मध्य प्रदेश में निर्वाचक नामावली का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम
टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की जानकारी दी गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि जिले में 22 वर्षों के बाद मतदाता सूची का व्यापक शुद्धिकरण किया गया है। यह प्रक्रिया एक नई दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होगी।
मतदाता सूची में शुद्धिकरण और सत्यापन की प्रक्रिया
4 नवंबर से शुरू हुए एसआईआर सर्वे के अंतर्गत, जिले में कुल **7,14,256** मतदाताओं में से **6,76,943** का बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा सत्यापन किया गया। इस दौरान 7,003 मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध नहीं थी, जबकि **9,957** मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि की गई है। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन **23 दिसंबर** को किया गया, और इस पर **22 जनवरी 2026** तक दावा-आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई, सत्यापन और निर्णय **14 फरवरी** को एक साथ किया जाएगा। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची में सभी सही और अद्यतन जानकारी शामिल हो।
अंतिम प्रकाशन की तिथि और युवा मतदाताओं का समावेश
कलेक्टर ने आगे बताया कि **21 फरवरी** को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस प्रकाशन से पहले, **17 फरवरी** तक आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति ली जाएगी। इस दौरान युवा मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़े जा सकेंगे, जिससे मतदान प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि **1986** में जन्मे व्यक्तियों को भारतीय नागरिक माना गया है। इसके अलावा, **2004** तक के मतदाताओं का सत्यापन वर्ष **2003** की मतदाता सूची के आधार पर किया गया है। जिले के **7,14,056** मतदाताओं में से **6,76,955** को डिजिटल किया गया है, जिनमें से **6,76,943** का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है।
मतदाता सूची में विसंगतियों और सुविधाओं का ध्यान
मतदाता सूची में **3,04,972** मतदाता स्वयं और **3,64,980** मतदाता वंशज के रूप में दर्ज हैं। इस प्रक्रिया के दौरान **21,979** मतदाताओं में विसंगतियां पाई गईं, जबकि **21,128** मतदाताओं में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसके अलावा, **851** दिव्यांग मतदाता और **20,436** मतदाताओं ने तबादला कराया है। कुल मिलाकर, **2,246** मतदाता पहले से नामांकित पाए गए, जबकि **4** मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है।
मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि
मतदाताओं की सुविधा के लिए जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। टीकमगढ़ विधानसभा में मतदान केंद्रों की संख्या **265** से बढ़ाकर **294** कर दी गई है, जो कि **29** की वृद्धि है। इसी प्रकार, जतारा विधानसभा में मतदान केंद्रों की संख्या **256** से बढ़ाकर **285** (29 की वृद्धि) और खरगापुर विधानसभा में **287** से बढ़ाकर **319** (32 की वृद्धि) की गई है। यह सभी कदम मतदाता सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।
इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के माध्यम से, निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी मतदाता सही और अद्यतन जानकारी के साथ अपनी मतदान प्रक्रिया में भाग लें। यह प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है और सभी नागरिकों को अपने मताधिकार का सही उपयोग करने में मदद करेगी।






