सुलतानपुर में राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई, अगली तारीख 6 जनवरी 2026
सुलतानपुर से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है, जहां MP/MLA कोर्ट में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई हुई। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से संबंधित है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जनवरी 2026 की तारीख निर्धारित की है।
मंगलवार को राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने गवाह रामचंद्र दुबे से जिरह की। हालांकि, जिरह पूरी नहीं हो सकी, जिसके कारण कोर्ट ने अगली तिथि निर्धारित की। अब अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल अगले वर्ष 6 जनवरी 2026 को गवाह रामचंद्र दुबे से शेष जिरह करेंगे। यह मामला काफी समय से चल रहा है और इसमें कई महत्वपूर्ण मोड़ आए हैं।
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला: पृष्ठभूमि
यह मामला वर्ष 2018 का है जब भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। हनुमानगंज निवासी मिश्रा ने आरोप लगाया था कि 2018 के कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर मामला अदालत में पहुंचा, और तब से लेकर अब तक पांच साल से अधिक समय बीत चुका है।
इस दौरान अदालती कार्यवाही में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें ₹25,000 के दो मुचलकों पर जमानत दी।
गवाहों की पेशी और सुनवाई की स्थिति
गत 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। उनके बयान के बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है, जबकि दूसरे गवाह से जिरह चल रही है।
इस मामले में कार्यवाही में देरी का एक मुख्य कारण गवाहों का अनुपस्थित रहना और हड़तालें भी रही हैं। इसके चलते न्यायालय में मामले की सुनवाई में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। हालांकि, कोर्ट ने अब अगली तारीख तय कर दी है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि मामले का जल्द समाधान हो सकेगा।
भविष्य की संभावनाएं और राजनीतिक निहितार्थ
राहुल गांधी के इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक अदालती लड़ाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े राजनीतिक निहितार्थ भी छिपे हुए हैं। राहुल गांधी ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए अपने खिलाफ आरोपों को खारिज किया है।
आने वाली सुनवाई में क्या निर्णय आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मामला भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है। विशेषकर, जब चुनावी मौसम निकट है और सभी पार्टियां अपने-अपने एजेंडे को लेकर सक्रिय हैं।
निष्कर्ष
सुलतानपुर में चल रहे इस मानहानि मामले की सुनवाई ने कांग्रेस और भाजपा के बीच की राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा दिया है। अगली सुनवाई में क्या फैसला होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। राहुल गांधी के लिए यह मामला उनकी राजनीतिक छवि पर भी असर डाल सकता है।
इस मामले पर नजर रखने के लिए सभी की निगाहें 6 जनवरी 2026 की सुनवाई पर टिकी रहेंगी।






