दमोह में अतिक्रमण हटाने का अभियान, कचौरा बाजार में कार्रवाई
दमोह शहर के कचौरा बाजार में शुक्रवार दोपहर नगर पालिका द्वारा एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान का संचालन किया गया। इस दौरान कुल 30 से अधिक दुकानों के बाहर लगे टीन शेड को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। साथ ही, सब्जी बाजार में भी अतिक्रमण को समाप्त किया गया। नगर पालिका के इस कदम को शहर के लोगों ने सराहा है।
कलेक्टर की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, कचौरा बाजार में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर टीन सेट लगाकर और सामान सड़क पर रखकर अतिक्रमण कर रखा था। सब्जी विक्रेताओं ने भी बाजार में काफी जगह घेर रखी थी। इस स्थिति को लेकर कलेक्टर सुधीर कोचर को कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
कलेक्टर के निर्देश पर नगर पालिका के सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी अपनी अतिक्रमण विरोधी टीम के साथ कचौरा बाजार पहुंचे। उनकी टीम ने सबसे पहले सब्जी बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराया, जिसके बाद दुकानों के बाहर लगे टीन शेड को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध व्यक्त किया, लेकिन नगर पालिका की सख्ती के आगे उनका विरोध बेअसर रहा।
अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा
नगर पालिका के सीएमओ ने बताया कि यह अतिक्रमण हटाने की मुहिम 15 जनवरी तक जारी रहेगी। इस दौरान अन्य बाजारों और इलाके में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और यातायात में सुधार होगा।
- अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान सब्जी बाजार को पहले मुक्त कराया गया।
- कलेक्टर सुधीर कोचर ने कई दिनों से मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई का आदेश दिया।
- नगर पालिका ने 30 दुकानों के टीन शेड जेसीबी की मदद से हटाए।
- दुकानदारों का विरोध बेकार साबित हुआ, नगर पालिका ने सख्ती से कार्रवाई की।
इस अभियान को लेकर स्थानीय निवासियों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। कुछ लोग नगर पालिका के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ दुकानदारों का मानना है कि यह कार्रवाई उनके लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इस मामले में अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे सभी दुकानदारों को उचित समय देंगे ताकि वे अपनी दुकानों का संचालन सुचारू रूप से कर सकें।
साथ ही, नगर पालिका ने यह भी सुनिश्चित किया है कि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए उचित नियम और नीतियाँ बनाई जाएंगी। ऐसे अभियान शहर की सड़कों को साफ रखने और अतिक्रमण को नियंत्रित करने में सहायक साबित होंगे।
इस प्रकार, दमोह में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी संरक्षित करने के लिए एक नया रास्ता प्रशस्त करेगा। नगर पालिका की यह पहल निश्चित रूप से अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण बन सकती है।










