शाहजहांपुर में हिस्ट्रीशीटर संतोष सिंह पर जानलेवा हमला
शाहजहांपुर में हिस्ट्रीशीटर संतोष सिंह पर चलती कार में जानलेवा हमला किया गया। यह घटना दिनदहाड़े हुई, जब हमलावरों ने संतोष की आंख पर पिस्टल की बट से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई है। इस हमले के दौरान उनके अपहरण का भी प्रयास किया गया। घटना के बाद संतोष सिंह को तत्काल लखनऊ रेफर किया गया है। दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी है, जिसमें एक-दूसरे पर लूट के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस जांच में यह आरोप गलत पाए गए हैं।
संतोष सिंह थाना आरसी मिशन क्षेत्र का निवासी है और उसके खिलाफ करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दूसरा पक्ष भी इसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। दोनों पक्षों के बीच कुछ महीने पहले भी विवाद हुआ था, जिसमें एक भाजपा नेता ने एफआईआर दर्ज कराई थी और संतोष सिंह समेत तीन आरोपी जेल गए थे। सोमवार को हुई यह घटना भी इसी पुरानी रंजिश का परिणाम बताई जा रही है।
हिस्ट्रीशीटर के पिता का बयान और घटना की विवेचना
संतोष सिंह के पिता ने थाने में तहरीर दी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि संतोष अपने खाते से 1 लाख 84 हजार रुपए निकालकर कार से जा रहा था, तभी रास्ते में हमलावरों ने उसे रोककर मारपीट की। पिता ने यह भी कहा कि हमलावरों ने उनके बेटे का अपहरण करने का प्रयास किया। घटना के तुरंत बाद मारपीट का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें संतोष को राइफल की बट से पीटते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो ने घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
मंगलवार सुबह एक और वायरल वीडियो सामने आया, जिसमें 44 सेकंड के इस वीडियो में हमलावर संतोष सिंह पर लगातार हमला करते हुए और उसे गाली-गलौज करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि हमलावर ने पिस्टल निकाली और उसी पिस्टल से संतोष की आंख पर वार किया। इस हमले के कारण संतोष की चीखें भी सुनाई दे रही हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच शुरू कर दी है।
लूट के आरोप और पुलिस की कार्रवाई
दोनो पक्षों ने एक-दूसरे पर लूट का आरोप लगाया है। जहां भाजपा नेता के करीबी ने संतोष पर एक लाख रुपए लूटने का आरोप लगाया, वहीं संतोष ने आरोप लगाया कि उन पर 1 लाख 84 हजार रुपए लूटने का प्रयास किया गया। संतोष के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपने खाते से पैसे निकालकर बाइपास की ओर जा रहा था, तभी उस पर हमला किया गया।
पुलिस की जांच में यह पाया गया कि दोनों पक्षों की तरफ से लगाए गए लूट के आरोप गलत हैं। आरसी मिशन थाना के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह वारदात पुरानी रंजिश के चलते हुई है। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में किसी भी पक्ष की बातें सही नहीं पाई गई हैं। घटना की विवेचना जारी है।
सीओ सिटी पंकज पंत ने भी पुष्टि की है कि दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर प्राप्त हुई है और घटना से जुड़े वीडियो भी वायरल हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर और वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आगे की कार्रवाई और स्थानीय सुरक्षा
इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना दिया है। कई लोग इस तरह की घटनाओं के बढ़ने से चिंतित हैं और सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि अपराधियों को सख्त संदेश मिले और समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे। पुलिस विभाग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया है।
इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि समाज में पुरानी रंजिशें कभी-कभी जानलेवा बन सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शाहजहांपुर की यह घटना न केवल एक व्यक्ति के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आई है। सभी को चाहिए कि वे सावधानी बरतें और किसी भी विवाद को सुलझाने का प्रयास करें।






