Controversy: भाजपा नेत्री के अशोभनीय शब्दों पर नोटिस जारी

मध्य प्रदेश में भाजपा उपाध्यक्ष पर विवादित टिप्पणी का मामला चौदह दिन पहले जबलपुर में हुई एक घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव ने एक कार्यक्रम के दौरान एक दृष्टिहीन महिला के बारे में अपमानजनक शब्द कहे, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। अंजू भार्गव…

मध्य प्रदेश में भाजपा उपाध्यक्ष पर विवादित टिप्पणी का मामला

चौदह दिन पहले जबलपुर में हुई एक घटना ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव ने एक कार्यक्रम के दौरान एक दृष्टिहीन महिला के बारे में अपमानजनक शब्द कहे, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। अंजू भार्गव ने कहा कि “तू इस जन्म में अंधी बनी है, अगले जन्म में भी अंधी ही बनेगी”, जिससे न केवल उपस्थित लोगों में आक्रोश पैदा हुआ, बल्कि राजनीतिक दलों में भी हलचल मच गई। इस विवाद ने भाजपा के अंदर भी असहमति की लहर पैदा कर दी है।

वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया और अंजू भार्गव को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में न्याय की मांग करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

धर्मांतरण के आरोप और हंगामा

घटना के पीछे की कहानी भी कम चौंका देने वाली नहीं है। 20 दिसंबर को गोरखपुर स्थित एक चर्च में अचानक बड़ी संख्या में हिंदू कार्यकर्ता पहुंचे और वहाँ जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि चर्च में दृष्टिहीन छात्रों को धर्मांतरण के लिए लाया जा रहा है। इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा की जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव भी मौजूद थीं। प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ।

आरोप है कि अंजू भार्गव चर्च में जाकर दृष्टिहीन महिला से अशोभनीय शब्द कहने लगीं। इस दौरान उन्होंने महिला का हाथ पकड़कर झगड़ा भी किया। यह घटना न केवल धार्मिक भावना को आहत करने वाली है, बल्कि समाज में विभाजन का भी कारण बन सकती है।

भाजपा का आंतरिक जांच और नोटिस

भाजपा महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने इस विवाद पर संज्ञान लेते हुए अंजू भार्गव को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि “आप भारतीय जनता पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारी हैं, जिससे इस प्रकार के व्यवहार और कृत्यों की कल्पना नहीं की जा सकती है।” अध्यक्ष ने 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा है। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा अपने नेताओं के आचरण को लेकर कितनी गंभीर है।

कांग्रेस का आक्रामक रुख

कांग्रेस ने इस मुद्दे को अपने राजनीतिक फायदे के लिए भुनाने का प्रयास किया है। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट है कि भाजपा के नेताओं की कथनी और करनी में भारी अंतर है। उनका कहना है कि दिव्यांग महिला के साथ की गई टिप्पणियाँ अस्वीकार्य हैं और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सौरभ शर्मा ने यह भी कहा कि भाजपा सांप्रदायिकता फैलाने का काम कर रही है और कांग्रेस इसका डटकर मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट में परिवाद दायर करना जल्द ही सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रकार का कदम समाज में एकता और समरसता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सार्वजनिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है, बल्कि सामाजिक मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे बयान न केवल अशोभनीय हैं, बल्कि समाज को बांटने का काम करते हैं। दृष्टिहीन महिलाओं के प्रति यह अपमानजनक टिप्पणी न केवल एक व्यक्ति के लिए, बल्कि सभी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अपमान है।

इस घटना ने सभी राजनीतिक दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उन्हें अपने नेताओं के आचरण पर ध्यान देना होगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

निष्कर्ष

भाजपा जिला उपाध्यक्ष अंजू भार्गव की विवादास्पद टिप्पणी ने मध्य प्रदेश में एक नई बहस को जन्म दिया है। यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों से भी जुड़ा है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले में उचित कार्रवाई होगी और दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समाज में समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा मिलेगा।



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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