिसंबर की रात, चोरों ने थावे भवानी मंदिर के गर्भगृह में घुसकर मां दुर्गा की प्रतिमा से सोने-चांदी के हार, लॉकर में रखा मुकुट और अन्य बहुमूल्य आभूषण चुरा लिए थे। इसके साथ ही मंदिर परिसर में रखी लगभग 50 किलो वजनी दानपेटी भी चोर उठा ले गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 1.08 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

    पुलिस की कार्यवाही और छापेमारी

    पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चोरी के खुलासे के लिए 12 विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। पांच दिनों तक लगातार बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में छापेमारी की गई। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।

    उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमुनिया थाना क्षेत्र से आरोपी दीपक राय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान दीपक ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।

    आरोपी का आपराधिक इतिहास

    पुलिस ने बताया कि दीपक राय एक पेशेवर मंदिर चोर है और उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। वह पहले भी कई मंदिरों में चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। मार्च 2025 में, उसने मध्य प्रदेश के महू जिले के शीतला माता मंदिर में चोरी की थी और उस मामले में वह जेल गया था। 13 नवंबर 2025 को वह जेल से छूटकर बाहर आया और फिर से चोरी की योजना बनानी शुरू कर दी।

    चोरी की योजना और तैयारी

    जेल से बाहर आने के बाद दीपक ने गोपालगंज के थावे मंदिर और पुणे के एक बड़े मंदिर की रेकी शुरू की। उसने गूगल सर्च के माध्यम से मंदिर के संरचना, गर्भगृह, मां दुर्गा के मुकुट और आभूषणों की पूरी जानकारी इकट्ठा की। पुलिस के अनुसार, दीपक ने मोबाइल में मंदिर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी सर्च की थी, जिससे चोरी इतनी सटीक और योजनाबद्ध तरीके से की गई।

    दीपक ने 10 और 11 दिसंबर की रात थावे मंदिर में खुद आकर रेकी की थी। उसने तय किया कि मंदिर में कहां से प्रवेश करना है, गर्भगृह तक कैसे पहुंचना है और चोरी के बाद सुरक्षित निकलने का रास्ता कौन-सा होगा।

    चोरी की विधि और तरीके

    चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए दीपक और उसका साथी मंदिर के पीछे के एक अर्धनिर्मित मकान से रस्सी के सहारे मंदिर परिसर में दाखिल हुए। गर्भगृह में पहुंचकर मां दुर्गा के बहुमूल्य आभूषण और दानपेटी चोरी कर ली। घटना के बाद, आरोपी गांव के रास्तों से निकलते हुए अपने घर पहुंच गया।

    चोरी के सामान की बरामदगी

    पुलिस ने बताया कि दीपक ने चोरी के आभूषण अपने पास नहीं रखे थे, बल्कि उसने सभी कीमती गहने अपने दूसरे साथी को सौंप दिए थे। इस कारण अभी तक आभूषण बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस ने दीपक के पास से रॉड कटर, चोरी के समय पहने गए कपड़े, मोबाइल फोन (जिसमें थावे मंदिर की पूरी सर्च हिस्ट्री मिली), बाइक और बैग बरामद किए हैं।

    आरोपी की मानसिकता और फिल्में

    पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि दीपक हमेशा मंदिरों को अपना टारगेट बनाता था और चोरी से पहले उसने कई चोरी से जुड़ी फिल्में देखी थीं। उसने खासकर एक बिहार आधारित मूवी देखी थी जिसमें पुलिस कैसे अपराधियों तक पहुंचती है, उसकी पूरी जानकारी थी।

    दूसरे आरोपी की तलाश

    पुलिस ने बताया कि दूसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी किए गए आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे। इस चोरी के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    इस प्रकार, गोपालगंज के थावे भवानी मंदिर में हुई चोरी की घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया है। पुलिस की तत्परता से इस मामले का खुलासा होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंधों को और सख्त किया जाए।

  • Election: ‘चुनाव में मायका बताकर वोट लिया, विकास ठप’ – वार्ड पार्षद का मेयर पर आरोप

    Election: ‘चुनाव में मायका बताकर वोट लिया, विकास ठप’ – वार्ड पार्षद का मेयर पर आरोप

    भागलपुर में वार्ड पार्षद का भूख हड़ताल: स्थानीय विकास कार्यों की मांग

    भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों की धीमी गति और अव्यवस्था को लेकर वार्ड संख्या-13 के पार्षद रंजीत मंडल के नेतृत्व में एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। इस हड़ताल में स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। पार्षद मंडल ने स्थानीय लोगों को हो रही दिक्कतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों में की जा रही अनदेखी से नागरिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

    रंजीत मंडल ने आरोप लगाया कि नगर निगम की मेयर वसुंधरा लाल ने वार्ड संख्या-13 के विकास कार्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि वार्ड में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, नाला, पेयजल और सफाई की व्यवस्था अत्यंत खराब स्थिति में है। इसके बावजूद, उन्होंने बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।

    भूख हड़ताल के दौरान उठाई गई मांगें

    • सड़क और नालियों की मरम्मत और विकास
    • पेयजल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था
    • साफ-सफाई और स्वच्छता के लिए उचित उपाय

    भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने मेयर के रवैये को पक्षपातपूर्ण बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। रंजीत मंडल ने कहा कि जब भी वे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो मेयर द्वारा उसे रोका जाता है। यह स्थिति वार्ड में विकास को ठप कर रही है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    पार्षद ने चुनाव के समय किए गए वादों को याद करते हुए कहा कि मेयर ने परवर्ती क्षेत्र को अपना “मायका” बताते हुए विकास का भरोसा दिया था, लेकिन अब यह सब केवल भाषणों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि कई बार इस मुद्दे पर मेयर से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

    स्थानीय लोगों की नाराजगी और चेतावनी

    धरना स्थल पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने मेयर के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की और चेतावनी दी कि यदि वार्ड संख्या-13 में विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस बीच, मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

    स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि उनके पास विकास कार्यों की कमी के कारण कई समस्याएं हैं, जिसमें यातायात की समस्या, जल निकासी की कमी, और सफाई की स्थिति शामिल हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से स्थानीय नागरिकों की जीवनशैली पर बुरा असर पड़ रहा है।

    समाज के प्रति जिम्मेदारी

    नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह सभी वार्डों में विकास कार्यों को समानता से आगे बढ़ाए और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करे। वार्ड संख्या-13 के निवासियों की ये समस्याएं केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि नगर निगम अपने कार्यों में सुधार करे और नागरिकों की आवाज़ को सुने।

    भूख हड़ताल के माध्यम से वार्ड पार्षद और स्थानीय निवासियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खड़े हैं और किसी भी प्रकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे में नगर निगम की मेयर और अन्य अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।

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  • Liquor News: भागलपुर में झारखंड से लाई गई 85.875 लीटर शराब पकड़ी

    Liquor News: भागलपुर में झारखंड से लाई गई 85.875 लीटर शराब पकड़ी

    भागलपुर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा

    नए साल के आगमन के अवसर पर भागलपुर में एक बड़ी शराब की खेप पकड़ी गई है। पुलिस ने लोदीपुर थाना क्षेत्र के हजारा पोखर के पास एक ऑटो से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। यह शराब झारखंड से लाकर भागलपुर में खपाने की योजना थी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी है।

    पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

    सूत्रों के अनुसार, डायल 112 की टीम को सूचना मिली थी कि एक ऑटो संदिग्ध अवस्था में तेज रफ्तार से जा रहा है। जैसे ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ऑटो की तलाशी ली, उन्होंने देखा कि चालक और तस्कर वाहन को छोड़कर भाग चुके थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने ऑटो के अंदर बनाए गए तहखाने जैसे बॉक्स से लगभग 85.875 लीटर विदेशी शराब बरामद की। इस शराब को छिपाने की विधि इतनी कुशलता से की गई थी कि सामान्य जांच में इसका पता लगाना मुश्किल था।

    तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश

    लोदीपुर थाना अध्यक्ष घनश्याम कुमार ने कहा कि शराबबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और फरार तस्करों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि वे तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस के अनुसार, वे जल्द ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करने में सफल होंगे।

    नए साल के मौके पर पुलिस की चौकसी

    नए साल के मौके पर शराब तस्करी की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने अपनी चौकसी को मजबूत कर दिया है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा सके। बॉर्डर एरिया में पहले से ही पुलिस की तैनाती की गई है, जिससे तस्करी की गतिविधियों पर नकेल कसी जा सके।

    पुलिस की सतर्कता से मिली सफलता

    पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि वे शराब तस्करी के खिलाफ सख्त हैं और इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। भागलपुर में इस तरह की तस्करी के मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए पुलिस ने सभी संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही अन्य तस्करों को भी पकड़ने में सफल होंगे और इस नेटवर्क को समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

    समुदाय से सहयोग की अपील

    इस संदर्भ में, पुलिस ने समुदाय से सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसके माध्यम से तस्करी के मामलों पर नियंत्रण पाया जा सकता है और समाज को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

    निष्कर्ष

    भागलपुर में शराब तस्करी का यह मामला पुलिस की तत्परता और सतर्कता को दर्शाता है। नए साल के अवसर पर तस्करों की गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस ने जो कदम उठाए हैं, वे न केवल प्रभावी हैं बल्कि समाज को सुरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस तरह की कार्रवाइयों से यह संदेश भी जाता है कि कानून की नजरें तस्करों पर हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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  • Fair: जमुई में अंतर्राष्ट्रीय किसान दिवस पर एग्रीकल्चर एग्जिबिशन का उद्घाटन

    Fair: जमुई में अंतर्राष्ट्रीय किसान दिवस पर एग्रीकल्चर एग्जिबिशन का उद्घाटन

    जमुई में अंतर्राष्ट्रीय किसान दिवस पर मेला आयोजित

    जमुई के मलयपुर स्थित जिला कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार और जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने भाग लिया। यह मेला देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सम्मान देना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है।

    जिला कृषि पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि इस मेले का आयोजन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। किसानों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का यह एक महत्वपूर्ण मंच है।

    सरकारी योजनाओं की जानकारी

    इस मेले में किसानों को कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इन योजनाओं में शामिल हैं:

    • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
    • कृषि यांत्रिकीकरण योजना
    • फसल बीमा योजना
    • किसान क्रेडिट कार्ड योजना
    • परंपरागत खेती विकास योजना
    • डिजिटल क्रॉप सर्वे

    अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को इन कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। इस प्रकार की जानकारी से किसानों को सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

    कृषि प्रदर्शनी में स्टॉल्स की व्यवस्था

    कृषि प्रदर्शनी में किसानों द्वारा उत्पादित फसलों के 15 प्रकार के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों में उन्नत बीज, विभिन्न प्रकार की सब्जियां, अनाज और नवाचार आधारित कृषि उत्पाद प्रदर्शित किए गए। यह प्रदर्शनी न केवल किसानों के लिए एक व्यापारिक मंच थी, बल्कि उनके प्रयासों को प्रदर्शित करने का भी एक अवसर था।

    जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद स्थापित कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ किसानों को प्रेरित करती हैं और उन्हें अपने उत्पादों को बाजार में लाने का अवसर प्रदान करती हैं।

    समापन समारोह में सम्मान

    कार्यक्रम के समापन समारोह में बेहतर उत्पादन और कृषि नवाचारों के लिए किसानों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने किसानों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाया। उन्होंने अपने काम को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा ली और भविष्य में और अधिक मेहनत करने का संकल्प लिया।

    इस कार्यक्रम ने सभी उपस्थित किसानों को एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि सरकार उनके साथ है। इस तरह के आयोजनों से न केवल किसानों को लाभ होता है, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की नई संभावनाएं भी खुलती हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय किसान दिवस के इस अवसर पर आयोजित मेला किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हुआ। यह आयोजन न केवल कृषि के विकास के लिए आवश्यक संसाधनों और जानकारी को साझा करने का माध्यम बना, बल्कि किसानों की एकजुटता को भी प्रदर्शित किया।

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  • Accident: जमुई में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूल संचालक घायल, ड्राइवर गिरफ्तार

    Accident: जमुई में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूल संचालक घायल, ड्राइवर गिरफ्तार

    जमुई में सड़क हादसा: ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूल संचालक घायल

    जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर सड़क हादसा

    बिहार के जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार दोपहर को एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। शास्त्री कॉलोनी मोड़ के समीप तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने एक निजी स्कूल के संचालक को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक को पकड़कर टाउन थाना पुलिस को सौंप दिया।

    घायल स्कूल संचालक की पहचान

    घायल व्यक्ति की पहचान शहर के शास्त्री कॉलोनी निवासी मुन्ना सिन्हा के रूप में हुई है। वे एक निजी स्कूल के संचालक हैं और मंगलवार को अपने घर से मनीदीप स्कूल की ओर जा रहे थे। मुन्ना सिन्हा ने बताया कि जैसे ही उनकी बाइक शास्त्री कॉलोनी मोड़ के नजदीक पहुंची, अचानक मलयपुर की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी।

    टक्कर की गंभीरता

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि मुन्ना अपने बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और किसी तरह ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों की सक्रियता

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया और उसे टाउन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल मुन्ना को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा।

    पुलिस की कार्रवाई

    इस संबंध में टाउन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि पुलिस को घटना की सूचना मिल गई है, लेकिन फिलहाल पीड़ित मुन्ना सिन्हा की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन प्राप्त होता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

    स्थानीय लोगों की चिंताएं

    घटना के बाद शास्त्री कॉलोनी मोड़ पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय निवासियों ने इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है और इसे रोकने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।

    सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा

    इस हादसे ने सड़क सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर किया है। सड़क पर तेज रफ्तार वाहन चलाने की प्रवृत्ति और बिना नियंत्रण के सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रैक्टरों के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मार्ग पर अधिक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

    निष्कर्ष

    जमुई में हुए इस सड़क हादसे ने न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी को खतरे में डाला है, बल्कि स्थानीय समुदाय में सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है। मुन्ना सिन्हा की हालत को देखते हुए यह आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लें और सड़क सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करें।

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  • Agriculture News: बिहार के रतनी कृषि कार्यालय में अधिकारियों की मनमानी, किसान लौटे निराश

    Agriculture News: बिहार के रतनी कृषि कार्यालय में अधिकारियों की मनमानी, किसान लौटे निराश

    बिहार में किसान परेशान: कृषि कार्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम

    जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में अनियमितताओं की वजह से किसान बेहद परेशान हैं। यहां पर ताला लटकता दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों का समय निर्धारित नहीं है, जिसके कारण किसानों को शिकायतें दर्ज कराने में कठिनाई हो रही है। कई किसान निराश होकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

    सरकार ने किसानों के हित में कृषि विभाग को प्रखंड मुख्यालयों में सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया है, ताकि उन्हें समय पर योजनाओं और कृषि संबंधी सहायता मिल सके। लेकिन, रतनी फरीदपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में इस उद्देश्य की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यहां के कृषि पदाधिकारी और पंचायत कृषि कर्मी बिना किसी सूचना के कार्यालय में आते-जाते रहते हैं। इससे किसानों के लिए अपने मुद्दों को उठाना मुश्किल हो गया है।

    किसानों की समस्याएं: रबी फसल से जुड़ी शिकायतें

    हाल ही में, रबी फसल से संबंधित शिकायतें लेकर कई किसान रतनी प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने गेहूं की फसल बोई है, लेकिन बीज जमा करने में समस्या आ रही है। किसानों का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने पर उन्हें कोई पदाधिकारी या कर्मचारी नहीं मिला। कार्यालय खुला था या बंद, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी।

    किसानों का कहना है कि उन्हें यह भी पता नहीं चलता कि कृषि पदाधिकारी कब कार्यालय आते हैं और कब चले जाते हैं। इस असमंजस के कारण अधिकांश किसान निराश होकर घर लौट जाते हैं और अगले दिन फिर आने का इंतजार करते हैं। किसान मनोज कुमार ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से कृषि पदाधिकारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर 1 बजे तक कोई अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि वे गेहूं की फसल से संबंधित समस्या के लिए आवेदन देने आए थे, लेकिन कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था। पूछने पर उन्हें केवल “साहब आते ही होंगे” का जवाब मिला, जो हर बार दोहराया जाता है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया: आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन

    इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान तुरंत कर पाता है या फिर किसानों को और अधिक समय तक इसी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना और उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है। यह न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे किसान और अधिक निराश होंगे, जो कि कृषि के विकास के लिए ठीक नहीं होगा।

    किसानों की आवाज़ को सुने जाने की आवश्यकता

    इस स्थिति का समाधान करने के लिए स्थानीय प्रशासन को किसानों की आवाज़ को सुनने की आवश्यकता है। किसानों के लिए कृषि कार्यालय एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां उन्हें अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए जाना पड़ता है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो किसानों का प्रशासन पर से विश्वास उठ जाएगा और कृषि विकास में बाधा आएगी।

    इसलिए, यह आवश्यक है कि प्रखंड कृषि कार्यालय में नियमितता लाई जाए और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। इससे न केवल किसानों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि कृषि क्षेत्र का भी समुचित विकास होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाता है।

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  • Demand for Global Boycott: कटिहार में बीजेपी विधायक ने कहा – ‘पड़ोसी देश अराजकता की ओर बढ़ा’

    Demand for Global Boycott: कटिहार में बीजेपी विधायक ने कहा – ‘पड़ोसी देश अराजकता की ओर बढ़ा’

    बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की

    बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, बांग्लादेश की सरकार और राष्ट्रपति इस गंभीर स्थिति को संभालने में पूरी तरह से असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अराजकता का माहौल व्याप्त है और हिंदू समुदाय के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    प्रसाद ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वहां के लोग भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे जा रहे हैं और कई मामलों में लोगों को पेड़ से लटकाकर जिंदा जलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का भी संकेत देती है।

    केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग

    तारकिशोर प्रसाद ने केंद्र सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस घटनाक्रम पर नजर रख रही है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने वैश्विक स्तर पर बांग्लादेश का बहिष्कार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उनकी बातों से स्पष्ट होता है कि यह मुद्दा केवल बांग्लादेश का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का है।

    प्रसाद ने बांग्लादेश सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में वहां की सरकार भीड़ की कठपुतली बन चुकी है। इस स्थिति के कारण लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे वहां के अल्पसंख्यक समुदाय में भय का माहौल व्याप्त है। उन्होंने भारत सहित पूरी दुनिया से इन घटनाओं की निंदा करने का आह्वान किया और बांग्लादेश को राजनीतिक व कूटनीतिक स्तर पर अलग-थलग करने की आवश्यकता बताई।

    विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया

    इसके साथ ही, तारकिशोर प्रसाद ने कांग्रेस नेता अजीत शर्मा की बेटी नेहा शर्मा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी न तो किसी को फंसाती है और न ही किसी को बचाती है। उनके अनुसार, ED की कार्रवाई पूरी तरह से स्वतंत्र है और यह किसी राजनीतिक दबाव में नहीं होती।

    प्रसाद ने यह भी बताया कि ED का गठन कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, न कि भाजपा सरकार के दौरान। इसलिए, उन्होंने कहा कि ED की कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां अपराध हो रहा है, वहां जांच एजेंसियों को अपना काम करने का पूरा अधिकार है।

    समाज में जागरूकता और सुरक्षा की आवश्यकता

    तारकिशोर प्रसाद की इस टिप्पणी ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मुद्दे को फिर से जीवित कर दिया है। यह आवश्यक है कि इस विषय पर समाज में जागरूकता फैलाई जाए और केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए। हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि उन्हें सुरक्षा और सम्मान मिल सके।

    इस प्रकार के घटनाक्रम न केवल बांग्लादेश बल्कि दक्षिण एशिया के समस्त देशों के लिए चिंता का विषय हैं। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा करना और उचित कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।

    इस संदर्भ में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केंद्र सरकार इन सुझावों पर अमल करती है और क्या बांग्लादेश की स्थिति में सुधार लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाते हैं।

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  • Training Camp: बेगूसराय में एनसीसी का 10 दिनों का आयोजन, 500 कैडेट्स को मिली ट्रेनिंग

    Training Camp: बेगूसराय में एनसीसी का 10 दिनों का आयोजन, 500 कैडेट्स को मिली ट्रेनिंग

    बिहार के बरौनी कैंप में एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न

    सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल छात्राएं।

    बिहार के बरौनी कैंप में भारतीय सेना की एनसीसी के चार बिहार बटालियन के तत्वाधान में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-XVII) का आज भव्य समापन हुआ। इस शिविर में विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों के लगभग 500 कैडेट्स ने भाग लिया। इस दौरान उन्हें केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में भी भाग लेने का अवसर मिला।

    इस कठिन प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आगामी ए, बी और सी सर्टिफिकेट परीक्षाओं के लिए तैयार करना था। 10 दिन के इस शिविर में कैडेट्स ने ड्रिल, फायरिंग, मैप रीडिंग (MR), फील्ड क्राफ्ट और बैटल क्राफ्ट (FC/BC) का गहन अभ्यास किया।

    खेलकूद के क्षेत्र में वॉलीबॉल और बैडमिंटन के मुकाबलों में भी कैडेटों ने अपना दमखम दिखाया।

    शारीरिक और बौद्धिक विकास के लिए आयोजित प्रतियोगिताएं

    इस दौरान, कैडेट्स की शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ उनकी बौद्धिक क्षमता को भी विकसित करने के लिए पोस्टर मेकिंग, वाद-विवाद और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने कौशल का प्रदर्शन किया। खेलकूद के क्षेत्र में भी कैडेट्स ने वॉलीबॉल और बैडमिंटन के मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाई।

    समापन समारोह में कैडेट्स को प्रेरणा दी गई

    अनुशासन सर्वांगीण विकास का आधार है- लेफ्टिनेंट कर्नल

    समापन समारोह में कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल विकास मंडल ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगिता की भावना से ही टीम वर्क और अनुशासन का विकास होता है, जो भविष्य में सफलता के लिए आवश्यक होता है। उन्होंने कहा, “आप राष्ट्र के भविष्य हैं, और आपका प्रत्येक कदम देश सेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।” उन्होंने सभी कैडेट्स को आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी दी।

    कार्यक्रम में शामिल छात्रों को उनके शारीरिक और बौद्धिक विकास को बढ़ाने की ट्रेनिंग दी गई।

    सूबेदार मेजर ने बच्चों को राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया

    इस अवसर पर सूबेदार मेजर शीतल सिंह ने युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्ज्वलन के बाद कैडेट्स ने सतयुग, त्रेता और द्वापर युग की थीम पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। “अपना बिहार” थीम पर आधारित लोक नृत्य और रिदम योगा कार्यक्रम इस सांस्कृतिक उत्सव के मुख्य आकर्षण रहे।

    कार्यक्रम का संचालन एएनओ अमृत कुमार ने किया। शिविर को सफल बनाने में लेफ्टिनेंट शबनम भारती, अखिलेश कुमार सिंह, लवली कुमारी, अमृत कुमार, सीटीओ पूनमा कुमारी, सिद्धेश्वर पासवान, प्रान्तो मंडल और जीसीआई पुष्पा कुमारी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कैडेट्स को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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