भागलपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान: प्रशासन की सख्ती के बीच विरोध प्रदर्शन
भागलपुर के दो प्रखंडों में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस ने पांच घंटे में 50 से अधिक अतिक्रमणकारियों के झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। मुख्य रूप से नारायणपुर में अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासन को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने खगड़िया को जोड़ने वाली सड़क को जाम करने का प्रयास किया।
नारायणपुर में सबसे अधिक घर नुमा झोपड़ियों को हटाने का कार्य किया गया। जिला प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ यहां पहुंची थी। सरकारी और रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए यह संयुक्त कार्रवाई की गई। कहलगांव प्रखंड के बंशीपुर पंचायत स्थित शिव मंदिर के पास बिहार सरकार की भूमि पर बने कई कच्चे और पक्के मकानों को अंचलाधिकारी सुप्रिया के नेतृत्व में अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल की तैनाती
बुलडोजर की कार्रवाई को देखने के लिए ग्रामीणों की एक बड़ी भीड़ मौके पर जुट गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दंडाधिकारी नीतिश शर्मा, जिला एवं स्थानीय पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान शांति से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया गया था, बावजूद इसके जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब सख्त कार्रवाई की गई।
बुलडोजर कार्रवाई का स्थानीय लोगों पर प्रभाव
बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रभावित लोगों ने कहा कि उनके पास घर नहीं रहने के कारण ठंड में वे और उनके बच्चे कहां जाएंगे। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत कठिनाईपूर्ण है। प्रभावित मोहम्मद शमशाद अंसारी ने कहा कि हमने जिला प्रशासन से पहले भी गुहार लगाई थी कि हमारे पास कोई वैकल्पिक आवास नहीं है। हम लोग यहां लगभग 250 लोग पिछले 40 साल से रह रहे हैं। इस भीषण ठंड में हमारा आशियाना उजाड़ा जा रहा है।
रेलवे भूमि पर अवैध निर्माण की कार्रवाई
नारायणपुर में रेलवे प्रशासन ने भी अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। मधुरापुर रेलवे ढाला के दक्षिणी भाग से गैस एजेंसी तक रेलवे भूमि पर बनी लगभग 50 झुग्गी-झोपड़ियों और अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। इस अभियान के दौरान अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ स्थानों पर विरोध का प्रयास भी किया गया, जहां लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया। बाद में कुछ प्रभावित लोगों ने अपने घर का सामान सड़क पर जलाकर विरोध जताया।
10 दिन पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। रेलवे की इस कार्रवाई में आरपीएफ, रेलवे अधिकारी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मौके पर नारायणपुर अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल, भवानीपुर थाना अध्यक्ष शंभू कुमार समेत पुरुष एवं महिला पुलिस बल तैनात थे।
प्रभावितों की मांग और भविष्य की चिंताएं
प्रभावितों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं देगी, तो वे सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। प्रभावितों का कहना है कि उन्हें ठंड में बिन आशियाने के जीना बेहद कठिन हो रहा है। वे अपने जीवन और परिवार के लिए चिंतित हैं और चाहते हैं कि सरकार उनका ध्यान रखे।
इस प्रकार, भागलपुर में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की समस्याओं और उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।






