Innovation: उत्तर प्रदेश में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का इंटीग्रल यूनिवर्सिटी दौरा

लखनऊ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का कृषि सम्मेलन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंगलवार को लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस “अनलॉकिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स ड्रिवन स्मार्ट एग्रीकल्चर” में भाग लिया। यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएएसटी) और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीसीएआर) द्वारा आयोजित किया गया…

इंटीग्रल यूनिवर्सिटी पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल:प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित, खेती में इनोवेशन पर दिया जोर

लखनऊ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का कृषि सम्मेलन

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मंगलवार को लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस “अनलॉकिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स ड्रिवन स्मार्ट एग्रीकल्चर” में भाग लिया। यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईएएसटी) और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीसीएआर) द्वारा आयोजित किया गया था।

इस अवसर पर, राज्यपाल ने प्रदेश भर के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केवीके किसानों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने किसानों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में केवीके के कार्यों की सराहना की और इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए आवश्यक बताया।

कृषि क्षेत्र में परिवर्तन और जल संरक्षण की आवश्यकता

राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज किसानों द्वारा उत्पादित ऑर्गेनिक उत्पादों की बिक्री में सहयोग करना हम सभी की जिम्मेदारी है। जल संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पहले भूजल स्तर बेहतर था, लेकिन अब यह लगातार घट रहा है। इसलिए, हमें ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनते ही मोदी ने नर्मदा नदी के जल का प्रभावी उपयोग किया, जिससे किसानों को लाभ हुआ। आज गुजरात के किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर विविध प्रकार की खेती कर रहे हैं।

महिलाओं की भागीदारी और स्वास्थ्य सेवाएं

राज्यपाल ने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख किया, जिसमें महिलाओं को ई-रिक्शा जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने राजभवन में प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी के बारे में जानकारी दी, जिसमें प्रदेश भर के किसान अपने उत्पाद लेकर आते हैं और उनकी बिक्री की जाती है। इस दौरान मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से किसानों की स्वास्थ्य जांच भी कराई जाती है।

राज्यपाल ने बताया कि राजभवन के विद्यालय में गरीब परिवारों के 200 बच्चों का नामांकन कराया गया है, जहां उनके कौशल विकास पर कार्य किया जा रहा है। बच्चों को बांसुरी वादन और बैंड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और प्रतिभा का विकास हो सके।

नवाचार और मोती की खेती परियोजना

इस अवसर पर, राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की पत्रिकाओं आईआईएएसटी सफरनामा और इंटीग्रल कृषि दर्पण का लोकार्पण भी किया। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख विशेषज्ञ और कृषि क्षेत्र के अधिकारी मौजूद थे, जिनमें इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक और कृषि उत्पादन आयुक्त दीप ऐप शामिल थे।

राज्यपाल ने राजभवन में शुरू की गई मोती की खेती परियोजना के नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे किसानों को लाभ होगा और इस संबंध में मणि एग्रो हब प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी किसानों को प्रशिक्षण देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में इस नवाचार को लागू किया जाएगा, जिसके लिए कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस प्रकार, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के इस कार्यक्रम ने कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस पहल के माध्यम से न केवल किसानों को लाभ होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

UP News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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