Agriculture News: बिहार के रतनी कृषि कार्यालय में अधिकारियों की मनमानी, किसान लौटे निराश

बिहार में किसान परेशान: कृषि कार्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में अनियमितताओं की वजह से किसान बेहद परेशान हैं। यहां पर ताला लटकता दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में अधिकारियों और…

बिहार में किसान परेशान: कृषि कार्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम

जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में अनियमितताओं की वजह से किसान बेहद परेशान हैं। यहां पर ताला लटकता दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों का समय निर्धारित नहीं है, जिसके कारण किसानों को शिकायतें दर्ज कराने में कठिनाई हो रही है। कई किसान निराश होकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

सरकार ने किसानों के हित में कृषि विभाग को प्रखंड मुख्यालयों में सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया है, ताकि उन्हें समय पर योजनाओं और कृषि संबंधी सहायता मिल सके। लेकिन, रतनी फरीदपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में इस उद्देश्य की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यहां के कृषि पदाधिकारी और पंचायत कृषि कर्मी बिना किसी सूचना के कार्यालय में आते-जाते रहते हैं। इससे किसानों के लिए अपने मुद्दों को उठाना मुश्किल हो गया है।

किसानों की समस्याएं: रबी फसल से जुड़ी शिकायतें

हाल ही में, रबी फसल से संबंधित शिकायतें लेकर कई किसान रतनी प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने गेहूं की फसल बोई है, लेकिन बीज जमा करने में समस्या आ रही है। किसानों का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने पर उन्हें कोई पदाधिकारी या कर्मचारी नहीं मिला। कार्यालय खुला था या बंद, इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं थी।

किसानों का कहना है कि उन्हें यह भी पता नहीं चलता कि कृषि पदाधिकारी कब कार्यालय आते हैं और कब चले जाते हैं। इस असमंजस के कारण अधिकांश किसान निराश होकर घर लौट जाते हैं और अगले दिन फिर आने का इंतजार करते हैं। किसान मनोज कुमार ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से कृषि पदाधिकारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन दोपहर 1 बजे तक कोई अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि वे गेहूं की फसल से संबंधित समस्या के लिए आवेदन देने आए थे, लेकिन कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था। पूछने पर उन्हें केवल “साहब आते ही होंगे” का जवाब मिला, जो हर बार दोहराया जाता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन

इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस समस्या का समाधान तुरंत कर पाता है या फिर किसानों को और अधिक समय तक इसी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।

किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना और उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाना आवश्यक है। यह न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे किसान और अधिक निराश होंगे, जो कि कृषि के विकास के लिए ठीक नहीं होगा।

किसानों की आवाज़ को सुने जाने की आवश्यकता

इस स्थिति का समाधान करने के लिए स्थानीय प्रशासन को किसानों की आवाज़ को सुनने की आवश्यकता है। किसानों के लिए कृषि कार्यालय एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां उन्हें अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए जाना पड़ता है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो किसानों का प्रशासन पर से विश्वास उठ जाएगा और कृषि विकास में बाधा आएगी।

इसलिए, यह आवश्यक है कि प्रखंड कृषि कार्यालय में नियमितता लाई जाए और किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। इससे न केवल किसानों का विश्वास बढ़ेगा बल्कि कृषि क्षेत्र का भी समुचित विकास होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाता है।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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