Sand News: दतिया में रेत से भरी 3 ट्रॉली जब्त, प्रभारी ने कहा खाली

मध्य प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को एसडीओपी अजय चानना ने गोविंद नगर वन परिक्षेत्र में इस कार्रवाई का नेतृत्व किया। इस दौरान लांच पुलिस ने रेत से भरी तीन ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को…

मध्य प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई

मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा थाना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को एसडीओपी अजय चानना ने गोविंद नगर वन परिक्षेत्र में इस कार्रवाई का नेतृत्व किया। इस दौरान लांच पुलिस ने रेत से भरी तीन ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया। यह कार्रवाई रेत के अवैध उत्खनन पर नियंत्रण लगाने के लिए की गई है, जो राज्य में एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।

खानिज उड़नदस्ता प्रभारी रामसिया गौड़ को इन जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सौंपा गया। लेकिन बाद में आरोप लगाया गया कि उड़नदस्ता दल ने मौके पर एक खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कार्रवाई की, जबकि रेत से भरी तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ मौके से गायब हो गईं। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में कई सवाल उठाए हैं और अवैध खनन के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों पर संदेह पैदा कर दिया है।

उड़नदस्ता टीम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस मामले में खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक राजेश ने कहा कि वह पेट्रोल पंप पर खड़ा था, और तभी उड़नदस्ता टीम ने उसके ट्रैक्टर को पकड़ लिया। राजेश ने बताया कि रेत से भरी ट्रॉलियों को छोड़ दिया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में कार्रवाई की गई या केवल दिखावा किया गया। इस पर एसडीओपी अजय चानना ने कहा कि कलेक्टर ने उड़नदस्ता टीम का गठन किया था, जिसमें प्रभारी रामसिया गौड़ शामिल थे।

अजय चानना ने इस मामले में बताया, “हमने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। हमारी टीम ने मौके पर कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी अवैध गतिविधि ना हो।” हालांकि, रामसिया गौड़ ने इस बात का खंडन किया कि वह उस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद थे और कहा कि वे खनिज विभाग के प्रतिनिधि नहीं हैं।

स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रियाएं

स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है। कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई केवल एक दिखावा है और वास्तविकता में अवैध रेत उत्खनन पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। स्थानीय निवासी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “यह कोई नई बात नहीं है। हम हमेशा देखते हैं कि कैसे अवैध रेत का उत्खनन किया जाता है और प्रशासन केवल आंखें मूंद लेता है।”

ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन वास्तव में अवैध खनन पर नियंत्रण पाने के लिए गंभीर है या यह केवल एक कार्यवाही का दिखावा है। स्थानीय निवासियों की नाराजगी प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा सबूत है कि अवैध खनन के खिलाफ उठाए गए कदम पूरी तरह से प्रभावी नहीं हो रहे हैं।

आगे की योजनाएं और कार्रवाई

प्रशासन ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए आगे की योजनाएं बनाने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कहा है कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक सख्त किया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया जाएगा और नियमित रूप से छापे मारे जाएंगे। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को भी इस मुद्दे पर जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह राज्य के राजस्व को भी प्रभावित करता है। इसलिए, प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर काम कर रहा है और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस पर ध्यान दें।

इस प्रकार, मध्य प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ उठाए गए कदमों को देखकर यह कहा जा सकता है कि प्रशासन सख्त कदम उठाने के लिए तत्पर है, लेकिन वास्तविकता में इसे सफल बनाने के लिए और भी अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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