मध्य प्रदेश में क्रिसमस का जश्न: उत्सव की धूम
रायसेन जिले में इस साल क्रिसमस पर्व को लेकर ईसाई समुदाय में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। सांची रोड पर स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल परिसर में एक विशाल 25 फीट ऊँचा क्रिसमस ट्री लगाया गया है, जिसे खूबसूरत लाइटों और सजावटी सामान से सजाया गया है। यह ट्री न केवल बच्चों बल्कि बड़े-बुजुर्गों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कैरोलिंग का आयोजन: घर-घर जाकर मनाया जा रहा त्योहार
सोमवार की शाम को, 6 बजे से रात 10 बजे तक, अवंतिका कॉलोनी और संस्कार विहार कॉलोनी में मसीही परिवारों ने मिलकर कैरोल गीत गाए। मंगलवार को भी शहर के अन्य इलाकों में इस कैरोलिंग का सिलसिला जारी रहा। सेंट फ्रांसिस चर्च के फादर अभिलाष के नेतृत्व में मसीही समाज के लोग घर-घर जाकर प्रभु यीशु के जन्म का संदेश फैलाने में जुटे हुए हैं। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य करीब 40 ईसाई परिवारों तक पहुंचना है।
संता क्लॉज के ड्रेस में पहुंचे लोग
किर्क और घरों की सजावट: विशेष रौनक
क्रिसमस के इस पर्व को लेकर चर्च और मसीही परिवारों के घरों को खूबसूरत लाइटों, सितारों और क्रिसमस ट्री से सजाया गया है। विशेष रूप से सेंट फ्रांसिस चर्च में उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहाँ की रौनक देखने लायक है, जो सभी श्रद्धालुओं को एकत्रित करती है।
मिडनाइट मास का आयोजन: 24 दिसंबर की रात
बुधवार, 24 दिसंबर की रात, प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर मध्यरात्रि प्रार्थना (मिडनाइट मास) और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चर्च प्रशासन ने इस विशेष आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
लोगों ने घरों में कैरोल गीत गाए गए

शांति और प्रेम का संदेश: एकजुटता की भावना
इस दौरान पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना हुआ है, जहाँ शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाया जा रहा है। फादर अभिलाष के नेतृत्व में, मसीही समाज ने घर-घर जाकर कैरोल गीतों के माध्यम से प्रभु यीशु के जन्म का संदेश दिया है। इस प्रकार, यह पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि एकजुटता का प्रतीक भी बन गया है।
क्रिसमस के इस पर्व को लेकर चर्च और मसीही परिवारों के घरों को सजाने में सभी ने मिलकर प्रयास किया है। सेंट फ्रांसिस चर्च में क्रिसमस के जश्न की तैयारियां पूरी हैं। 24 दिसंबर की रात, प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव को मनाने के लिए सभी श्रद्धालु तैयार हैं। इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम और प्रार्थनाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे लोगों में धार्मिक भावना और उत्साह का संचार होगा।






