Contract Protest: संविदा कर्मचारियों ने नौकरी से निकाले जाने का किया विरोध

सीधी जिले में संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन: नौकरी से निकाले जाने का विरोध मध्य प्रदेश के सीधी जिले में संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी नौकरी से निकालने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई को तुरंत रद्द करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह निर्णय…

सीधी जिले में संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन: नौकरी से निकाले जाने का विरोध

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी नौकरी से निकालने के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई को तुरंत रद्द करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह निर्णय बिना किसी उचित प्रक्रिया के लिया गया है और नियमों की खुली अवहेलना की गई है।

हाल ही में जिला प्रशासन ने तीन संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इनमें रामपुर नैकिन जनपद के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा, ग्राम पंचायत डमक के रोजगार सहायक विनोद कुमार तिवारी और ग्राम पंचायत बढ़ागांव (सिहावल) के रोजगार सहायक रामायण प्रसाद पटेल शामिल हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिना किसी उचित कारण के निकाला गया है और इस प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया है।

संविदा संघ का आरोप: नियमों की अनदेखी

संविदा कर्मचारियों के संघ ने आरोप लगाया है कि सरकार के पुराने नियमों और हालिया निर्देशों की अनदेखी कर यह कार्रवाई की गई है। संघ के नेताओं का कहना है कि यह एकतरफा निर्णय न केवल गलत है, बल्कि इससे कर्मचारियों के मानवाधिकारों का भी हनन हो रहा है।

“बिना पक्ष सुने निकाला गया बाहर”

प्रभावित कर्मचारी सुनील शर्मा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी बात रखने का कोई अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी काम में हुई देरी या गड़बड़ी के लिए केवल उन्हें निशाना बनाना अनुचित है, जबकि उस काम में अन्य अधिकारी भी शामिल थे। संघ का कहना है कि इस तरह का निर्णय कर्मचारियों में डर का माहौल पैदा कर रहा है।

संविदा संघ की चेतावनी: उग्र आंदोलन की तैयारी

संविदा संघ के पदाधिकारी आजाद सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया, तो जिले के सभी विभागों के संविदा कर्मचारी मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। उनके इस बयान ने प्रशासन को चिंतित कर दिया है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीईओ धनंजय मिश्रा ने कहा है कि वे इस मामले पर कुछ भी कहने से पहले फाइलों की समीक्षा करेंगे, क्योंकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभी छुट्टी पर हैं। इससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और वे अपनी न्याय की उम्मीद में प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

कर्मचारियों की नाराजगी: क्या होगा आगे?

इस पूरे घटनाक्रम ने सीधी जिले के संविदा कर्मचारियों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है। कर्मचारियों का मानना है कि इस तरह की बर्खास्तगी से न केवल उनके भविष्य पर असर पड़ेगा, बल्कि इससे अन्य कर्मचारियों में भी असुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।

कर्मचारियों का एक समूह अब एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने के लिए तैयार है। वे चाहते हैं कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और उचित समाधान प्रदान करे। इस बीच, संविदा संघ ने भी अपने सदस्यों के बीच एकजुटता बढ़ाने के लिए बैठकें आयोजित करने की योजना बनाई है।

निष्कर्ष: संविदा कर्मचारियों का भविष्य

सीधी जिले में संविदा कर्मचारियों के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। कर्मचारियों की एकजुटता और उनके द्वारा उठाए गए सवाल प्रशासन के लिए एक चुनौती बन सकते हैं। इस मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

समाज में इस तरह की घटनाओं का गहरा असर होता है और यह दिखाता है कि कैसे सरकारी नीतियों का पालन होना चाहिए। संविदा कर्मचारियों की आवाज को सुनना और उनके अधिकारों की रक्षा करना हर प्रशासन का कर्तव्य होना चाहिए।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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