उन्नाव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला: महिला ने DM से की शिकायत
उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र के ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निजी भूमि की मेढ़ को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय निवासी दिव्या अवस्थी ने इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) से शिकायत की है, जिसमें उन्होंने सरकारी भूमि का सीमांकन कराने और अपनी निजी भूमि की मेढ़ को स्पष्ट करने की मांग की है।
महिला ने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि ग्राम सभा की भूमि संख्या 417 का क्षेत्रफल लगभग 29 बीघा है। उनका आरोप है कि कुछ दबंग भूमाफिया इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बेच रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि इससे सरकार की संपत्ति भी खतरे में पड़ रही है।
महिला का आरोप: भू-माफिया ने दी धमकी
दिव्या अवस्थी ने अपने पत्र में बताया कि लगभग एक वर्ष पहले इसी भूमि के एक हिस्से पर कब्जे को लेकर विवाद हुआ था। उस समय आरोपियों ने उन्हें धमकाया था और सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए थे। उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन भूमाफियाओं के हौसले कम नहीं हुए। अब उनका आरोप है कि वही तत्व उनकी निजी भूमि संख्या 418 पर भी कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं।
महिला ने बताया कि भूमाफिया फर्जी कागजात तैयार कर उनकी भूमि को हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका निस्तारण नियमों के विपरीत किया गया। दिव्या का कहना है कि पुलिस ने बिना मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण किए ही शिकायत का औपचारिक निस्तारण कर दिया, जिससे उनकी समस्या बनी हुई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
दिव्या अवस्थी ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है ताकि ग्राम सभा की भूमि को अतिक्रमण मुक्त और सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है ताकि सरकारी संपत्ति को बचाया जा सके और उनकी निजी भूमि की मेढ़ को स्पष्ट कर संभावित विवाद और अवैध कब्जे की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके।
इस मामले को लेकर प्रशासन के कदम पर अब ग्रामीणों और पीड़िता की नजरें टिकी हुई हैं। दिव्या ने कहा कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह और भी बड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी। उनकी इस स्थिति ने स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया है और अब वे भी इस मुद्दे पर प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
समुदाय की प्रतिक्रिया और प्रशासन की भूमिका
स्थानीय जनता का कहना है कि इस तरह के मामलों में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। दिव्या अवस्थी की यह मांग न केवल अपनी भूमि की सुरक्षा के लिए है, बल्कि यह अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है जो सरकारी भूमि के अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं।
- महिला ने डीएम से सरकारी भूमि का सीमांकन कराने की मांग की।
- दबंग भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत की गई।
- पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं।
- स्थानीय समुदाय ने भी प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील की है।
इस प्रकार, उन्नाव के इस मामले ने न केवल एक महिला की व्यक्तिगत लड़ाई को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे सामूहिक प्रयासों और प्रशासनिक हस्तक्षेप से सरकारी संपत्ति की रक्षा की जा सकती है। आगे देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या दिव्या अवस्थी को न्याय मिल पाता है।











