बालाघाट जिले में खनन श्रमिक की संदिग्ध मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पेसिफिक मिनरल्स की कटंगझरी खदान में काम करने वाले 61 वर्षीय गिरिवर परवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब गिरिवर को उनके सहकर्मियों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिरिवर परवार की अचानक तबीयत बिगड़ना
गिरिवर परवार की तबीयत शुक्रवार को अचानक बिगड़ गई, जब उनके सहकर्मियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। मृतक के पुत्र अभय परवार ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्होंने अपने पिता से फोन पर बात की थी। इस बातचीत में गिरिवर ने कहा कि वे गिर गए हैं और उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) कम हो गया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वे अपना इलाज करवा लेंगे।
हालांकि, जब अभय अपने पिता को लेने बालाघाट पहुंचे, तो उन्होंने उनसे संपर्क नहीं हो पाया। कुछ समय बाद, गिरिवर के साथियों ने उन्हें सूचित किया कि उनके पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल पहुंचने पर अभय को अपने पिता की मौत की दुखद सूचना मिली।
पुलिस और चिकित्सकों का संज्ञान
चूंकि यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा था, इसलिए अस्पताल के चिकित्सकों ने पुलिस को इस मामले की सूचना दी। इसके बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि शव को परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की डायरी संबंधित थाने को भेजी जाएगी, जहां विस्तृत जांच की जाएगी।
परिजनों और सहकर्मियों की प्रतिक्रियाएँ
गिरिवर परवार के सहकर्मियों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह घटना अत्यंत दुखद है। वे गिरिवर के साथ काम कर रहे थे और उनकी मौत से पूरे समुदाय में शोक का माहौल है। परिवार के सदस्य इस बात की उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस मामले की सही जांच करेगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
- गिरिवर परवार की उम्र – 61 वर्ष
- घटना का स्थान – कटंगझरी खदान, बालाघाट
- मृतक का पुत्र – अभय परवार
- पुलिस की कार्रवाई – प्राथमिकी दर्ज और जांच शुरू
समुदाय की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर सवाल
इस घटना ने श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को एक बार फिर से उजागर किया है। खनन क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की स्वास्थ्य समस्याएं अक्सर चर्चा का विषय रहती हैं। गिरिवर की मौत के बाद, स्थानीय समुदाय ने यह मांग की है कि श्रमिकों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जाए और उन्हें समय पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अंत में, यह घटना न केवल एक व्यक्ति के जीवन की हानि है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि हमें श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए। पुलिस और प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।






