मध्य प्रदेश में मंदिरों के पुनरुद्धार की नई पहल
मध्य प्रदेश में धार्मिक आस्था के प्रतीक जीर्ण-शीर्ण मंदिरों के पुनरुद्धार के प्रयासों में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य के धर्मस्व विभाग और SPA के बीच सहयोग से विरासत संरक्षण, रेट्रोफिटिंग और स्मारकों के पुनर्वास की दिशा में काम किया जा रहा है। यह योजना न केवल मंदिर परिसरों को सहेजने की दिशा में है, बल्कि धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाले अन्य स्मारकों के संरक्षण के लिए भी है।
राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मंगलवार को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कई मंदिरों के जीर्णोद्धार का काम चल रहा है, जिससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय विकास में भी योगदान मिलेगा।
जीर्णोद्धार की प्रक्रिया: 25 मंदिरों पर कार्य जारी
मंत्री लोधी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 400 से अधिक होम स्टे का निर्माण शुरू किया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों को लगभग 7 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है। सरकार का लक्ष्य एक हजार होम स्टे का निर्माण करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, पर्यटन पर आयोजित कार्यक्रमों से 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है, जो प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
हाल ही में एक करार के बाद, जिलों से मिलने वाले मंदिरों के जीर्णोद्धार प्रस्ताव अब धर्मस्व विभाग SPA को भेज रहा है। अब तक कुल 64 मंदिरों के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 25 मंदिरों पर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, 4 से 5 मंदिरों पर SPA की सहमति प्राप्त हो चुकी है। इस प्रक्रिया के माध्यम से, राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण किया जाए और उन्हें पुनर्जीवित किया जाए।
धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास
मध्य प्रदेश की सरकार का यह प्रयास न केवल धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए है, बल्कि यह स्थानीय समुदायों के लिए भी अवसर पैदा कर रहा है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जो होम स्टे बनाए जा रहे हैं, वे स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह पर्यटकों को भी मध्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत से जोड़ने का एक माध्यम बन रहा है।
इन प्रयासों से राज्य में न केवल धार्मिक स्थलों की पहचान बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री लोधी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल मंदिरों के जीर्णोद्धार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक दृष्टिकोण के तहत देखा जा रहा है, जिसमें सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन विकास और समुदाय की भागीदारी शामिल है।
भविष्य की योजनाएं और उम्मीदें
मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम एक नई दिशा में अग्रसर होने का संकेत है, जहां धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ, स्थानीय समुदायों को भी विकास के नए अवसर मिलेंगे। मंत्री लोधी ने कहा कि आने वाले समय में और भी कई योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे न केवल मंदिरों का पुनरुद्धार होगा, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी नया जीवन मिलेगा।
इस प्रकार, मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और विकास की यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को सहेजने का प्रयास है, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और स्थानीय विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। सरकार की इस दिशा में की जा रही कोशिशों से उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश में पर्यटन को नया आकार मिलेगा और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।






