23 दिसंबर 2025 को चौघड़िया के अनुसार, इस दिन विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह दिन कुछ अच्छे और कुछ खराब चौघड़िया लेकर आ रहा है, जो आपको लाभ और नुकसान दोनों दे सकते हैं। ऐसे में कुछ नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए, जबकि कुछ कार्यों को करना आवश्यक है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञ सौरभ त्रिपाठी जी, छिंदवाड़ा, एमपी ने चौघड़िया के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्यों के सही समय को टालने के लिए जरूरी मुहूर्त के बारे में बताया है, और आने वाले समय से सावधान रहने की सलाह दी है। रोजमर्रा की जिंदगी में चाहे व्यापार से संबंधित निर्णय हो, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा, या फिर किसी चीज का सौदा करना हो, चौघड़िया इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं आज का चौघड़िया।

आज का चौघड़िया मुहूर्त 23 दिसंबर 2025 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
आज सूर्योदय के समय रोग चौघड़िया से शुरुआत हो रही है। इसे अच्छा नहीं माना गया है, इसलिए इस समय हमें कोई नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। विशेषकर, अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है। इसके बाद दिन का दूसरा चौघड़िया ‘उद्वेग’ है, जो मानसिक बेचैनी और असमंजस की स्थिति पैदा करता है। इस दौरान हमारी निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे हम गलत निर्णय ले सकते हैं। इसलिए, इस चौघड़िया में किसी भी तरह के निर्णय से बचना चाहिए।
चल चौघड़िया को ना ही बहुत अच्छा और ना ही बहुत बुरा कहा गया है। यह चौघड़िया व्यावसायिक मीटिंग या यात्रा के लिए उपयुक्त हो सकता है, लेकिन इसमें किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से बचना चाहिए। आज के दिन का सबसे पहला शुभ चौघड़िया ‘लाभ चौघड़िया’ है। यह शिक्षा, प्रॉपर्टी, व्यापार या किसी भी प्रकार के एग्रीमेंट से संबंधित कार्यों के लिए बहुत अच्छा माना गया है। इस दौरान किए गए कार्यों का विशेष परिमाण मिलता है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
आज रात का चौघड़िया मुहूर्त 23 दिसंबर 2025 (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)
रात के समय काल चौघड़िया की शुरुआत होती है, जिसे अशुभ माना गया है। इस दौरान यात्रा या किसी आवश्यक कार्य से बचना चाहिए। इसके विपरीत, लाभ चौघड़िया राजनीति से संबंधित कार्यों की रणनीति बनाने या व्यापारिक मीटिंग के लिए बहुत अच्छा समय है। इस समय में की गई रणनीतियों से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना होती है।
उद्वेग चौघड़िया एक ऐसा समय है जिसमें मानसिक अशांति बढ़ जाती है। इस समय में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से बचना चाहिए और अपने देवता का स्मरण करते रहना चाहिए। शुभ चौघड़िया रात्रि का एक ऐसा चौघड़िया है जिसमें विशेष सिद्धि के लिए पूजन, जप, तप, या अध्ययन करने के लिए अनुकूल समय माना जाता है। इस समय ध्यान करना या मेडिटेशन करना भी फायदेमंद होता है, जिससे मानसिक स्थिरता बढ़ती है।
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