मध्य प्रदेश समाचार: भाजपा नेता नीलेश रजक की हत्या के आरोपी के मकान पर चला बुलडोजर
कटनी जिले के कैमोर क्षेत्र में भाजपा नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की हत्या के मुख्य आरोपी अकरम खान के अवैध निर्माण पर शुक्रवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई में जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी के घर को गिराया गया। प्रशासन ने एक दिन पहले ही आरोपी के परिवार को मकान खाली करने के लिए सूचित कर दिया था, ताकि कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस कार्रवाई के तहत तीन जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया, जिससे कुछ ही मिनटों में अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया गया। प्रशासन ने पहले से ही आरोपी के परिजनों को समझाया कि वे सुरक्षित बाहर निकल जाएं। इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना और न्याय सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक तैयारियों का विवरण
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से ही प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई थीं। इस कार्रवाई में तहसीलदार, डीएसपी विजयराघवगढ़, कैमोर और विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी, महिला थाना प्रभारी तथा कैमोर नगर परिषद के सीएमओ भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर, आसपास के थानों और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया था। पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और आम लोगों की आवाजाही को सीमित रखा गया था।
भाजपा नेता की हत्या की घटना
28 अक्टूबर को हुई भाजपा नेता नीलेश उर्फ नीलू रजक की हत्या के मामले में यह कार्रवाई की गई है। घटना के दिन, नीलू रजक अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने जा रहे थे, तभी आरोपी अकरम खान ने अपने साथी प्रिंस जोसफ के साथ मिलकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। यह घटना न केवल क्षेत्र में बल्कि पूरे जिले में सनसनी फैला गई थी।
घटना के तुरंत बाद, नीलू को गंभीर हालत में विजयराघवगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दिनदहाड़े की वारदात ने पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा किया। हत्याकांड के बाद, विजयराघवगढ़ और कैमोर क्षेत्र में लोगों ने विरोध प्रकट किया, बाजार बंद कर दिए गए और दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पांच जिलों का पुलिस बल तैनात किया। इलाके में कई दिनों तक अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई थी। पुलिस ने घटना के अगले दिन बहोरीबंद के कजरवारा मोड़ पर घेराबंदी की थी। इस दौरान, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में अकरम खान और प्रिंस जोसफ दोनों घायल हो गए और बाद में गिरफ्तार कर लिए गए।
जनता की मांग पर बुलडोजर कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद से ही क्षेत्र की जनता और मृतक के परिजनों की ओर से आरोपियों के अवैध निर्माण गिराने की मांग की जा रही थी। जांच में अकरम खान के मकान को अवैध पाए जाने के बाद, प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया। पुलिस ने हत्या में सहयोग करने वाले अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वर्तमान में, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त लगातार जारी है।
इस घटना ने प्रशासन के प्रति लोगों के विश्वास को और भी मजबूत किया है, क्योंकि उन्होंने सख्त कार्रवाई करके यह संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, ताकि समाज में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और न्याय का मार्ग प्रशस्त हो सके।






