Appeal: इंदौर में अनिका के परिजनों की CM से गुहार, 6 करोड़ की दरकार

मध्यप्रदेश: अनिका शर्मा के इलाज के लिए जुटी मदद, मुख्यमंत्री से की गई गुहार इंदौर की 3 साल की मासूम अनिका शर्मा एक दुर्लभ बीमारी, SMA Type-2 से जूझ रही है। इस गंभीर स्थिति में उसके माता-पिता ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की अपील की।…

मध्यप्रदेश: अनिका शर्मा के इलाज के लिए जुटी मदद, मुख्यमंत्री से की गई गुहार

इंदौर की 3 साल की मासूम अनिका शर्मा एक दुर्लभ बीमारी, SMA Type-2 से जूझ रही है। इस गंभीर स्थिति में उसके माता-पिता ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश की लाड़ली बहनों से 6-6 रुपए की राशि दिलवाई जाए ताकि अनिका के इलाज के लिए आवश्यक धन जुटाया जा सके।

कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात के दौरान अनिका के परिजनों ने बताया कि अब तक 3 करोड़ रुपए का इंतजाम हो चुका है। इस अवसर पर ‘विनय उजाला’ संस्था की ओर से अनिका के इलाज के लिए 2.77 लाख रुपए का चेक भी सौंपा गया। यह राशि अनिका के इलाज में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

अनिका के इलाज के लिए धन की आवश्यकता

अनिका के परिजन लगातार इंदौर के विभिन्न चौराहों पर मदद की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शहरवासी उनकी मदद कर रहे हैं, लेकिन अभी भी 6 करोड़ रुपए की जरूरत है। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि लाड़ली बहना योजना के तहत सभी खातों से केवल 6-6 रुपए दिलवा दिए जाएं, जिससे उनका इलाज संभव हो सके।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहरवासियों से अनिका के इलाज के लिए मदद की अपील की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इंदौर का शहर, जो हमेशा जनभागीदारी के लिए जाना जाता है, एक बार फिर से नई मिसाल पेश करेगा।

बीमारी का इलाज और वित्तीय चुनौती

गौरतलब है कि मासूम अनिका शर्मा की गंभीर बीमारी का इलाज केवल अमेरिका में उपलब्ध एक विशेष इंजेक्शन और दवाई से ही संभव है। इस इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। लेकिन अनिका के परिवार के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं है। इस स्थिति में परिवार और स्थानीय लोगों से मिलने वाली मदद पर ही उनकी उम्मीद टिकी हुई है।

दिव्यांग ई-रिक्शा चालकों की समस्याएं

जनसुनवाई में दिव्यांग ई-रिक्शा चालक भी अपनी समस्याओं के साथ पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें पूरे शहर में ई-रिक्शा चलाने के लिए परमिट दिया जाए। उनका कहना है कि प्रशासन के फैसले का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन दिव्यांग होने के कारण ई-रिक्शा ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है। अगर उन्हें सीमित क्षेत्र में ही ई-रिक्शा चलाने की अनुमति दी गई, तो उनकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस मामले में आरटीओ विभाग ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। शहर की व्यवस्था को देखते हुए एक उचित निर्णय लिया जाएगा। जनसुनवाई में कुल 315 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश पुलिस, नगर निगम या राजस्व से संबंधित हैं। इसके अलावा, कई लोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मदद के लिए भी आवेदन दिया है।

समाज की भूमिका और प्रशासनिक पहल

इस प्रकार, अनिका शर्मा के इलाज के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जहां एक ओर स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन भी उचित कदम उठाने का आश्वासन दे रहा है। ऐसे समय में जब एक मासूम की जिंदगी दांव पर लगी हो, समाज की एकजुटता और सहानुभूति की आवश्यकता अधिक महसूस होती है।

आशा की जाती है कि अनिका के लिए आवश्यक धनराशि जल्द ही जुटाई जाएगी, ताकि वह इस घातक बीमारी से लड़ सके और एक सामान्य जीवन जी सके।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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