मेरठ में किसान मेला और सम्मान दिवस का आयोजन
शुभम | मेरठ – भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर, मेरठ के सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में तीन दिवसीय विराट किसान मेला और किसान सम्मान दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 23 से 25 दिसंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि सूचना तंत्र को मजबूती प्रदान करना और किसानों में जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन और प्रमुख अतिथि
इस अद्वितीय मेले का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिलाध्यक्ष ने चौधरी चरण सिंह के जीवन और उनकी कृषि नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को लाभ मिलेगा।
किसानों को जानकारी और सलाह
कार्यक्रम में केवीके हस्तिनापुर की पशुधन वैज्ञानिक डॉ. सोनिका ग्रेवाल ने किसानों को पशुओं में बांझपन की समस्या और उसके समाधान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं को समय पर कृमिनाशक दवाएं देने और संतुलित आहार प्रदान करने से उनकी स्वास्थ्य स्थिति बेहतर हो सकती है। इस संबंध में उन्होंने हरा चारा, भूसा, और दाना देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
मेरठ के जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने कृषि मेले के संचालन की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने किसानों को डीएपी, एमओपी और यूरिया जैसे उर्वरकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। सिंह ने आश्वासन दिया कि जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरकों की कमी नहीं है, जिससे किसानों को खेती में कोई दिक्कत नहीं होगी।
कृषि योजनाओं और अनुदान की जानकारी
उप कृषि निदेशक नीलेश चौरसिया ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कृषि यंत्रों, और उन पर मिलने वाले अनुदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि किसान इन योजनाओं का लाभ उठाएं और अपने कृषि कार्य को और भी बेहतर बनाने की कोशिश करें।
मेरठ मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक अशोक कुमार यादव ने जिले और मंडल में उर्वरकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि बायो-फर्टिलाइजर के उपयोग से खेती में वृद्धि हो सकती है और किसानों को अपनी आवश्यकतानुसार ही उर्वरक खरीदने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि जिले के 12 विकास खंडों में कृषि रक्षा इकाइयों पर 50 प्रतिशत अनुदान पर रसायन उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ होगा।
किसानों के लिए लाभकारी कार्यक्रम
यह किसान मेला न केवल किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देने का एक मंच है, बल्कि यह उन्हें आपस में मिलने और अपने अनुभव साझा करने का भी अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार के आयोजनों से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी समस्याओं को साझा कर समाधान ढूंढ सकते हैं।
इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को नए कृषि उपकरणों और तकनीकों के बारे में जानकारी मिल रही है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सकती है। कृषि विभाग की यह पहल भविष्य में किसानों की आय में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगी।
निष्कर्ष
किसान मेला और सम्मान दिवस का आयोजन न केवल चौधरी चरण सिंह की जयंती को मनाने का एक तरीका है, बल्कि यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि किसानों की बेहतरी और कृषि के विकास के लिए सरकार और संबंधित विभाग लगातार प्रयासरत हैं। इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता से निश्चित रूप से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा।






