बालाघाट में किसानों का प्रदर्शन: सिंचाई और धान खरीद पर उठाई गई मांगें
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में किसानों ने रबी धान की सिंचाई, खरीदी गई धान के उठाव और लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिले के किसानों ने कलेक्ट्रेट के सामने इकट्ठा होकर अपनी समस्याओं को उजागर किया और नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी आवाज को सुनाने के लिए एकजुटता दिखाई।
किसान थानेन्द्र ठाकरे ने बताया कि बालाघाट की नम भूमि के कारण यहां के किसान रबी में धान की फसल उगाते हैं। उनका कहना है कि इस समय सिंचाई के लिए पानी की अत्यधिक आवश्यकता है, लेकिन बांधों में भरे पानी को नहरों के माध्यम से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इसके साथ ही, किसानों ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति की भी मांग की है, ताकि वे अपनी फसल की सिंचाई कर सकें।
धान खरीद में समस्या: परिवहन की कमी
किसानों की समस्याओं का एक और बड़ा पहलू धान की खरीद से जुड़ा हुआ है। ठाकरे ने कहा कि लालबर्रा क्षेत्र में सोसायटियों द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जा रही है, लेकिन परिवहन की कमी के कारण धान गोदामों तक नहीं पहुंच पा रही है। इस स्थिति ने किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्हें अपनी उपज का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है।
किसानों ने इस संबंध में सरकार से अपील की है कि वे विधानसभा चुनाव से पहले किए गए लाभकारी मूल्य के वादे को जल्द से जल्द पूरा करें। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। इस प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया है कि किसानों की समस्याएं कितनी गंभीर हैं और सरकार को इन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सरकार की प्रतिक्रिया और समाधान की दिशा में कदम
किसानों के इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन को भी जागरूक किया है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि वे किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखेंगे और शीघ्र ही समाधान के लिए कदम उठाएंगे। जिले के कलेक्टर ने कहा कि वे इस मामले की गंभीरता को समझते हैं और किसानों की मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता: बांधों में भरे पानी का उपयोग नहरों के माध्यम से किया जाएगा।
- 24 घंटे बिजली आपूर्ति: किसानों को सिंचाई के लिए आवश्यक बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- धान का परिवहन: गोदामों में धान के समय पर पहुंचने के लिए परिवहन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
किसानों ने यह भी कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक स्तर पर आंदोलन की योजना बना सकते हैं। उनका मानना है कि उनकी मेहनत और संघर्ष का उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी फसल की अच्छी उपज कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
इस प्रकार, बालाघाट के किसानों का यह प्रदर्शन न केवल उनकी समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि किसानों की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान करें ताकि कृषि के क्षेत्र में सुधार हो सके और किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।






