24 दिसंबर 2025 को बुधवार के दिन चतुर्थी का सहयोग विशेष महत्व रखता है। यह दिन विशेष रूप से गणेश जी का प्रिय होता है और गणेश जी की तिथि भी चतुर्थी है। इस दिन किए गए कार्यों में मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन की चतुर्थी तिथि दोपहर 1:00 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। शुक्ल पक्ष में पढ़ने वाली चतुर्थी को विनायक की चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। यह तिथि विशेष रूप से व्यक्ति की बुद्धि, विवेक और निर्णय लेने की क्षमताओं में आ रही परेशानियों के निवारण के लिए शुभ मानी जाती है।
आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि बुधवार, बुध ग्रह का दिन होता है। काल पुरुष की कुंडली में बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, व्यापार और व्यक्ति की तार्किक शक्ति का कारक माना जाता है। जब भी बुधवार के दिन चतुर्थी का विशेष सहयोग बनता है, तब लोगों के रुके हुए कार्यों में गति मिलना प्रारंभ हो जाती है।
पंचांग के अनुसार, आज चंद्रमा मकर राशि में रहेगा और इसका प्रभाव श्रवण नक्षत्र में रहेगा। मकर राशि का स्वामी साक्षात शनि देव है और यह धैर्य, अनुशासन और सत्कर्मों का प्रतीक मानी जाती है। इसी कारण से आज किए गए उपायों से मनवांछित फल की प्राप्ति होगी और बुध ग्रह से संबंधित कारकों का विकास होगा। इसी क्रम में जानते हैं एमपी, छिंदवाड़ा के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग।
आज का अशुभ मुहूर्त 24 दिसंबर 2025
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | दोपहर 12:09 से 01:29 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 08:08 से 09:28 बजे तक |
| गुलिक काल | दोपहर 10:49 से 12:09 बजे तक |

आज व्रत और त्योहार 24 दिसंबर 2025
विघ्नेश्वर चतुर्थी विशेष रूप से भगवान गणेश को समर्पित तिथि होती है। भगवान श्री गणेश विघ्नों को हरने वाले हैं, जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। सीधे शब्दों में कहा जाए तो विघ्नों को हरने वाले देवता भगवान श्री गणेश की उपासना का गोल्डन चांस है। चतुर्थी तिथि का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदाई है जिन्हें किसी न किसी रूप में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस तिथि में किए गए उपाय कारगर साबित होते हैं।
विशेष रूप से परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र अगर इस दिन भगवान गणेश जी की आराधना करते हैं, तो उन्हें अवश्य ही फल की प्राप्ति होती है। व्यापारियों के लिए व्यापार में धन लाभ होता है। वैसे भी पौष का महीना संयम में रहना सीखना है और इस बीच बुधवार के दिन पढ़ने वाली विनायक की चतुर्थी धैर्यता पूर्वक प्रयास करते रहने की शिक्षा प्रदान करती है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को व्यापार, शिक्षा, आत्म बुद्धि और तार्किक शक्ति का कारक माना जाता है। अगर कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति अच्छी होती है, तो अच्छे परिणाम मिलते हैं। वहीं, अगर इसकी स्थिति खराब होती है, तो खराब फल देखने मिलते हैं। बुध ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति की मन में मिठास आती है और सोच समझ कर बोलने की क्षमता का विकास होता है।
वहीं, अगर बुध ग्रह कमजोर होता है, तो जातक गलत फैसला लेकर भ्रम में आ जाता है और समस्याओं का सामना करता है। बुद्धि के दाता गणेश जी का पूजन बुधवार के दिन ही किया जाता है और इस दिन चतुर्थी तिथि पड़े, तो यह अद्भुत सहयोग मनवांछित फल प्रदान करता है।
आज का उपाय 24 दिसंबर 2025
विनायक की चतुर्थी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर जातक को गणेश जी के मंदिर में जाकर गुड़ के मोदक या फिर लड्डू का भोग लगाना चाहिए। आज के दिन विशेष रूप से गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना चाहिए। जिन लोगों पर अधिक कर्ज हो गया है, उन लोगों को ऋण मोचन गणेश स्तोत्र का पाठ आज अवश्य करना चाहिए। संभव हो तो आज के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
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