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  • Quiz: बिहार में जीतो ₹3 करोड़ – 23 दिसंबर 2025 में ‘हनीवेल सुओनो नेकबैंड’ के 50 विजेता

    Quiz: बिहार में जीतो ₹3 करोड़ – 23 दिसंबर 2025 में ‘हनीवेल सुओनो नेकबैंड’ के 50 विजेता

    बिहार में ‘जीतो 3 करोड़ QUIZ’ के विजेताओं की घोषणा

    दैनिक भास्कर एप के द्वारा आयोजित ‘जीतो 3 करोड़ QUIZ’ में 23 दिसंबर, 2025 को सभी सवालों के सही उत्तर देकर विजेता बने 50 प्रतिभागियों की सूची जारी की गई है। इस प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रतिभागियों ने न केवल ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि ‘हनीवेल सुओनो नेकबैंड’ जैसे आकर्षक पुरस्कार भी जीते। यह प्रतियोगिता बिहार के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है और इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभागियों को ज्ञानवर्धक सवालों के माध्यम से मनोरंजन प्रदान करना है। इस QUIZ में शामिल होकर लोग न केवल अपनी जानकारी को परखते हैं, बल्कि पुरस्कार जीतने का भी अवसर पाते हैं। दैनिक भास्कर एप के माध्यम से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी लोगों को अपने ज्ञान के स्तर को बढ़ाने का भी एक अनूठा अवसर मिलता है।

    प्रतियोगिता के नियम और पुरस्कार

    ‘जीतो 3 करोड़ QUIZ’ में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को कुछ सरल नियमों का पालन करना होता है। इसमें शामिल होने के लिए बस दैनिक भास्कर एप पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। प्रतियोगिता के दौरान, प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे जाते हैं। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों में से लकी ड्रा द्वारा विजेताओं का चयन किया जाता है।

    • प्रतियोगिता का आयोजन: हर दिन विभिन्न सवालों के माध्यम से ज्ञान का परीक्षण किया जाता है।
    • पुरस्कार: हर दिन विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रमुख हैं।
    • भागीदारी: प्रतियोगिता में भाग लेकर लोग न केवल पुरस्कार जीत सकते हैं, बल्कि अपने ज्ञान को भी बढ़ा सकते हैं।

    प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया

    प्रतियोगिता के विजेताओं ने अपनी खुशी व्यक्त की है और कहा है कि यह एक अद्भुत अनुभव था। उन्होंने इस QUIZ को ‘ज्ञानवर्धक और मनोरंजक’ बताया। कई प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं को सक्रिय और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में शामिल करने में मदद करती हैं।

    इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले एक विजेता ने कहा, “मैंने इस QUIZ में भाग लेकर बहुत मजा किया। सवालों ने मुझे सोचने पर मजबूर किया और मैंने बहुत कुछ नया सीखा।” इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि यह ज्ञान को भी बढ़ाती हैं और प्रतियोगियों को एक सकारात्मक दृष्टिकोण देती हैं।

    भाग लेने का मौका न चूकें

    यदि आप भी इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं और पुरस्कार जीतने का अवसर पाना चाहते हैं, तो जल्दी करें। आप दैनिक भास्कर एप पर जाकर ‘जीतो 3 करोड़ QUIZ’ खेल सकते हैं। हर दिन नए सवालों के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लेकर आप न केवल पुरस्कार जीत सकते हैं, बल्कि अपने ज्ञान को भी बढ़ा सकते हैं।

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    इस प्रकार, ‘जीतो 3 करोड़ QUIZ’ न केवल एक प्रतियोगिता है, बल्कि यह बिहार के युवाओं के लिए एक मंच है, जहां वे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकते हैं और शानदार पुरस्कार जीत सकते हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से, दैनिक भास्कर ने छात्रों और युवाओं को अपने ज्ञान का परीक्षण करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया है।

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  • Birthday Bash: बिहार में रिटायर्ड प्रधानाध्यापक का 83वां जन्मदिन मनाया गया

    Birthday Bash: बिहार में रिटायर्ड प्रधानाध्यापक का 83वां जन्मदिन मनाया गया

    बिहार में शिक्षाविद श्रीकृष्ण कुमार सिंह का 83वां जन्मदिन समारोह

    रिविलगंज, 10 मिनट पहले: अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक एवं शिक्षाविद श्रीकृष्ण कुमार सिंह का मंगलवार को लोहा टोला में 83वां जन्मदिन सादगीपूर्वक मनाया गया। इस खास अवसर पर शिक्षकों, अवकाश प्राप्त शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों, पत्रकारों और क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।

    श्रीकृष्ण कुमार सिंह, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों तक कार्य किया है, उनके योगदान को सभी ने सराहा। इस अवसर पर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें बधाई देने के लिए सभी उपस्थित थे। कार्यक्रम में शिक्षण विधियों और शिक्षा के विकास पर चर्चा भी की गई, जो श्री सिंह की शिक्षा के लिए समर्पण को दर्शाती है।

    शिक्षा के प्रति श्रीकृष्ण कुमार सिंह का योगदान

    श्रीकृष्ण कुमार सिंह ने अपने करियर में कई छात्रों को शिक्षित किया और उन्हें उनके भविष्य के लिए तैयार किया। उनके शिक्षण के तरीके और छात्रों के प्रति उनकी लगन ने उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनकी शिक्षण शैली और छात्रों के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा की सराहना की।

    इस समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी श्री सिंह के कार्यों की सराहना की और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि कैसे श्री सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान से कई बच्चों के जीवन को बदलने का कार्य किया है।

    कार्यक्रम में शामिल गणमान्य व्यक्तियों के विचार

    • अवकाश प्राप्त शिक्षक रामेश्वर प्रसाद ने कहा, “श्री सिंह ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी है और उन्होंने हमें प्रेरित किया है कि हम हमेशा छात्र हित में काम करें।”
    • स्थानीय व्यवसायी मोहनलाल गुप्ता ने कहा, “उनकी शिक्षण विधियों ने हमारे समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।”
    • पत्रकार संजय मिश्रा ने बताया, “श्री सिंह का जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणा है, और हमें उनके कार्यों से सीखने की आवश्यकता है।”

    श्रीकृष्ण कुमार सिंह की शिक्षण यात्रा

    श्रीकृष्ण कुमार सिंह की शिक्षण यात्रा अत्यंत प्रेरणादायक रही है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से विद्यालय से की थी और धीरे-धीरे अपनी मेहनत और लगन से प्रधानाध्यापक के पद तक पहुंचे। उनके शिक्षण के दौरान उन्होंने कई ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया, जो छात्रों के समग्र विकास में सहायक साबित हुए।

    उनकी शिक्षण शैली में हमेशा नवीनता रही है। उन्होंने तकनीक को अपने शिक्षण में शामिल किया और छात्रों को आधुनिक शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया, जिससे छात्रों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास हुआ।

    समारोह का समापन और भविष्य की योजनाएँ

    समारोह का समापन एक संक्षिप्त भाषण के साथ हुआ, जिसमें श्रीकृष्ण कुमार सिंह ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि शिक्षा का प्रकाश हमेशा जलता रहना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल एक पेशा नहीं है, बल्कि यह एक मिशन है।

    आगे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में और भी सुधार होंगे और वे अपने अनुभवों के माध्यम से युवा शिक्षकों को मार्गदर्शन देने का कार्य जारी रखेंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे शिक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और इसे आगे बढ़ाने में सहयोग करें।

    इस विशेष अवसर पर श्रीकृष्ण कुमार सिंह का जन्मदिन मनाना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था। उनके योगदान को याद करते हुए सभी ने उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।

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  • Knife Attack: बिहार में विवाद में युवक गंभीर रूप से घायल

    Knife Attack: बिहार में विवाद में युवक गंभीर रूप से घायल

    बिहार समाचार: रिविलगंज में चाकूबाजी की घटना

    रिविलगंज थाना क्षेत्र के इंग्लिशपुर (इनई) गांव में एक गंभीर चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक की पहचान इंग्लिशपुर गांव के निवासी कृष्णा सिंह के पुत्र अजय सिंह (32 वर्ष) के रूप में हुई है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना आपसी विवाद के चलते हुई। सभी स्थानीय लोग इस घटना को लेकर चिंतित हैं और घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय पैदा करती हैं और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा का प्रश्न बन जाती हैं।

    घटना का विवरण और स्थानीय प्रतिक्रिया

    घटना के बाद, गाँव के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने घटना की निंदा की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रकार की हिंसक घटनाएं अक्सर बढ़ रही हैं और प्रशासन को इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आपसी मतभेदों को हल करने के लिए बातचीत और संवाद का सहारा लेना चाहिए, न कि हिंसा का।

    स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि वे हमलावरों की पहचान करने के लिए जांच कर रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इस प्रकार की घटनाओं से न केवल पीड़ित बल्कि पूरे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    समाज में बढ़ती हिंसा के कारण

    बिहार में इस तरह की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में, कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जहां छोटे-छोटे विवादों के चलते गंभीर हिंसा हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

    • शिक्षा की कमी: कई बार लोग बिना समझे-समझाए ही हिंसा का सहारा लेते हैं।
    • परिवारिक तनाव: घर में तनाव और पारिवारिक समस्याएं भी ऐसे मामलों को बढ़ावा देती हैं।
    • सामाजिक असमानता: समाज में असमानता और भेदभाव भी हिंसा को जन्म देते हैं।

    स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी

    स्थानीय प्रशासन को इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। पुलिस को न केवल अपराधियों को पकड़ने में सक्रियता दिखानी चाहिए, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इसके तहत लोगों को समझाया जा सकता है कि कैसे वे अपने मतभेदों को शांति से हल कर सकते हैं।

    इसके अलावा, स्थानीय सरकारी संस्थाओं को भी इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। शिक्षा, संवाद और सामुदायिक सहयोग से ही हम इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

    निष्कर्ष

    रिविलगंज में हुई चाकूबाजी की घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती हिंसा के मुद्दे को उठाया है। सभी को मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास करना होगा। हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय, हमें संवाद और समझदारी से काम लेना चाहिए। हम सभी को यह समझना चाहिए कि एक स्वस्थ समाज के लिए एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहिष्णुता बहुत जरूरी है।

    घटना की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि पुलिस जल्द ही अपराधियों को पकड़ लेगी। समाज के सभी वर्गों को इस दिशा में आगे आना होगा और एकजुट होकर काम करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • Job: आनंद मोहन को खेल कोटे से रेलवे में नियुक्ति

    Job: आनंद मोहन को खेल कोटे से रेलवे में नियुक्ति

    बिहार के युवा खिलाड़ी आनंद मोहन यादव का शानदार सफलता की कहानी

    बिहार के बहादुरपुर प्रखंड के डाइंग गांव के निवासी किसान लक्ष्मण यादव के पुत्र आनंद मोहन यादव ने खेल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। कराटे और एथलेटिक्स में अपनी उत्कृष्टता के चलते उन्हें भारतीय रेलवे में खेल कोटे के तहत नियुक्ति मिली है। यह उपलब्धि न केवल आनंद के लिए, बल्कि पूरे जिले के खिलाड़ियों के लिए भी गर्व की बात है। युवा एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार और भारतीय खेल पुरस्कार चयन समिति की अनुशंसा पर आनंद को ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ईसीआर), हाजीपुर के अंतर्गत दानापुर डिवीजन में टिकट कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया है।

    आनंद मोहन यादव ने पिछले 13 वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस सफलता तक पहुँचाया है। 2016 में उनका चयन जोहांसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित वर्ल्ड कप प्रतियोगिता के लिए भी हुआ था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण वह उस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सके। यह एक कठिनाई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत जारी रखी।

    आनंद मोहन यादव की खेल यात्रा

    आनंद की खेल यात्रा ने उन्हें न केवल व्यक्तिगत सफलता दिलाई है, बल्कि वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने हैं। उन्होंने कराटे में कई प्रतियोगिताएं जीती हैं और एथलेटिक्स में भी अपना नाम बनाया है। उनके कोच सुशील कुमार और अन्य खेल जगत से जुड़े लोगों ने उनके चयन पर खुशी व्यक्त की है और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। इस सफलता ने जिले के अन्य खिलाड़ियों में भी उत्साह और प्रेरणा भरी है।

    • आनंद का चयन ईस्ट सेंट्रल रेलवे में टिकट कलेक्टर के पद पर हुआ है।
    • उन्होंने अपने करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है।
    • 2016 में वर्ल्ड कप प्रतियोगिता के लिए उनका चयन किया गया था।
    • आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने खेल में अपने लक्ष्यों को नहीं छोड़ा।

    खेल कोटे से नौकरी मिलने का महत्व

    खेल कोटे से नौकरी मिलना न केवल आनंद के लिए, बल्कि पूरे जिले के खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक संदेश देता है। यह दर्शाता है कि मेहनत और समर्पण का फल हमेशा मीठा होता है। आनंद की सफलता ने अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है कि वे अपने सपनों को साकार करने के लिए कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। यह कदम सरकार की ओर से खेलों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

    बिहार में खेलों की स्थिति में सुधार लाने और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे और भी खिलाड़ी सामने आएं। आनंद मोहन यादव का उदाहरण यह दिखाता है कि यदि आपके अंदर प्रतिभा है और आप उसे निखारने के लिए मेहनत करते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।

    समाज में खेलों के प्रति जागरूकता

    आनंद मोहन यादव की सफलता ने समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह घटनाएँ दर्शाती हैं कि खेल एक ऐसा माध्यम है, जो न केवल व्यक्तिगत विकास में मदद करता है, बल्कि सामाजिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। कई युवा अब खेलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और इसे अपने करियर का हिस्सा बना रहे हैं।

    खेल मंत्रालय और विभिन्न खेल संस्थानों को चाहिए कि वे ऐसे खिलाड़ियों को और अधिक प्रोत्साहन दें, ताकि वे अपने कौशल को और निखार सकें। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए टूर्नामेंट और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जानी चाहिए। इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा और वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने जिले का नाम रोशन कर सकेंगे।

    आनंद मोहन यादव की इस सफलता के पीछे की कहानी हर युवा खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा है। यह साबित करता है कि कठिनाइयों का सामना करने और लगातार मेहनत करने से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। अब उम्मीद की जा रही है कि आनंद की सफलता से अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ेंगे।

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  • School Update: बिहार में कक्षा 8 तक के स्कूल चार जनवरी तक बंद रहेंगे

    School Update: बिहार में कक्षा 8 तक के स्कूल चार जनवरी तक बंद रहेंगे

    बिहार में कक्षा 8 तक के विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक

    बिहार के जिलों में इस समय ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला दंडाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने आदेश जारी किया है कि जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 4 जनवरी 2026 तक रोक लगा दी गई है। यह आदेश 24 दिसंबर बुधवार से प्रभावी होगा।

    इस निर्णय का मुख्य कारण है ठंड के चलते बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा। हाल ही में दैनिक भास्कर द्वारा विद्यालयों में बच्चों की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी, जिसमें ठंड में विद्यालय आने वाले बच्चों की दुर्दशा को दर्शाया गया था। इसके बाद, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह निर्णय लिया। आदेश के अनुसार, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित कक्षा 1 से 8 तक की सभी कक्षाएं बंद रहेंगी। हालांकि, कक्षा 9 और उससे ऊपर की पढ़ाई आवश्यक सावधानियों के साथ जारी रहेगी।

    बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता

    जिला दंडाधिकारी के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रधानाध्यापक और शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहेंगे, ताकि शिक्षा का सिलसिला जारी रह सके। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। बच्चों की सुरक्षा हमेशा से प्राथमिकता रही है, और इस ठंड के मौसम में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

    जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि ठंड के चलते बच्चों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, अभिभावक भी राहत की सांस ले सकते हैं, क्योंकि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। ठंड के मौसम में बच्चों का ठंड से बचाव करना आवश्यक है, और इस निर्णय से बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दी गई है।

    ठंड के मौसम में सुरक्षा उपाय

    जिलों में बढ़ती ठंड को देखते हुए, यह आवश्यक है कि सभी स्कूलों में उचित सुरक्षा उपायों को अपनाया जाए। विद्यालयों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों के लिए गर्म कपड़े, चाय और अन्य गर्म पेय पदार्थों का प्रबंध करें। इसके साथ ही, विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच और बच्चों के लिए हाइजीनिक माहौल सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

    • गर्म कपड़े: बच्चों को विद्यालय में गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
    • गर्म पेय पदार्थ: विद्यालयों में बच्चों के लिए चाय और अन्य गर्म पेय का प्रबंध किया जाएगा।
    • स्वास्थ्य जांच: बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाएगी ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय पर समाधान हो सके।
    • सुरक्षित माहौल: विद्यालयों में हाइजीनिक माहौल सुनिश्चित किया जाएगा।

    इस प्रकार, बिहार के जिलों में ठंड की स्थिति को देखते हुए विद्यालयों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिए एक सराहनीय कदम है। अभिभावकों को इस निर्णय से राहत मिली है और वे अपने बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित नहीं हैं। जिला प्रशासन ने इस ठंड के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है, जिससे सभी बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

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  • Bihar News: सीतामढ़ी में 135 लीटर शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार

    Bihar News: सीतामढ़ी में 135 लीटर शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार

    सीतामढ़ी में शराबबंदी कानून का सख्त कार्यान्वयन

    सीतामढ़ी जिले में शराबबंदी कानून को मजबूती से लागू करने के लिए भिट्ठा थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए नेपाली सौंफी शराब की एक बड़ी खेप के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपी और बरामद शराब की मात्रा

    पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल के साथ कुल 135 लीटर नेपाली सौंफी शराब बरामद की है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान जीतू बैठा के रूप में की गई है, जो कि अवैध शराब की तस्करी में संलिप्त था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी दर्शाती है कि इस तस्करी का नेटवर्क काफी संगठित और सक्रिय है।

    गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

    भिट्ठा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र में नेपाली शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के तुरंत बाद थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इसके बाद संदिग्ध स्थानों और संभावित मार्गों पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया गया। विशेष रूप से रात के समय की गई जांच में पुलिस ने तस्करों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी।

    पुलिस द्वारा संदिग्ध तस्कर की पहचान

    जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने पुलिस को देखकर घबराकर रास्ता बदलने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी में मोटरसाइकिल पर लदी नेपाली सौंफी शराब बरामद हुई, जिसे छिपाने की कोशिश की गई थी। यह शराब इतनी कुशलता से छिपाई गई थी कि पहली नजर में यह सामान जैसा प्रतीत होता था, लेकिन गहन जांच में पुलिस ने सच्चाई का पता लगा लिया।

    तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश

    पुलिस ने जीतू बैठा को रंगे हाथ पकड़ लिया और उसके खिलाफ कार्रवाई की। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को उम्मीद है कि वह शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग प्रदान कर सकता है। पुलिस यह जानने की कोशिश में जुटी है कि यह शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।

    मद्य निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज

    भिट्ठा थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ाई गई

    भिट्ठा थाना क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है, जिससे यह शराब तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में गश्ती बढ़ाने, रात में वाहन जांच तेज करने, और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इस तरह की कार्रवाई से तस्करों के हौसले को तोड़ने के लिए पुलिस ने अपनी रणनीति को मजबूत किया है।

    पुलिस का सख्त संदेश

    भिट्ठा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी अवैध गतिविधि में संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें शराब तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिले, तो वे बिना किसी डर के पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।

    शराबबंदी को लेकर प्रशासन की गंभीरता

    इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है। उनका कहना है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन का मानना है कि लगातार कार्रवाई से तस्करों के हौसले पस्त होंगे और अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

    इस प्रकार, सीतामढ़ी में पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रहा है। भविष्य में ऐसी और कार्रवाइयों की अपेक्षा की जा रही है।

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  • Theft: बरबीघा में चोर की चाल नाकाम, पुलिस ने पकड़ा

    Theft: बरबीघा में चोर की चाल नाकाम, पुलिस ने पकड़ा

    बिहार में बाइक चोरी का मामला: चोर की चालाकी बनी कमजोरी

    शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर में एक दिलचस्प बाइक चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें चोर की चालाकी अंततः उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई। चोर ने चोरी की गई बाइक को पहचान से बचाने के लिए उसे एक गैराज में नया लुक देने के लिए भेज दिया। लेकिन किस्मत ने उसकी मदद नहीं की और उसकी योजना ध्वस्त हो गई।

    चोरी की रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई

    घटना बरबीघा थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाले विक्रम कुमार से संबंधित है। विक्रम ने बताया कि सोमवार की रात, उन्होंने अपनी बाइक घर के सामने खड़ी की और सोने चले गए। जब सुबह उठे, तो देखा कि बाइक गायब है। उन्होंने आस-पास खोजना शुरू किया, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला।

    विक्रम ने बताया कि प्रारंभ में उन्हें लगा कि बाइक पास में ही कहीं होगी, लेकिन जब काफी देर तक खोजने के बाद भी बाइक नहीं मिली, तो उन्हें चोरी की आशंका पुख्ता हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को इस बारे में जानकारी दी।

    बाइक की पहचान और गैराज में खोज

    मंगलवार दोपहर, एक परिचित युवक ने विक्रम को सूचित किया कि बरबीघा सिनेमा हॉल के पास एक गैराज में उनकी बाइक जैसी एक बाइक खड़ी है। विक्रम तुरंत वहां पहुंचे और देखा कि वास्तव में वह उनकी ही बाइक थी। बाइक के नंबर और पहचान चिह्नों से उन्होंने इसे तुरंत पहचान लिया। उस समय बाइक को नया लुक देने के लिए उस पर काम किया जा रहा था।

    बाइक की पहचान होने के बाद, विक्रम ने गैराज संचालक से पूछताछ की। संचालक ने बताया कि यह बाइक एक युवक द्वारा चेंज कराने के लिए लाई गई थी। युवक ने बाइक का रंग और कुछ पार्ट्स बदलने की बात कही थी ताकि उसे पहचान न सके।

    पुलिस की योजना और चोर की गिरफ्तारी

    विक्रम ने तुरंत बरबीघा थाना पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और गैराज संचालक से विस्तार से पूछताछ की। संचालक ने पुलिस को बताया कि बाइक देने वाले युवक का मोबाइल नंबर उसके पास है। पुलिस ने उस नंबर पर संपर्क कर आरोपी को बाइक लेने के लिए बुलाया।

    जैसे ही युवक बाइक लेने गैराज पहुंचा, पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली। इस युवक की पहचान नारायणपुर मोहल्ला निवासी विकास कुमार के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने योजना बनाई थी कि वह बाइक को पहचान से बचाने के लिए गैराज में नया लुक दिलाएगा, लेकिन यह योजना ही उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।

    अपराध में संभावित अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस बाइक चोरी की घटना में एक और युवक शामिल हो सकता है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर दूसरे आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    चोरी की बाइक की बरामदगी और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    पुलिस ने चोरी की गई बाइक को जब्त कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे विक्रम को सौंपने की तैयारी की जा रही है। वहीं, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। हाल के दिनों में बरबीघा नगर में बाइक चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं, इसलिए पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों का विश्वास बढ़ाया है।

    पुलिस की अपील और भविष्य की योजना

    पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे रात में अपने वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। यदि संभव हो तो लॉक और सुरक्षा उपकरण का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। बरबीघा थाना पुलिस ने कहा है कि वाहन चोरी पर अंकुश लगाने के लिए गश्ती और निगरानी को और तेज किया जाएगा।

  • Oxygen Theft: सहरसा अस्पताल में पाइप चोरी, गार्ड की आवाज सुनकर भागे चोर

    Oxygen Theft: सहरसा अस्पताल में पाइप चोरी, गार्ड की आवाज सुनकर भागे चोर

    बिहार में सहरसा सदर अस्पताल में सुरक्षा चूक: ऑक्सीजन पाइप की चोरी

    सहरसा सदर अस्पताल में एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है, जहां सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण मरीजों की जान बचाने वाली ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ी तांबे की पाइप चोरी हो गई। यह घटना न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है। इस चोरी की घटना ने अस्पताल में हड़कंप मचा दिया और मरीजों के परिजनों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

    चोरी की घटना की जानकारी

    इस मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एसएस मेहता ने मंगलवार की शाम को सदर थाना जाकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हो रही लगातार चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और रात में गश्ती बढ़ाने की मांग की। मेहता ने बताया कि यह चोरी की घटना अस्पताल के बच्चा वार्ड के पीछे हुई, जहां अज्ञात चोर पोस्टमॉर्टम रूम की ओर से ग्रिल के नट खोलकर अंदर घुसे और वहां लगे ऑक्सीजन सप्लाई के तांबे के पाइप को काटकर ले गए।

    चोरी के समय की स्थिति

    उपाधीक्षक ने बताया कि यह पाइप सीधे अस्पताल की ऑक्सीजन लाइन से जुड़ी थी, जिससे गंभीर मरीजों और नवजात बच्चों को ऑक्सीजन सप्लाई होती है। यदि यह चोरी पूरी तरह सफल हो जाती या रात के समय होती, तो मरीजों की जान पर खतरा मंडरा सकता था। चोरों ने जब पाइप काटने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद गेट गार्ड को संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं। जब गार्ड ने शोर मचाया, तो चोर तुरंत भाग निकले, लेकिन तब तक वे कुछ पाइप काटने में सफल हो चुके थे।

    अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल ऑक्सीजन लाइन की जांच की गई ताकि मरीजों को कोई नुकसान न हो। उपाधीक्षक एसएस मेहता ने पुलिस से अनुरोध किया कि यदि रात में दो-तीन बार पेट्रोलिंग पार्टी अस्पताल परिसर का चक्कर लगाए, तो चोरों में भय का माहौल बनेगा और इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले भी छोटी-बड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब मामला मरीजों की जान से जुड़ गया है।

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। सुरक्षा गार्ड की तैनाती और सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरों ने इतनी आसानी से ऑक्सीजन पाइप काटकर ले जाने में सफलता प्राप्त की। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि रात के समय अस्पताल परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही आम बात हो गई है। कई बार चोरी और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की गई, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए गए।

    मामले की गंभीरता

    ऑक्सीजन पाइप की चोरी को लोग केवल एक चोरी नहीं, बल्कि जानलेवा अपराध मान रहे हैं। बच्चा वार्ड और इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन सप्लाई जीवन और मृत्यु का सवाल होती है। मरीजों के परिजनों ने चिंता जताते हुए यह सवाल उठाया है कि यदि किसी रात ऑक्सीजन सप्लाई अचानक बंद हो जाए और मरीज की मौत हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

    पुलिस की कार्रवाई

    इस मामले पर सदर थाना प्रभारी शोएब अख्तर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी, और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

    जिला स्वास्थ्य प्रशासन की चुप्पी

    घटना के बाद जिला स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, अंदरखाने में अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। लोगों की चिंता यह है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक मरीजों की जान खतरे में बनी रहेगी।

    जनहित का मुद्दा

    यह घटना केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। अस्पताल परिसर की सुरक्षा बढ़ाने, रात में नियमित पुलिस गश्ती करने, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त करने और अस्पताल में चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। जब तक ऐसे कदम नहीं उठाए जाते, तब तक मरीजों की जान खतरे में बनी रहेगी।

  • Membership: भागलपुर में जदयू अभियान 2025-28 का शुभारंभ

    Membership: भागलपुर में जदयू अभियान 2025-28 का शुभारंभ

    भागलपुर में जदयू का सदस्यता अभियान 2025-28 का आगाज

    भागलपुर के मारवाड़ी कॉलेज सभागार में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के ‘सदस्यता अभियान 2025-28’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह आयोजन छात्र जनता दल यूनाइटेड (छात्र जदयू) के तत्वावधान में किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

    कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यकारी जिला अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर उन्होंने जदयू की विचारधारा को साझा करते हुए कहा कि यह संगठन सामाजिक न्याय, विकास और युवाओं की भागीदारी पर आधारित है। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व के अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    कार्यक्रम में प्रमुख व्यक्तित्वों की उपस्थिति

    कार्यक्रम की अध्यक्षता छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष एहसान उल राजा ‘डेविड’ ने की, जबकि संचालन का कार्य छात्र जदयू जिला अध्यक्ष गोलु मंडल ने किया। विवेकानंद गुप्ता ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि जदयू युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है और उन्हें राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।

    जदयू के वरिष्ठ नेता सुड्डू साईं ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे संगठन से जुड़कर स्वच्छ, सकारात्मक और जनसेवा की राजनीति को आगे बढ़ाएं। उन्होंने बताया कि यह सदस्यता अभियान संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा और जनहित में कार्य करने का अवसर प्रदान करेगा।

    छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता

    छात्र जदयू विश्वविद्यालय अध्यक्ष एहसान उल राजा ‘डेविड’ ने इस अवसर पर कहा कि छात्र जदयू हमेशा छात्र-छात्राओं के हितों के लिए तत्पर है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव खड़ा रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन छात्रों के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी आवाज उठा सकते हैं।

    इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेतागण भी उपस्थित थे, जिनमें वरिष्ठ नेता सुड्डू साईं, जिला प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर, जदयू नेता शिपु मंडल, शाबान खान, छात्र नेता वसीम अकरम, छात्र जदयू जिला उपाध्यक्ष पीयूष सिंह, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष मोनू पंडित, टी.एन.बी. कॉलेज अध्यक्ष सुब्रत कुमार, मारवाड़ी कॉलेज अध्यक्ष आयुष कुमार, टी.एन.बी. कॉलेज उपाध्यक्ष रूपक कुमार, और मारवाड़ी कॉलेज उपाध्यक्ष रोविंस शामिल थे।

    आगामी चुनौतियाँ और संगठन का दृष्टिकोण

    जदयू का यह सदस्यता अभियान न केवल संगठन के लिए बल्कि बिहार के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अभियान के माध्यम से संगठन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि वह युवाओं के मुद्दों के प्रति गंभीर है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों के बीच सक्रियता बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं ने संगठन से जुड़ने की इच्छा जताई और अपनी समस्याओं को उठाने का आश्वासन दिया। यह सदस्यता अभियान आगामी चुनावों के मद्देनजर जदयू के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

    इस प्रकार, भागलपुर में जदयू का यह सदस्यता अभियान न केवल संगठन की संभावित वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह बिहार के युवाओं को एक नई दिशा देने का भी प्रयास है। जदयू का यह कदम साबित करेगा कि वे युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के लिए कितने तत्पर हैं।

    बिहार समाचार हिंदी में

  • Weather Update: भागलपुर में 31 दिसंबर तक आठवीं कक्षा स्थगित, डीएम का आदेश

    Weather Update: भागलपुर में 31 दिसंबर तक आठवीं कक्षा स्थगित, डीएम का आदेश

    बिहार में बढ़ती ठंड: प्रशासन ने स्कूलों में नियमित पढ़ाई पर लगाई रोक

    भागलपुर। बिहार में ठंड, घने कोहरे और गिरते तापमान के कारण जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के DM नवल किशोर चौधरी ने कक्षा 1 से 8 तक सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में नियमित पढ़ाई पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

    जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, निजी विद्यालय, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई पर रोक रहेगी। हालांकि, विद्यालयों में प्रशासकीय कार्य सुबह 10 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे। DM ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति आवश्यक होगी।

    मौसम विभाग का अनुमान: ठंड और घने कोहरे में वृद्धि

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और घने कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है। सुबह और शाम के समय दृश्यता काफी कम हो रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है।

    DM ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी भी संस्थान द्वारा आदेश की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश के अनुपालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि पुलिस प्रशासन को भी पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।

    डॉक्टरों की सलाह: ठंड के मौसम में सावधानी बरतें

    भागलपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.के. सिंह ने ठंड के मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे सर्दी-खांसी, बुखार, निमोनिया और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

    डॉ. सिंह ने सलाह दी कि लोग सुबह-शाम अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो तो गर्म कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने या खेलने से बचाना चाहिए और उन्हें हमेशा सूखे व गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। गीले कपड़े तुरंत बदल देना चाहिए, क्योंकि नमी ठंड को और बढ़ा देती है। वहीं, बुजुर्गों को सुबह टहलने के लिए धूप निकलने के बाद ही बाहर जाना चाहिए।

    सुरक्षा उपाय: ठंड से बचने के लिए जरूरी कदम

    • गर्म कपड़े: ठंड में बाहर जाने से पहले उचित गर्म कपड़े पहनें। टोपी, मफलर और दस्ताने का प्रयोग करें।
    • बच्चों की देखभाल: बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने से बचाएं और उन्हें सूखे कपड़े पहनाएं।
    • बुजुर्गों का ध्यान: बुजुर्गों को सुबह टहलने के लिए धूप निकलने का इंतजार करना चाहिए।
    • साफ-सफाई: गीले कपड़ों को तुरंत बदल दें ताकि नमी से बचा जा सके।

    इस प्रकार, बिहार में ठंड के बढ़ते प्रभाव और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए प्रशासन ने उचित कदम उठाए हैं। सभी नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे इन सलाहों का पालन करें और अपनी और अपने प्रियजनों की सेहत का ध्यान रखें।

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