भागलपुर में वार्ड पार्षद का भूख हड़ताल: स्थानीय विकास कार्यों की मांग
भागलपुर नगर निगम में विकास कार्यों की धीमी गति और अव्यवस्था को लेकर वार्ड संख्या-13 के पार्षद रंजीत मंडल के नेतृत्व में एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। इस हड़ताल में स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। पार्षद मंडल ने स्थानीय लोगों को हो रही दिक्कतों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों में की जा रही अनदेखी से नागरिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
रंजीत मंडल ने आरोप लगाया कि नगर निगम की मेयर वसुंधरा लाल ने वार्ड संख्या-13 के विकास कार्यों को जानबूझकर नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि वार्ड में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, नाला, पेयजल और सफाई की व्यवस्था अत्यंत खराब स्थिति में है। इसके बावजूद, उन्होंने बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।
भूख हड़ताल के दौरान उठाई गई मांगें
- सड़क और नालियों की मरम्मत और विकास
- पेयजल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था
- साफ-सफाई और स्वच्छता के लिए उचित उपाय
भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने मेयर के रवैये को पक्षपातपूर्ण बताते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। रंजीत मंडल ने कहा कि जब भी वे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो मेयर द्वारा उसे रोका जाता है। यह स्थिति वार्ड में विकास को ठप कर रही है और आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षद ने चुनाव के समय किए गए वादों को याद करते हुए कहा कि मेयर ने परवर्ती क्षेत्र को अपना “मायका” बताते हुए विकास का भरोसा दिया था, लेकिन अब यह सब केवल भाषणों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि कई बार इस मुद्दे पर मेयर से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
स्थानीय लोगों की नाराजगी और चेतावनी
धरना स्थल पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने मेयर के रवैये पर नाराजगी व्यक्त की और चेतावनी दी कि यदि वार्ड संख्या-13 में विकास कार्यों को बिना किसी बाधा के शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस बीच, मेयर डॉक्टर वसुंधरा लाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि उनके पास विकास कार्यों की कमी के कारण कई समस्याएं हैं, जिसमें यातायात की समस्या, जल निकासी की कमी, और सफाई की स्थिति शामिल हैं। इन समस्याओं का समाधान न होने से स्थानीय नागरिकों की जीवनशैली पर बुरा असर पड़ रहा है।
समाज के प्रति जिम्मेदारी
नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह सभी वार्डों में विकास कार्यों को समानता से आगे बढ़ाए और नागरिकों की समस्याओं का समाधान करे। वार्ड संख्या-13 के निवासियों की ये समस्याएं केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि नगर निगम अपने कार्यों में सुधार करे और नागरिकों की आवाज़ को सुने।
भूख हड़ताल के माध्यम से वार्ड पार्षद और स्थानीय निवासियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए खड़े हैं और किसी भी प्रकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे में नगर निगम की मेयर और अन्य अधिकारियों को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके।






