मध्यप्रदेश में विद्युत पेंशनरों का आंदोलन तेज, पेंशन सुरक्षा को लेकर दी चेतावनी
मध्यप्रदेश के मऊगंज कलेक्ट्रेट में मंगलवार को मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मोर्चा ने पेंशन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि फंड की कमी का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में पेंशन भुगतान पर गंभीर संकट आ सकता है।
पेंशन फंड में भारी अंतर और संकट के आसार
ज्ञापन में यह बताया गया है कि विद्युत पेंशनरों की पेंशन सुरक्षा के लिए निर्धारित फंड में लगभग 69 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है। हालांकि, अब तक इसमें केवल 1750 करोड़ रुपये ही जमा किए गए हैं। यह भारी अंतर हजारों पेंशनरों की भविष्य की पेंशन पर गंभीर संकट उत्पन्न कर रहा है। ऐसे में पेंशनरों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनकी आर्थिक सुरक्षा दांव पर लगी है।
महंगाई राहत की कमी पर उठे सवाल
पेंशनरों ने यह भी आरोप लगाया कि महंगाई राहत (डीआर) की राशि बिजली उपभोक्ताओं से वसूली जा रही है, लेकिन पेंशनरों को इसे पूरी निर्धारित दर से नहीं दिया जा रहा है। मोर्चा का कहना है कि इससे पेंशनरों के आर्थिक अधिकारों का हनन हो रहा है। इस विषय पर मोर्चा ने सरकार से स्पष्टता की मांग की है ताकि पेंशनरों को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा मिल सके।
पेंशन गारंटी कानून की आवश्यकता
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार से उत्तरप्रदेश की तर्ज पर पेंशन गारंटी कानून लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कानून के लागू होने से विद्युत पेंशनरों को समय पर और सुरक्षित पेंशन मिल सकेगी। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो पेंशनर्स आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
पेंशनर्स की एकता और संघर्ष की भावना
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने यह स्पष्ट किया है कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने सरकार को यह संदेश दिया है कि पेंशनरों के आर्थिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए और उनकी आवाज को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए। पेंशनर्स का यह आंदोलन उनके हक के लिए एकजुटता का प्रतीक है, और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
- पेंशन फंड में 69 हजार करोड़ रुपये की जरूरत, केवल 1750 करोड़ रुपये जमा।
- महंगाई राहत का सही भुगतान न मिलने से पेंशनरों में असंतोष।
- पेंशन गारंटी कानून की मांग, समय पर और सुरक्षित पेंशन की आवश्यकता।
- सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी।
यह मामला न केवल पेंशनरों के लिए बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनके हक और आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करता है। इन मुद्दों पर उचित ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि पेंशनरों को उनकी मेहनत का सही मुआवजा मिल सके और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।






