Skating News: MP में चैंपियनशिप में घायल हुए छात्र, ट्रैक पर समस्या!

ग्वालियर में नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल ग्वालियर के आईटीएम ग्लोबल स्कूल में चल रही नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप ने छात्रों और उनके परिजनों में चिंता और आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। यह प्रतियोगिता स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित की जा रही है। चैंपियनशिप…

ग्वालियर में नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में छात्रों की सुरक्षा पर सवाल

ग्वालियर के आईटीएम ग्लोबल स्कूल में चल रही नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप ने छात्रों और उनके परिजनों में चिंता और आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। यह प्रतियोगिता स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन द्वारा आयोजित की जा रही है। चैंपियनशिप का आयोजन देशभर के विभिन्न स्कूलों के प्रतिभागियों के लिए किया गया है, जिसमें करीब 25 राज्यों से 30 यूनिट्स ने भाग लिया है। इस प्रतियोगिता में 11, 14, 17 और 19 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए खेल आयोजित किए जा रहे हैं।

यह चैंपियनशिप 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा उद्घाटन की गई थी और यह 30 दिसंबर तक चलेगी। हालाँकि, प्रतियोगिता के पहले दिन ही कई छात्र दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि ट्रैक की स्थिति अत्यंत ख़राब है। प्रतियोगिता स्थल पर मौजूद ट्रैक में उबड़-खाबड़ जगहें और दरारें मौजूद हैं, जो स्केटिंग करते समय छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं।

ट्रैक की स्थिति और छात्रों की चोटें

आईटीएम ग्लोबल स्कूल में स्केटिंग ट्रैक की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। ट्रैक न केवल उबड़-खाबड़ है बल्कि यह नेशनल लेवल के गेम्स के मानकों को भी पूरा नहीं करता है। जैसे ही छात्र तेज गति से स्केटिंग करते हैं, उन्हें ट्रैक के उभरे हिस्सों से गुजरना पड़ता है, जिससे वे गिरकर घायल हो जाते हैं। यदि छात्र गति कम कर लेते हैं, तो वे सुरक्षित रह सकते हैं, लेकिन कई बच्चों ने पहले ही दिन गंभीर चोटें खाईं। झारखंड राज्य से आए 13 वर्षीय छात्र लावयांश पांडेय को गिरकर चोट आई है, जिससे यह स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।

ट्रैक पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं, जो न केवल प्रतियोगिता की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं। इन दरारों को सीमेंट से भरने का प्रयास किया गया है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

परिजनों का आक्रोश और शिकायतें

इस नेशनल लेवल की चैंपियनशिप के आयोजन में ऐसी गंदगी से परिजनों में आक्रोश फैल गया है। कई परिजनों ने स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों को अपनी नाराजगी से अवगत कराया है, लेकिन उन्होंने लिखित में कोई शिकायत नहीं की है। इसके पीछे का कारण यह है कि वे सभी विभिन्न राज्यों से आए हैं और किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते।

हालांकि, यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। परिजन चाहते हैं कि संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

कोच का बयान: व्यवस्थाएं बेहद खराब

झारखंड से स्केटिंग टीम लेकर आए कोच सुमित शर्मा ने इस आयोजन की व्यवस्थाओं पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी प्रकार की उचित व्यवस्था नहीं है, और न ही खान-पान की कोई सही व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि जो खाना दिया जा रहा है, उसे खाकर बच्चे और उनके परिजन बीमार पड़ रहे हैं। सुमित शर्मा ने कहा, “मैं स्वयं हॉस्पिटल में भर्ती हूँ और दवा लेकर आया हूँ।” उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि प्रतियोगिता के आयोजन में गंभीर अव्यवस्थाएँ हैं।

कोच ने यह भी कहा कि स्केटिंग कोर्ट की हालत बहुत खराब है, जिस पर प्रतियोगिता के दौरान बच्चे गिरकर घायल हो रहे हैं। यह स्थिति प्रतियोगिता की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकती है।

निष्कर्ष: बच्चों की सुरक्षा हो प्राथमिकता

इस चैंपियनशिप ने ग्वालियर में खेल आयोजनों के स्तर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, और आयोजकों को चाहिए कि वे इस समस्या का समाधान करें। यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो न केवल प्रतियोगिता की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ेगी। सभी संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों और बच्चों को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

MP News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools