Appointment विवाद: हनुमानगढ़ स्कूल में हाईकोर्ट निर्देशों की अनदेखी

सीधी जिले में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर विवाद गहराया मध्य प्रदेश के सीधी जिले के हनुमानगढ़ स्थित पी.एम. श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर नियमों की अनदेखी और मनमानी करने के गंभीर…

सीधी जिले में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति पर विवाद गहराया

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के हनुमानगढ़ स्थित पी.एम. श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर नियमों की अनदेखी और मनमानी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब इस मुद्दे को उच्च न्यायालय जबलपुर में ले जाया गया।

उच्च न्यायालय ने इस मामले में किसी विशेष व्यक्ति को नियुक्त करने का आदेश नहीं दिया था, बल्कि जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया था कि वे कलेक्टर सीधी और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य के साथ मिलकर योग्य और वरिष्ठ शिक्षक को यह दायित्व सौंपें। हालांकि, आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।

कनिष्ठ शिक्षक को प्रभारी प्राचार्य बनाना विवाद का कारण

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए कनिष्ठ शिक्षक श्री पोषणेश कुमार मिश्रा को प्रभारी प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया। इस निर्णय के खिलाफ वरिष्ठ उच्च माध्यमिक शिक्षक डॉ. शक्ति कुमार साकेत को दरकिनार करने के आरोप भी लग रहे हैं। इस कदम से न केवल शासन के वरिष्ठता संबंधी आदेशों का उल्लंघन हुआ, बल्कि एक अनुसूचित जाति के वरिष्ठ शिक्षक को उनके अधिकार से भी वंचित किए जाने का मामला सामने आया।

इस संदर्भ में, पूर्व प्रभारी प्राचार्य रामसुशील पाण्डेय ने जनसुनवाई में आवेदन दिया था, जिसके बाद उन पर सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस कार्रवाई ने विभागीय निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।

कलेक्टर को की गई शिकायतें और अधिकारी की प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर कलेक्टर सीधी को 2 दिसंबर और 16 दिसंबर को शिकायतें सौंपी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जब इस प्रकरण पर जिला शिक्षा अधिकारी पवन सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है और वे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर रहे हैं कि वे जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

इस पूरे मामले ने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। शिक्षा का अधिकार सभी को समान रूप से मिलना चाहिए, और इस प्रकार की मनमानी से न केवल शिक्षक बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता

यह मामला इस बात का संकेत है कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। यदि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे विवाद होते रहेंगे, तो इसका असर शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य पर पड़ेगा। अधिकारियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके निर्णय न केवल नियमों के अनुरूप हों, बल्कि वे सभी के लिए न्यायसंगत भी हों।

समाज के विभिन्न वर्गों को एक समान अवसर प्रदान करना और सभी को समान अधिकार देना ही शिक्षा प्रणाली की असली ताकत है। इस विवाद के समाधान के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा ताकि कोई भी शिक्षक या छात्र अपने अधिकारों से वंचित न हो।

आशा है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान होगा और शिक्षा का वातावरण फिर से सामान्य हो सकेगा।

MP News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools