मध्य प्रदेश: सर्रा के ग्रामीणों ने सड़क और पुलिया निर्माण का उठाया मुद्दा
नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत विचुआ के अंतर्गत आने वाले ग्राम सर्रा के निवासियों ने मंगलवार को कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने टोले तक पक्की सड़क और पुलिया निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रहे हैं और पक्के आवागमन मार्ग के अभाव में उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि सर्रा टोले में लगभग 25 मकान हैं, जहां करीब 125 लोग निवास करते हैं। इतना ही नहीं, इस टोले में एक प्राथमिक स्कूल भवन भी स्थित है। सड़क न होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सड़क का निर्माण किया जाए तो इससे उनकी जीवनस्तर में सुधार होगा।
सड़क की दूरी और समस्याएं
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से मुख्य सड़क की दूरी लगभग 1.50 किलोमीटर है, और बीच में एक नाला भी आता है। बारिश के मौसम में यह नाला उफान पर आ जाता है, जिससे टोले का संपर्क मुख्य गांव से पूरी तरह कट जाता है। इस स्थिति में, ग्रामीणों को आवाजाही में बड़ी मुश्किलें होती हैं। ऐसे में, उनकी मांग है कि प्रशासन इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द करे।
सर्रा के निवासियों ने बताया कि उन्हें सड़क निर्माण के लिए पहले भी आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि प्रस्तावित रास्ते में एक किसान की निजी भूमि आती है, जिसके लिए संबंधित किसान ने दान पत्र देने की सहमति दे दी है। इससे निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं आएगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने कलेक्टर से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- टोले तक पहुंच मार्ग का निर्माण
- नाले पर पुलिया या कम ऊंचाई का डेम का निर्माण
उनका कहना है कि यदि इन मांगों को पूरा किया जाता है, तो वर्षभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।
प्रशासन की जिम्मेदारी
इस स्थिति को देखते हुए, प्रशासन पर यह जिम्मेदारी आती है कि वह ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए। सड़क और पुलिया का निर्माण न केवल ग्रामीणों की जीवनशैली में सुधार लाएगा, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी आसान बनाएगा।
ग्रामीणों की आवाज़ को सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे न केवल गांव के विकास में मदद मिलेगी, बल्कि लोगों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
इस मामले में प्रशासन की तत्परता और सक्रियता से ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो सकता है। आशा है कि कलेक्टर इस ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाएंगे।






