मध्यप्रदेश के पेंशनर्स ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती कंपनियों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन विद्युत पेंशनर्स हित रक्षक संघ के बैनर तले प्रस्तुत किया गया, जिसमें पेंशनर्स की लंबित मांगों के शीघ्र निवारण की अपील की गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि पेंशनर्स लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
ज्ञापन में पेंशनर्स ने उल्लेख किया कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने मांग की है कि शासन की योजना के तहत शासकीय गारंटी सहित पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा घोषित दरों के अनुसार महंगाई राहत का बकाया भुगतान भी तत्काल किया जाए। विद्युत पेंशनर्स ने उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार से भी विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों को ट्रेजरी से पेंशन भुगतान की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
पेंशनर्स की मांगों का निवारण आवश्यक
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति में लगातार गिरावट आ रही है, जिससे उनके जीवन स्तर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए समय पर पेंशन और महंगाई राहत का मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में विद्युत पेंशनर्स उपस्थित थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।
- पेंशनर्स ने शासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
- महंगाई राहत का बकाया भुगतान करने का आग्रह किया गया।
- ट्रेजरी से पेंशन भुगतान की व्यवस्था की मांग की गई।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होंगे। पेंशनर्स ने एकजुटता के साथ इस मुद्दे को उठाने का संकल्प लिया है, ताकि उनकी आवाज को शासन तक पहुंचाया जा सके। यह ज्ञापन सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि पेंशनर्स की समस्याओं का एक गंभीर प्रतिनिधित्व है, जिसे सुना जाना आवश्यक है।
पेंशनर्स की एकता और संघर्ष
पेंशनर्स ने इस ज्ञापन के दौरान एकजुट होकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि सरकार को उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है। एक पेंशनर ने कहा, “हमने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इस सेवा में बिताया है, और अब हमें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।” यह स्थिति न केवल व्यक्तिगत पेंशनर्स के लिए बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है।
संघ के पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि वे आगामी दिनों में और अधिक संगठित तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने सभी पेंशनर्स से अपील की है कि वे एकजुट रहें और इस संघर्ष में सक्रिय भागीदारी करें। मध्यप्रदेश सरकार से उनकी अपेक्षाएं बढ़ती जा रही हैं, और पेंशनर्स इस बात को लेकर सजग हैं कि उन्हें अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखनी होगी।
इस प्रकार, मध्यप्रदेश के विद्युत पेंशनर्स का यह संघर्ष न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए है, बल्कि यह एक सांकेतिक उदाहरण भी है कि कैसे सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी आवाज को उठाने के लिए संगठित हो सकते हैं। सभी पेंशनर्स ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया है कि वे अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।






