Street Light: सोनरा पंचायत में 4.48 लाख का विवादित भुगतान

महाराजगंज में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला: निजी फर्म को भुगतान की शिकायत बृजेश कुमार गुप्ता | महराजगंज – महाराजगंज जिले के विकास खंड महाराजगंज (सदर) की ग्राम पंचायत सोनरा में स्ट्रीट लाइट खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शासनादेश की अनदेखी…

सोनरा पंचायत में स्ट्रीट लाइट खरीद पर सवाल:जेम पोर्टल को दरकिनार कर निजी फर्म को 4.48 लाख का भुगतान

महाराजगंज में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला: निजी फर्म को भुगतान की शिकायत

बृजेश कुमार गुप्ता | महराजगंज – महाराजगंज जिले के विकास खंड महाराजगंज (सदर) की ग्राम पंचायत सोनरा में स्ट्रीट लाइट खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शासनादेश की अनदेखी करते हुए जेम पोर्टल के बजाय एक निजी फर्म को 4.48 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इस मामले में विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) और ब्लॉक प्रमुख की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

ग्रामवासी योगेश कुमार ने पंचायती राज निदेशक, लखनऊ को शिकायत पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि 4 जून 2025 को ग्राम पंचायत सोनरा में 45 वॉट की 81 और 90 वॉट की चार एलईडी स्ट्रीट लाइटों की स्थापना के लिए मेसर्स स्वतंत्र इंटरप्राइजेज को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से कुल 4,48,827 रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान वाउचर संख्या XVFC/2025-26/P/25 के तहत दर्शाया गया है।

शासनादेश के उल्लंघन का मामला

योगेश कुमार ने अपनी शिकायत में शासनादेश संख्या 1066/33-3-2021-38/2021, दिनांक 2 जुलाई 2021 का हवाला दिया है। इस शासनादेश के बिंदु संख्या छह में स्पष्ट प्रावधान है कि जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों को एलईडी लाइटों की खरीद अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल के माध्यम से करनी होगी। निजी फर्म से सीधे खरीद कर भुगतान करना इन नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

आरोप है कि विकास खंड अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख ने शासन की नीतियों के विपरीत जाकर यह कार्य किया है, जो सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के भी खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने इसे निजी हित में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के उपयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

नागरिकों की चिंताएँ और अपेक्षाएँ

स्थानीय निवासियों ने इस प्रकरण को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त की हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसी गतिविधियाँ जारी रहीं, तो यह न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग को बढ़ावा देगी, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा डालेगी। ग्राम पंचायत के सदस्य भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और उन्होंने इस मामले की जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

  • ग्रामवासियों का आरोप: सरकारी धन का दुरुपयोग और नियमों का उल्लंघन
  • शिकायतकर्ता की मांग: उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई
  • विकास खंड अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख की भूमिका: सवालों के घेरे में

ग्राम पंचायत सोनरा में हुई इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि शासन की नीतियों की प्रभावशीलता पर भी संदेह पैदा किया है। सरकारी धन के सही उपयोग की आवश्यकता को लेकर नागरिकों की आवाज उठना एक सकारात्मक संकेत है। अगर प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेता है और उचित कार्रवाई करता है, तो यह अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक उदाहरण स्थापित करेगा।

अंततः, यह घटना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो न केवल महाराजगंज जिले में बल्कि पूरे राज्य में सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगी। नागरिकों को अपनी आवाज उठाने और प्रशासन से जवाबदेही की मांग करने के लिए प्रेरित करने वाली यह घटना एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक कदम हो सकती है।

अधिक उत्तर प्रदेश समाचार पढ़ें



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

View All Posts →

Check All Tools