छतरपुर जिले में नई मतदाता सूची का प्रकाशन
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत नई मतदाता सूची जारी की गई। इस सूची के अनुसार, जिले में अब मतदाताओं की कुल संख्या 13,72,010 हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी पार्थ जैसवाल ने भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी (आप) और सीपीआई के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें नई मतदाता सूची के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
मतदान केंद्रों की संख्या में वृद्धि
छतरपुर जिले में अब कुल 1,801 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से 212 नए केंद्र इस बार जोड़े गए हैं। नई सूची में मतदाताओं की संख्या का वितरण इस प्रकार है: 7,36,858 पुरुष, 6,35,137 महिलाएँ और 15 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में चुनावी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक तैयारियाँ की गई हैं।
मतदाता नामों में कटौती
नई मतदाता सूची के अनुसार, इस बार 75,169 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें से 16,792 मृत मतदाता, 13,731 अनुपस्थित, 39,408 स्थानांतरित और 4,679 दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, SIR के दौरान 10,938 मतदाता ऐसे पाए गए, जिनका मैप नहीं किया गया, और उनके लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
मतदाता नाम जोड़ने और सुधारने की प्रक्रिया
नई मतदाता सूची अब सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध है। मतदाता अपने नाम की स्थिति को ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर चेक कर सकते हैं, जैसे कि www.voters.eci.gov.in और www.ceoelection.mp.gov.in। यदि किसी मतदाता का नाम जोड़ना है, तो उन्हें फॉर्म 6 भरना होगा, गलत नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार के लिए फॉर्म 8 का उपयोग करना होगा। विशेष रूप से, जो मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे फॉर्म 6 भरकर अपने बीएलओ के पास नाम जोड़ सकते हैं।
मतदाता जागरूकता का महत्व
इस बार की सूची में सुधार और नई जानकारी को देखते हुए यह आवश्यक है कि मतदान के सभी इच्छुक व्यक्ति जागरूकता अभियान का हिस्सा बनें। निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली जागरूकता गतिविधियाँ और सेमिनार इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी मतदाता चुनावी प्रक्रिया से वंचित न रहे, सभी को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए।
निष्कर्ष
छतरपुर जिले में नई मतदाता सूची का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण पहल है, जो आगामी चुनावों की तैयारी को सुगम बनाएगा। सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं को इस प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता करनी चाहिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके। सही जानकारी और सही समय पर कार्रवाई से ही हम एक मजबूत लोकतंत्र की दिशा में बढ़ सकते हैं।






