Drug Raid: सोनभद्र में जन औषधि केंद्र पर निजी दवाएं मिलीं

सोनभद्र में जन औषधि केंद्र पर छापेमारी: निजी कंपनियों की महंगी दवाएं मिलीं मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र – सोनभद्र जिले में जन औषधि केंद्रों पर मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे केंद्रों पर गंभीर आरोप लगे हैं। हाल ही में एक जन औषधि केंद्र पर हुई छापेमारी…

सोनभद्र जन औषधि केंद्र पर मिलीं निजी दवाएं:छापेमारी में खुलासा, मरीजों को महंगी दवा देने का आरोप

सोनभद्र में जन औषधि केंद्र पर छापेमारी: निजी कंपनियों की महंगी दवाएं मिलीं

मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र – सोनभद्र जिले में जन औषधि केंद्रों पर मरीजों को सस्ती जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे केंद्रों पर गंभीर आरोप लगे हैं। हाल ही में एक जन औषधि केंद्र पर हुई छापेमारी में वहां भारी मात्रा में निजी कंपनियों की महंगी दवाएं पाई गईं। यह छापेमारी मेडिकल कॉलेज सोनभद्र परिसर स्थित एक जन औषधि केंद्र पर की गई, जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने इस गड़बड़ी का खुलासा किया।

छापेमारी का नेतृत्व मेडिकल कॉलेज सोनभद्र के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. तपन मंडल ने किया, जिसमें डॉ. अंकिता सिंह और अन्य चिकित्सक भी शामिल थे। इस कार्रवाई के बाद केंद्र का संचालक वहां से फरार हो गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र में चल रही गतिविधियों में कुछ गंभीर अनियमितताएँ थीं।

जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य और उनकी स्थिति

यह उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने आदिवासी बहुल सोनभद्र जिले में लोगों को सस्ता उपचार मुहैया कराने के लिए जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू किया था। इस पहल के तहत कई केंद्र खोले गए हैं, जिनमें कुछ अस्पतालों में और कुछ बाजारों में स्थित हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने दावा किया कि इन केंद्रों का उद्देश्य मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन हाल की छापेमारी ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छापेमारी के दौरान कई मरीजों ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें केंद्र पर सस्ती दवाएं मिलने के बजाय बाजार दर पर महंगी दवाएं दी गईं। इस पर मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने जन औषधि केंद्र पर उपलब्ध जेनेरिक दवाओं की मांग की, तो उन्हें मना कर दिया गया। यह सुनकर प्रशासनिक अधिकारियों ने संचालक से इस संबंध में सवाल किया, तो उनका कहना था कि उन्हें डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं ही देनी पड़ती हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि संचालक की स्थिति भी मजबूरी में थी।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मेडिकल कॉलेज परिसर सहित अन्य जन औषधि केंद्रों पर निजी कंपनियों की दवाएं धड़ल्ले से बेचे जाने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आरोप भी लग रहे हैं कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह गड़बड़ी चल रही है। मरीजों के साथ हो रही धोखाधड़ी ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।

हालांकि, संबंधित अधिकारियों ने यह दावा किया है कि पहले भी जन औषधि केंद्रों पर छापेमारी की गई थी और संचालकों को केवल सरकार द्वारा अनुमत दवाएं बेचने का आदेश दिया गया था। लेकिन इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह समस्या गंभीर है।

प्रशासनिक अधिकारी की प्रतिक्रिया

डॉ. तपन मंडल ने इस संबंध में कहा कि छापेमारी के दौरान नियमों के खिलाफ केंद्र पर दवाओं की बिक्री की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस मामले की रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे इस तरह की अनियमितताएं दोबारा न हों।

इस पूरी घटनाक्रम ने स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई की होती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस मुद्दे का समाधान कर पाती है और जन औषधि केंद्रों की विश्वसनीयता को बहाल कर पाती है।

सोनभद्र में जन औषधि केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता है ताकि मरीजों को सही और सस्ती दवाएं मिल सकें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

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Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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