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  • Conference: सीवान में 26 दिसंबर को JDU कार्यकर्ता सम्मेलन, सम्मानित होंगे सक्रिय सदस्य

    Conference: सीवान में 26 दिसंबर को JDU कार्यकर्ता सम्मेलन, सम्मानित होंगे सक्रिय सदस्य

    सीवान में 26 दिसंबर को जदयू का भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन

    जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा आगामी 26 दिसंबर को सीवान शहर के टाउन हॉल में एक भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना है। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे, जो पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण को सराहेंगे।

    रमेश कुशवाहा ने की प्रेसवार्ता में जानकारी साझा

    इस कार्यक्रम की जानकारी मंगलवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में सीवान की सांसद विजयलक्ष्मी कुशवाहा के पति और जीरादेई विधानसभा के पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा ने दी। उन्होंने बताया कि सीवान जिले में एनडीए की शानदार जीत का श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और समर्पण को जाता है। जिले की आठ विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों की जीत इस बात का प्रमाण है कि कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर संगठन को पूरी मजबूती से खड़ा किया।

    कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल

    रमेश कुशवाहा ने कहा कि केवल सीवान ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में एनडीए को जो भारी बहुमत मिला है, वह कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने चुनाव के दौरान बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया, जब उन्होंने मतदाताओं तक सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को पहुंचाने का काम किया। यह कार्य का परिणाम चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

    जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम

    रमेश कुशवाहा ने बताया कि जदयू के प्रदेश नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है कि पूरे बिहार में विभिन्न तिथियों पर जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में सीवान में 26 दिसंबर को यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और उन्हें संगठन में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

    सम्मेलन में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या

    सम्मेलन में जिले भर से बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम के दौरान बूथ स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ-साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने वाले पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा ने कहा कि जदयू हमेशा से अपने कार्यकर्ताओं को संगठन की रीढ़ मानती रही है और यह सम्मेलन उसी भावना का प्रतीक है।

    कार्यकर्ताओं को समर्पित यह कार्यक्रम

    इस सम्मेलन के आयोजन से न केवल जदयू कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा बल्कि यह उन्हें आगे की चुनौतियों के लिए भी प्रेरित करेगा। कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण को पहचानना और सराहना किसी भी पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस सम्मेलन में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को उनके योगदान के लिए सार्वजनिक रूप से सराहा जाएगा, जो उनके उत्साह को और बढ़ाएगा।

    आगामी कार्यक्रमों का महत्व

    सीवान में होने वाले इस सम्मेलन के बाद, जदयू की योजना पूरे बिहार में अन्य जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की है। यह कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठन की मजबूती को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजन से कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा, जिससे वे आने वाले चुनावों में और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

    इस प्रकार, 26 दिसंबर को होने वाला यह सम्मेलन न केवल जदयू के कार्यकर्ताओं के लिए एक सम्मान समारोह होगा बल्कि यह पार्टी के भविष्य की दिशा को भी निर्धारित करेगा। जदयू के नेता अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्पित हैं, और इस सम्मेलन से यह स्पष्ट होगा कि वे अपने कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कितने गंभीर हैं।

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  • Traffic Awareness: मोतिहारी में बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से रोड सेफ्टी का संदेश दिया

    Traffic Awareness: मोतिहारी में बच्चों ने नुक्कड़ नाटक से रोड सेफ्टी का संदेश दिया

    मोतिहारी में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान

    जिला मोतिहारी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम कचहरी चौक पर आयोजित किया गया, जिसमें नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस पहल का उद्देश्य सड़क पर सुरक्षित चलने की आदतें विकसित करना है, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

    स्कूली बच्चों की भागीदारी और संदेश

    इस जागरूकता अभियान में स्कूली बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए महत्वपूर्ण संदेश दिया कि हेलमेट पहनना, तेज गति से वाहन न चलाना, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाना कितना आवश्यक है। उनके द्वारा प्रस्तुत नाटक ने दर्शकों को यह समझाने में मदद की कि सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन न करने से क्या खतरनाक परिणाम हो सकते हैं।

    यमराज और चित्रगुप्त का विशेष आकर्षण

    कार्यक्रम में यमराज और चित्रगुप्त के वेश में आए स्कूली बच्चे विशेष आकर्षण का केंद्र बने। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जीवन के लिए कितनी घातक हो सकती है। बच्चों के इस अनूठे प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि नियमों का पालन करके हम केवल अपनी ही नहीं, बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक का उद्घाटन और चिंताएं

    कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि अत्यंत चिंताजनक है। एसपी ने बताया कि अधिकतर दुर्घटनाएं लापरवाही, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि हम सभी मिलकर इन समस्याओं का समाधान कर सकें।

    जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास

    एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस अवसर पर कहा कि यातायात को सुचारू बनाने और लोगों में जागरूकता लाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतर आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्र-छात्राओं के माध्यम से यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है, ताकि संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों में बल्कि पूरे समुदाय में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

    हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग

    पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने नशे की हालत में वाहन न चलाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने का भी आग्रह किया। एसपी ने कहा कि जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।

    स्थानीय लोगों का उत्साह और समर्थन

    इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में राहगीर, वाहन चालक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के अभिनय और यातायात पुलिस की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों ने अपनी सोच में बदलाव लाने और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

    भविष्य की दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

    यातायात पुलिस ने उम्मीद जताई है कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन समाज के हर वर्ग को जोड़ने और उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में सहायक होगा। आगे भी ऐसी पहलों की आवश्यकता है ताकि हम सभी मिलकर सुरक्षित सड़कें बना सकें।

    इस अभियान के माध्यम से मोतिहारी में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।

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  • Kidnapping: 5 साल बाद टाटानगर से बरामद किशोरी, शेखपुरा में लौट आई

    Kidnapping: 5 साल बाद टाटानगर से बरामद किशोरी, शेखपुरा में लौट आई

    शेखपुरा में पांच साल बाद बरामद हुई गायब किशोरी

    शेखपुरा से एक आश्चर्यजनक घटना सामने आई है जिसमें एक किशोरी, जो कि **पांच साल पहले** गायब हुई थी, को मंगलवार को झारखंड के टाटा नगर, जमशेदपुर से **बरामद** किया गया है। स्थानीय पुलिस ने उसे दो छोटे बच्चों के साथ शेखपुरा वापस लाया है। अब इस किशोरी को स्थानीय अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जिससे कि उसकी स्थिति और मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा सके।

    पुलिस की छापेमारी में मिली सफलता

    यह **छापामारी** अरियरी थाना के पुलिस सब इंस्पेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में की गई। थाना अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि किशोरी के पिता ने **पांच साल पहले** उसकी बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में टाटा नगर, जमशेदपुर निवासी गोविंद बनर्जी के बेटे राजीव बनर्जी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने इस मामले में गहरी जांच की और किशोरी को खोज निकालने में सफलता हासिल की।

    प्रेम प्रसंग के चलते किशोरी ने किया था घर से भागना

    जांच में पता चला कि किशोरी प्रेम प्रसंग के चलते अपने घर से भाग गई थी। अब वह टाटा नगर के सोनारी थाना क्षेत्र के पंचवटी नगर मुहल्ले में राजीव बनर्जी के साथ **पति-पत्नी** के रूप में रह रही थी। इस दौरान उसने एक **तीन साल का बेटा** और **डेढ़ साल की बेटी** को जन्म दिया। यह स्थिति उस किशोरी के लिए काफी जटिल और संवेदनशील साबित हुई है।

    किशोरी का बयान अदालत में दर्ज कराया जाएगा

    पुलिस को इस मामले में गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर सब इंस्पेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में एक टीम झारखंड भेजी गई थी। टीम ने सोनारी थाना पुलिस के सहयोग से छापामारी कर किशोरी को बरामद किया। हालांकि, इस मामले का आरोपी राजीव बनर्जी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो पाया है। इस किशोरी का बयान अदालत में दर्ज कराया जाएगा, जिससे मामले की आगे की कार्रवाई की जा सके।

    समाज में बढ़ती समस्याओं की ओर इशारा

    यह घटना समाज में बढ़ती समस्याओं की ओर इशारा करती है। किशोरियों का घर से भागना, प्रेम प्रसंग में उलझना, और फिर ऐसे जटिल हालातों में फंसना, एक गंभीर मुद्दा बन गया है। समाज में **सामाजिक जागरूकता** और **सुरक्षा** की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। परिवारों को भी अपने बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना चाहिए, ताकि वे अपनी परेशानियों को साझा कर सकें।

    कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया

    किशोरी के मामले में अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय अदालत में उसके बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यह भी आवश्यक है कि बरामद किशोरी और उसके बच्चों की **भलाई** सुनिश्चित की जाए। पुलिस और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें उचित सहायता और संरक्षण मिले।

    यह मामला न केवल एक परिवार की कहानी है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। आगे चलकर इस मामले की पूरी तहकीकात के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किशोरी के भविष्य का क्या होगा।

    इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन और समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि हम सभी मिलकर एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बना सकें।

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  • Death: दरभंगा में विवाहिता की इलाज के दौरान मौत, मायका पक्ष ने पति पर लगाया जहर का आरोप

    Death: दरभंगा में विवाहिता की इलाज के दौरान मौत, मायका पक्ष ने पति पर लगाया जहर का आरोप

    बिहार: विवाहिता अनोखी देवी की हत्या का मामला, ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप

    मृतका अनोखी देवी की फाइल फोटो।

    बिहार के दरभंगा जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के देवथा गांव में एक विवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान अनोखी देवी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दामाद घूरन यादव और उसकी दूसरी पत्नी रुक्मणी ने मिलकर अनोखी को दूध में जहर देकर मार डाला। घटना के बाद से आरोपी पति फरार है, जबकि मायका पक्ष ने न्याय की गुहार लगाई है।

    दामाद पर गंभीर आरोप, अनोखी की जिंदगी की दास्तान

    मृतका अनोखी देवी की शादी चार साल पहले मधुबनी जिले के भेजा थाना क्षेत्र के भेलाही टोला में हुई थी। मायका पक्ष का कहना है कि शादी के केवल 10 दिन बाद ही पति ने उसे मायके छोड़ दिया। अनोखी के गर्भवती होने के बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया, जो अभी साढ़े तीन साल का है। इस दौरान, आरोप है कि उसके पति ने उसकी नाबालिग चचेरी बहन से शादी कर ली।

    अन्य जानकारी के अनुसार, गर्भावस्था के सातवें महीने में घूरन यादव ने अनोखी की चचेरी बहन रुक्मणी को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जाकर उससे शादी कर ली। इस बात को छुपाकर रखा गया और ससुराल पक्ष ने पंचायत में भी इस मामले से इनकार किया। करीब दो महीने पहले, अनोखी के भैंसुर ने उसे ससुराल ले जाने का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजनों ने उसे वापस ससुराल भेज दिया।

    जहर देकर तड़पने के लिए छोड़ दिया गया: मायका पक्ष का आरोप

    मायका पक्ष के अनुसार, अनोखी के ससुराल पहुंचने के कुछ ही दिन बाद उसे दूध में जहर मिलाकर पिलाया गया और भूसा के घर में छिपाकर रखा गया। उसके परिजनों को इस बारे में जानकारी तब मिली जब ग्रामीणों ने उन्हें सूचित किया। जब परिजन वहां पहुंचे, तो अनोखी गंभीर हालत में तड़प रही थी। परिजनों ने उसे तुरंत डीएमसीएच दरभंगा में भर्ती कराया, लेकिन आरोप है कि उसके पति ने उसे वहां से एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया, ताकि मामला दबाया जा सके।

    करीब 10 दिनों तक इलाज के बाद अनोखी की मौत हो गई। उसके पति ने अस्पताल से भागने के बाद खुद को छिपा लिया। मृतका के भाई कुलदीप यादव ने जानकारी दी कि ससुराल पक्ष ने इलाज में कोई मदद नहीं की, जबकि मायका पक्ष को लाखों रुपये खर्च करने पड़े।

    घटनाक्रम में पंचायत की भूमिका, परिजनों की मांग

    कुलदीप ने बताया कि जब घूरन ने उसकी चचेरी बहन से शादी की थी, तो पंचायत में इस बात पर सहमति बनी थी कि दोनों बहनें जीजा के साथ रहेंगी। लेकिन अनोखी की हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अब वे आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं।

    मृतका की मां इन्द्रकला देवी ने बताया कि शादी में उन्हें करीब पांच लाख रुपये, बाइक, फर्नीचर और गहने दिए गए थे। अब उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है और उनके पीछे एक मासूम बच्चा रह गया है, जिसके भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।

    समाजसेवियों की प्रतिक्रिया और प्रशासन से गुहार

    समाजसेवी प्रियंका झा ने इस घटना को “दरिंदगी की हद” बताया। उन्होंने कहा कि एक महिला को ससुराल में बुलाकर जहर देना और इलाज के नाम पर साजिश करना अत्यंत अमानवीय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और मृतका के मासूम बेटे को सहायता प्रदान की जाए।

    परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे इस मामले में पति घूरन यादव, उसकी दूसरी पत्नी रुक्मणी और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। साथ ही, प्रशासन से पीड़ित परिवार और मासूम बच्चे को न्याय और सुरक्षा देने की गुहार लगाई गई है।

    बेंता पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। इस घटनाक्रम ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। आशा है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।

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  • Strike Alert: बिहार स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने दी चेतावनी, 1800 संविदाकर्मियों की सैलरी रुकी

    Strike Alert: बिहार स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने दी चेतावनी, 1800 संविदाकर्मियों की सैलरी रुकी

    समस्तीपुर में स्वास्थ्य कर्मियों की वेतन समस्या: 1800 से अधिक संविदा कर्मियों को तीन महीने से नहीं मिला वेतन

    बिहार के समस्तीपुर जिले में स्वास्थ्य उप-केंद्रों और प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पतालों में कार्यरत 1800 से अधिक स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों को पिछले तीन महीनों से अपना वेतन नहीं मिला है। इन कर्मियों का कहना है कि यह स्थिति न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक संकट का कारण बन गई है। आर्थिक परेशानियों के चलते कई कर्मियों को उधारी लेने की नौबत आ गई है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है।

    संविदा कर्मियों ने अपनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर समय पर उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत एएनएम से लेकर सुपरवाइजर स्तर तक के कर्मी शामिल हैं, जो अपनी सेवाएं बिना वेतन के देने को मजबूर हैं।

    दीपावली पर भी वेतन की अनुपलब्धता ने बढ़ाई चिंता

    संविदा कर्मियों ने बताया कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर जब नियमित (स्थायी) कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल गया, तब NHM संविदा कर्मियों को अब तक उनका वेतन प्राप्त नहीं हुआ है। इस स्थिति के कारण उनमें भारी आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है। कई कर्मियों ने बताया कि इस स्थिति के चलते उन्हें बैंक की EMI, बच्चों की शिक्षा शुल्क, मकान किराया, दवा और अन्य पारिवारिक आवश्यकताओं का भुगतान करना बेहद कठिन हो गया है।

    लगातार वेतन न मिलने से कर्मियों का मनोबल टूट रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए सरकार को शीघ्र इस समस्या का समाधान करना होगा।

    संविदा कर्मियों की समस्याएं और संघ की मांगें

    बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के सदस्य आदित्यनाथ झा ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि NHM संविदा कर्मी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। कोरोना काल से लेकर नियमित स्वास्थ्य सेवाओं तक, संविदा कर्मियों ने हर परिस्थिति में निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया है। इसके बावजूद समय पर वेतन का भुगतान न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो संविदा कर्मियों में असंतोष और बढ़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। संघ ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नव वर्ष से पूर्व सभी संविदा कर्मियों का लंबित वेतन अविलंब जारी किया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें और पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकें।

    संविदा कर्मियों की अपील: सरकार से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा

    संविदा कर्मियों ने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी प्रभावित करेगा। कर्मियों का यह भी कहना है कि उनके बिना स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित होगा, जिससे आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

    इस मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन को भी ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत और समर्पण को नजरअंदाज न किया जाए। अगर सरकार समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं करती, तो इससे न केवल स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल टूटेगा, बल्कि इससे जनता के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

    निष्कर्ष

    संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की यह स्थिति एक गंभीर मुद्दा है, जिसे तुरंत सुलझाने की आवश्यकता है। सरकार को चाहिए कि वह इन कर्मियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए और उनके साथ न्याय करे। केवल इसी प्रकार हम एक मजबूत और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

  • Fight: मुजफ्फरपुर में छात्रों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल

    Fight: मुजफ्फरपुर में छात्रों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल

    बिहार में छात्रों के बीच मारपीट की घटना, वीडियो वायरल

    मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर सब्जी मंडी के पास छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट की घटना ने सबको चौंका दिया है। यह घटना एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल से जुड़े छात्रों के बीच हुई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के चलते शहर की कानून व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के अनुशासन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

    घटना के संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रों के बीच विवाद किस विषय पर शुरू हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले छात्रों के बीच तीखी बहस होती है, जो बाद में धक्का-मुक्की और फिर मारपीट में बदल जाती है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल छात्रों के लिए खतरनाक होती हैं, बल्कि यह समाज में भी नकारात्मक संदेश भेजती हैं।

    वीडियो में मारपीट का दृश्य

    मारपीट के दौरान का एक स्क्रीनशॉट वायरल वीडियो से लिया गया है, जिसमें छात्रों के बीच की तीखी बहस और शारीरिक संघर्ष को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस प्रकार की हिंसक घटनाएं शिक्षण संस्थानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और समाज की प्रतिक्रिया

    इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सदर थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारी प्राप्त हुई है। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है और यदि कोई लिखित शिकायत आती है तो आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ऐसे मामलों में न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    घटना के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया भी आ रही है। शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इस प्रकार की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि छात्रों को अनुशासन और शांतिपूर्ण व्यवहार सिखाने की आवश्यकता है। शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ अभिभावकों को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसे विवादों को रोका जा सके।

    समाज में शांति की आवश्यकता

    समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा इस तरह की घटनाओं में गंभीरता से कार्रवाई की मांग की जा रही है। सभी चाहते हैं कि छात्रों के भविष्य पर इस प्रकार की हिंसक घटनाओं का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त, अभिभावकों और शिक्षकों को भी छात्रों के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार की घटनाएं समाज में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं, इसलिए सभी को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

    • शिक्षण संस्थानों को अनुशासन सिखाने की आवश्यकता है।
    • अभिभावकों को अपने बच्चों के व्यवहार पर नज़र रखनी चाहिए।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
    • समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।

    इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि हम अपने छात्रों को कैसे शिक्षित कर सकते हैं ताकि वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें। सभी को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है। आशा है कि इस घटना के बाद जिम्मेदार लोग उचित कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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  • Vehicle जांच: नवादा में 160 गाड़ियों पर 10.10 लाख का जुर्माना

    Vehicle जांच: नवादा में 160 गाड़ियों पर 10.10 लाख का जुर्माना

    नवादा में सघन वाहन जांच अभियान: 10.10 लाख का जुर्माना

    हाल ही में बिहार के नवादा जिले में एक सघन वाहन जांच अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान 160 से अधिक वाहनों पर 10.10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। यह विशेष अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी नवीन कुमार पांडेय के निर्देश पर संचालित हुआ, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था।

    जांच अभियान के प्रमुख स्थान

    यह जांच अभियान नवादा जिले के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर किया गया, जिसमें समाहरणालय गेट, हिसुआ और नारदीगंज रोड शामिल हैं। अधिकारियों ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया, जैसे:

    • दोपहिया वाहनों में हेलमेट और ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता
    • ट्रिपल लोडिंग पर रोक
    • भारी वाहनों का फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और परमिट की वैधता
    • हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) की जांच

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा को बढ़ावा देना और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि इस तरह के जांच अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से किए जाएंगे।

    सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता

    नवीन कुमार पांडेय ने आम जनता से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज रखें और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा, “सड़क पर सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। सभी को चाहिए कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन करें।” इस संदर्भ में, उन्होंने यह भी बताया कि “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नीति को सख्ती से लागू किया जाएगा।

    “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नीति का प्रभावी कार्यान्वयन

    जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह नीति मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों के लिए लागू होगी। सभी पेट्रोल पंप मालिकों और संचालकों को इस नीति का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना हेलमेट के पेट्रोल न ले सके, जिससे सड़क पर हेलमेट पहनने की आदत बढ़े।

    इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन से सड़क पर सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है। नवादा जिले में इस तरह के कदम उठाने से न केवल सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि यह लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी करेगा।

    भविष्य की योजना

    जिला परिवहन विभाग ने यह भी घोषणा की है कि ऐसे सघन वाहन जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि सभी वाहन मालिकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही, विभाग ने सभी नागरिकों को यह भी याद दिलाया है कि सड़क पर सुरक्षा का संबंध केवल नियमों के पालन से नहीं, बल्कि हर एक व्यक्ति की जिम्मेदारी से है।

    इस प्रकार के अभियान न केवल जुर्माने के रूप में बल्कि एक शिक्षा के रूप में भी काम करते हैं, जिससे लोग जागरूक होते हैं और सड़क पर सुरक्षित यात्रा करते हैं।

    यातायात नियमों का पालन करना और हेलमेट पहनना न केवल कानूनी आवश्यकताएँ हैं, बल्कि यह जीवन की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य हैं। इसलिए, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सड़क पर चलते समय पूरी सतर्कता बरतें।

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  • Recruitment: गयाजी में अग्निवीरों की भर्ती की बैठक, 7000 अभ्यर्थियों की संभावना

    Recruitment: गयाजी में अग्निवीरों की भर्ती की बैठक, 7000 अभ्यर्थियों की संभावना

    बोधगया में अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों पर बैठक

    बोधगया में आगामी मार्च 2026 में होने वाली भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त समन्वय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस बैठक का आयोजन 23 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय, गया में किया गया, जिसमें भारतीय सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) गया और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य 4 मार्च से 20 मार्च 2026 तक मगध विश्वविद्यालय के मैदान में प्रस्तावित भर्ती रैली के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था। इस रैली में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।

    भारतीय सेना की भर्ती रैली के संचालन की जानकारी

    सम्मेलन में एआरओ गया के निदेशक भर्ती कर्नल आर. मधन मोहन ने भर्ती रैली की संचालन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा सुविधा, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, आवासीय प्रबंधन और अभ्यर्थियों की सुविधा से संबंधित आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया।

    कर्नल मोहन ने यह भी बताया कि विभिन्न विभागों से अपेक्षित सहयोग के बिंदुओं की स्पष्टता आवश्यक है ताकि भर्ती रैली को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे समय पर अपनी तैयारियों को पूरा करें और भारतीय सेना भर्ती कार्यालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें।

    जिलाधिकारी का सक्रिय सहयोग और निर्देश

    बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गया शशांक शुभंकर ने की। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की और भर्ती रैली के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां पूरी करने के लिए निर्देश दिए।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि भर्ती रैली में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए एक सुरक्षित, व्यवस्थित और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाना चाहिए। इस बैठक में यह भी चर्चा की गई कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की उपस्थिति को देखते हुए यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

    भर्ती रैली में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की संख्या

    उल्लेखनीय है कि आगामी भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती रैली में दक्षिण बिहार के **11 जिलों** से लगभग **7000** पुरुष अभ्यर्थियों के भाग लेने की संभावना है। यह संख्या इस रैली की महत्ता को दर्शाती है और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो।

    इस भर्ती रैली के साथ-साथ एआरओ गया की ओर से बिहार एवं झारखंड राज्यों के लिए महिला सैन्य पुलिस (WMP) भर्ती रैली का भी आयोजन किया जाएगा। इस रैली में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन एवं भारतीय सेना के संयुक्त प्रयास से इस भर्ती रैली को सफल बनाने की दिशा में तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं।

    निष्कर्ष

    इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना और जिला प्रशासन दोनों ही भर्ती रैली को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय और सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भर्ती रैली में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को कोई भी कठिनाई न हो। इस रैली की सफलता न केवल अभ्यर्थियों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

    इस प्रकार, बोधगया में होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर यह बैठक एक सकारात्मक कदम है और इसमें सभी अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी इस रैली के सफल आयोजन का संकेत देती है।

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  • Robbery: मधुबनी के राजनगर में शिक्षक से दिनदहाड़े लूट

    Robbery: मधुबनी के राजनगर में शिक्षक से दिनदहाड़े लूट

    बिहार में दिनदहाड़े शिक्षक से लूट की घटना

    बिहार के मधुबनी जिले में एक शिक्षक के साथ दिनदहाड़े लूट की घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह घटना उस समय हुई जब शिक्षक मनोज कुमार मंडल अपने विद्यालय जा रहे थे। तीन नकाबपोश और हथियारबंद लुटेरों ने उनके साथ मारपीट कर उनकी बाइक, मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान लूट लिया।

    घटना का विवरण

    मधुबनी जिले के सिमरा, झंझारपुर निवासी मनोज कुमार मंडल अपने अस्थायी निवास रांटी से सुबह लगभग नौ बजे स्कूल के लिए निकले थे। यह घटना राघोपुर बलाट और सर्वाड़ीह रांटी के बीच स्थित चौराहे पर हुई। जब शिक्षक मंडल निर्माणाधीन भारत माला परियोजना सड़क के डायवर्सन के पास पहुंचे, तभी तीन दुबले-पतले नकाबपोश युवकों ने उन्हें रोक लिया।

    लुटेरों ने शिक्षक को डराने के लिए उनके सिर पर कट्टा सटाकर धमकी दी और लूट को अंजाम दिया। इस दौरान, लुटेरों ने मनोज कुमार की मोटरसाइकिल (जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR 32 AS 3753 है), दो सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन, 600 रुपये नकद, तीन एटीएम कार्ड और एक बैग जिसमें कई महत्वपूर्ण कागजात थे, छीन लिए।

    पुलिस की कार्रवाई

    पीड़ित शिक्षक ने तुरंत राजनगर थाना में घटना की शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट मिलते ही थाना प्रभारी चंद्र किशोर टुड्डू ने स्वयं मामले की जांच का जिम्मा लिया। उन्होंने मौके पर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने का भी निर्णय लिया है ताकि लुटेरों की पहचान की जा सके।

    बढ़ती अपराध की घटनाएँ

    हाल ही में बिहार में इस तरह की लूट की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है, जो स्थानीय निवासियों के बीच भय का माहौल पैदा कर रही है। शिक्षकों और अन्य नागरिकों को इस प्रकार की घटनाओं का शिकार बनना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    • शिक्षक मनोज कुमार मंडल ने लुटेरों द्वारा छीनें गए सामान की सूची दी।
    • पुलिस ने लूट की घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
    • स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाने का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन ने पुलिस को निर्देशित किया है कि वे ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाएं। इसके अलावा, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

    गौर करने वाली बात यह है कि हाल के कुछ महीनों में इस क्षेत्र में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है। प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से स्थानीय निवासियों की चिंताओं को दूर करने में सहायक होगा।

    निष्कर्ष

    बिहार के मधुबनी जिले में शिक्षक मनोज कुमार मंडल के साथ हुई लूट की घटना ने हम सभी को यह याद दिलाया है कि सुरक्षा किसी भी नागरिक के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और लोगों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करें।

    बिहार में बढ़ती अपराध की घटनाएं और सुरक्षा की कमी के बीच, यह घटना एक गंभीर चिंता का विषय है। सभी को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने की आवश्यकता है।

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  • Bihar News: भागलपुर में अतिक्रमण पर 5 घंटे की कार्रवाई, 50 झोपड़ियां ध्वस्त

    Bihar News: भागलपुर में अतिक्रमण पर 5 घंटे की कार्रवाई, 50 झोपड़ियां ध्वस्त

    भागलपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान: प्रशासन की सख्ती के बीच विरोध प्रदर्शन

    भागलपुर के दो प्रखंडों में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने पांच घंटे में 50 से अधिक अतिक्रमणकारियों के झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। मुख्य रूप से नारायणपुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने खगड़िया को जोड़ने वाली सड़क को जाम करने का प्रयास किया।

    नारायणपुर में सबसे अधिक घर नुमा झोपड़ियों को हटाने का कार्य किया गया। जिला प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ यहां पहुंची थी। सरकारी और रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए यह संयुक्त कार्रवाई की गई। कहलगांव प्रखंड के बंशीपुर पंचायत स्थित शिव मंदिर के पास बिहार सरकार की भूमि पर बने कई कच्चे और पक्के मकानों को अंचलाधिकारी सुप्रिया के नेतृत्व में अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

    अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल की तैनाती

    बुलडोजर की कार्रवाई को देखने के लिए ग्रामीणों की एक बड़ी भीड़ मौके पर जुट गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दंडाधिकारी नीतिश शर्मा, जिला एवं स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान शांति से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया गया था, बावजूद इसके जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब सख्त कार्रवाई की गई।

    बुलडोजर कार्रवाई का स्थानीय लोगों पर प्रभाव

    बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित लोगों ने कहा कि उनके पास घर नहीं रहने के कारण ठंड में वे और उनके बच्चे कहां जाएंगे। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत कठिनाईपूर्ण है। प्रभावित मोहम्मद शमशाद अंसारी ने कहा कि हमने जिला प्रशासन से पहले भी गुहार लगाई थी कि हमारे पास कोई वैकल्पिक आवास नहीं है। हम लोग यहां लगभग 250 लोग पिछले 40 साल से रह रहे हैं। इस भीषण ठंड में हमारा आशियाना उजाड़ा जा रहा है।

    रेलवे भूमि पर अवैध निर्माण की कार्रवाई

    नारायणपुर में रेलवे प्रशासन ने भी अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। मधुरापुर रेलवे ढाला के दक्षिणी भाग से गैस एजेंसी तक रेलवे भूमि पर बनी लगभग 50 झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। इस अभियान के दौरान अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ स्थानों पर विरोध का प्रयास भी किया गया, जहां लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया। बाद में कुछ प्रभावित लोगों ने अपने घर का सामान सड़क पर जलाकर विरोध जताया।

    10 दिन पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। रेलवे की इस कार्रवाई में आरपीएफ, रेलवे अधिकारी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मौके पर नारायणपुर अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल, भवानीपुर थाना अध्यक्ष शंभू कुमार समेत पुरुष एवं महिला पुलिस बल तैनात थे।

    प्रभावितों की मांग और भविष्य की चिंताएं

    प्रभावितों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं देगी, तो वे सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। प्रभावितों का कहना है कि उन्हें ठंड में बिन आशियाने के जीना बेहद कठिन हो रहा है। वे अपने जीवन और परिवार के लिए चिंतित हैं और चाहते हैं कि सरकार उनका ध्यान रखे।

    इस प्रकार, भागलपुर में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

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