संभल में रेलवे की नींव खुदाई से उत्पन्न विवाद, DM ने किया निरीक्षण
संभल के बहजोई कस्बे में रेलवे विभाग द्वारा अपनी भूमि पर नींव खोदने के कारण एक विवाद उत्पन्न हो गया है। स्थानीय नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के बाद, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहाँ रास्ता बनाने का आश्वासन दिया। यह मामला तब शुरू हुआ जब रेलवे विभाग ने बहजोई की नई बस्ती में बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी मशीन से नींव की खुदाई कर दी। इस कार्यवाही से स्थानीय निवासियों में चिंता उत्पन्न हो गई थी कि उनके घरों के पास रास्ता बंद हो सकता है।
सोमवार को, सैकड़ों नागरिकों, जिनमें छात्र-छात्राएं भी शामिल थे, ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाई और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। नागरिकों की चिंताओं को समझते हुए, डीएम डॉ. पैंसिया ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।
डीएम ने दिया आश्वासन, अतिक्रमण नहीं होगा
यह पूरा घटनाक्रम जनपद संभल की चंदौसी तहसील के बहजोई कस्बे का है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने नगर पालिका के बीजेपी चेयरमैन राजेश शंकर राजू के साथ मिलकर घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने रेलवे विभाग और हल्का लेखपाल को बुलाकर स्थानीय लोगों के बीच कागजात की जांच की और 5000 लोगों के लिए रास्ता बनाने का आश्वासन दिया। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने ‘डीएम जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए।
डीएम ने बताया कि मौके पर कोई पक्का रास्ता नहीं है और हाल ही में खुदाई की गई है। उन्होंने हल्का लेखपाल और रेलवे को संयुक्त पैमाइश करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि पैमाइश के बाद आने-जाने का रास्ता बिना किसी बाधा के बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर दीवार बनाना उसका संरक्षण है, लेकिन अतिक्रमण नहीं किया जाएगा।
नगर पालिका चेयरमैन का रेलवे पर आरोप
नगर पालिका परिषद बहजोई के बीजेपी चेयरमैन राजेश शंकर राजू ने रेलवे विभाग पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों से लोग रेलवे किनारे मकान बनाकर रह रहे हैं और वहीं से उनका आवागमन होता है। चेयरमैन ने यह भी कहा कि नगर पालिका सड़क बनाना चाहती है, लेकिन रेलवे विभाग इसे रोकता है।
उन्होंने जिलाधिकारी से निवेदन किया कि रेलवे को हटाकर इस समस्या का समाधान किया जाए। राजू ने बताया कि रास्ता बंद होने से 200 से अधिक परिवारों के लगभग 5000 लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। यह स्थिति ना केवल नागरिकों के लिए कठिनाई पैदा कर रही है, बल्कि स्थानीय विकास कार्यों को भी प्रभावित कर रही है।
स्थानीय नागरिकों की चिंताएँ और प्रशासन की भूमिका
स्थानीय नागरिकों की चिंताओं को समझते हुए, जिलाधिकारी ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी पक्षों को सुनकर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को बिना किसी रुकावट के आवागमन की सुविधा मिले।
इस प्रकार, यह विवाद न केवल बहजोई कस्बे के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है, बल्कि यह प्रशासन के लिए भी चुनौती है कि वे स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे करते हैं। अब सभी की नज़रें प्रशासन पर हैं कि वे इस मुद्दे को कैसे सुलझाते हैं और स्थानीय लोगों को उनकी ज़रूरतों के अनुसार सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
संभल का यह मामला एक उदाहरण है कि कैसे स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद होना चाहिए ताकि सभी की समस्याओं का समाधान हो सके।






