मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागरी ने लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का दावा कर रही है।
प्रतिमा बागरी ने हाल ही में एक बैठक के दौरान कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली में सुधार की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर पाता है, तो इससे जनता में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
लोक निर्माण विभाग की चुनौतियाँ
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विभाग के भीतर कई समस्याएँ हैं, जिनका समाधान तत्काल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ समय पर पूरी नहीं हो रही हैं, जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य में अत्यधिक देरी हो रही है।
बागरी ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि विकास कार्यों में देरी का क्या असर पड़ता है। लोगों को सही समय पर सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हो पातीं, जिससे उनकी जीवनशैली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी परियोजनाएँ समय पर पूरी हों।”
सरकार की विकास योजनाएँ
मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई विकास योजनाएँ शुरू की हैं, जिनमें सड़क निर्माण, जल आपूर्ति और आवास परियोजनाएँ शामिल हैं। लेकिन मंत्री बागरी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं का कार्यान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है।
प्रतिमा बागरी ने कहा कि वह खुद इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करेंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विभाग को जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
जनता की अपेक्षाएँ और मंत्री का दृष्टिकोण
मंत्री ने कहा कि जनता की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं और उन्हें सरकार से बेहतर सेवाओं की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अपने कार्यों में पारदर्शिता लाए और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करे।
प्रतिमा बागरी ने यह भी कहा कि यदि विभाग की कार्यशैली में सुधार नहीं होता है, तो वह इसकी जिम्मेदारी लेगी। उन्होंने कहा, “मैं अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह हूँ और यदि विभाग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहता है, तो मैं इसके लिए तैयार रहूँगी।”
निष्कर्ष
हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का दावा किया है, लेकिन प्रतिमा बागरी के सवालों से यह स्पष्ट है कि पीडब्ल्यूडी विभाग को सुधार की आवश्यकता है। मंत्री का यह बयान सरकार के लिए एक चेतावनी है कि यदि वह जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरती है, तो इसका परिणाम नकारात्मक हो सकता है।
अब यह देखना होगा कि पीडब्ल्यूडी विभाग किस प्रकार अपनी कार्यशैली में सुधार लाता है और क्या मंत्री बागरी के निर्देशों का पालन किया जाता है। जनता की निगाहें अब इस पर टिकी हुई हैं।










