भय, एक ऐसी भावना है जो हमारे मन को गहराई से प्रभावित करती है। यह न केवल हमारे आत्मविश्वास को कमजोर करती है, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। कई बार ऐसे भी क्षण आते हैं जब हम बिना किसी ठोस कारण के भय का अनुभव करते हैं। चाहे वह असफलता का डर हो, भविष्य का अनिश्चितता हो या किसी व्यक्तिगत नुकसान का खौफ। यह भय धीरे-धीरे हमारे मन में चिंता और नकारात्मकता का निर्माण करता है। ऐसे में, हम ना केवल अपने वर्तमान को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य को भी संकट में डाल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल, शनि या राहु जैसे ग्रह अशुभ स्थितियों में होते हैं, तो भय और असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है। इस स्थिति से उबरने के लिए हनुमान जी की उपासना और मंगलवार को विशेष उपाय करना फायदेमंद हो सकता है। आइए एस्ट्रोलॉजर अमिता रावल से जानते हैं कि किसी भी तरह के भय से मुक्ति के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
मंगलवार के दिन मसूर दाल का उपाय
मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी की उपासना के लिए जाना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके पश्चात, अपने घर के पूजा स्थल या नजदीकी हनुमान मंदिर में एक आसन बिछाएं और वहां बैठ जाएं।

इसके बाद, एक लाल कपड़ा लें और उसमें मसूर की दाल डालें। मसूर की दाल को मंगल ग्रह का प्रतीक माना जाता है और यह साहस तथा आत्मविश्वास का कारक ग्रह है। अब, इस लाल कपड़े में रखी दाल के साथ श्रद्धा और विश्वास के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें। जब पाठ पूरा हो जाए, तो इस दाल को किसी मंदिर में दान कर दें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय से व्यक्ति के जीवन में आने वाले भय दूर हो जाते हैं और हनुमान जी का आशीर्वाद मिलने से आत्मबल तथा साहस में वृद्धि होती है।
हनुमान चालीसा का पाठ करना
यदि आप किसी प्रकार के भय का सामना कर रहे हैं, तो हनुमान चालीसा का नियमित पाठ आपके मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास को मजबूत करने में सहायक हो सकता है। इस पाठ के हर दोहे में सकारात्मक ऊर्जा और दिव्य शक्ति का आह्वान किया गया है। जब श्रद्धा भाव से इसका पाठ किया जाता है, तो मन में स्थिरता आती है और भय की भावना धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है।

सुबह या शाम के समय शुद्ध वातावरण में हनुमान चालीसा का पाठ करें। इस पाठ से पूर्व, हनुमान जी को लाल पुष्प और सिंदूर अर्पित करें। पाठ के अंत में ‘जय हनुमान ज्ञान गुन सागर’ चौपाई का स्मरण करें। यदि आपको भूत, पिशाच या किसी भी तरह की बुरी शक्तियों का भय है, तो ‘भूत पिशाच निकट नहीं आवै, महाबीर जब नाम सुनावै।’ चौपाई का पाठ अवश्य करें।
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मसूर दाल का उपाय करने के लाभ
मसूर की दाल को मंगल ग्रह का प्रतीक मानते हैं। जब आपके जीवन में मंगल अशुभ प्रभाव डालता है, तो व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, भय और बेचैनी बढ़ जाती है। मंगलवार को लाल कपड़े में मसूर की दाल रखकर हनुमान चालीसा का पाठ करने और फिर उसे दान करने से अशुभ मंगल का प्रभाव शांत होता है, जिससे आपके जीवन का कोई भी भय दूर हो जाता है।
यदि आप किसी भय के कारण हमेशा चिंतित रहती हैं, तो यहां बताए गए उपायों को अवश्य आजमाएं और भय से मुक्ति पाएं। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो, तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेखों के लिए हरजिंदगी से जुड़े रहें।
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