Urea Scam: बिहार में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव की सख्ती, FIR दर्ज

बिहार में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर कृषि मंत्री का कड़ा रुख बिहार में यूरिया खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान ऐसे समय…

बिहार में यूरिया खाद की कालाबाजारी पर कृषि मंत्री का कड़ा रुख

बिहार में यूरिया खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब किसानों के बीच खाद की कमी और अवैध भंडारण की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।

मंत्री ने हाल ही में जानकारी दी कि मोतिहारी जिले में अब तक 87 दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में भी खाद की अनियमितताओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की जा रही है। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है ताकि उन्हें उचित मूल्य पर खाद मिल सके और कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।

छापेमारी अभियान को तेज करने की दिशा में कदम

कृषि मंत्री ने कहा कि खाद की किल्लत के नाम पर कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली और अवैध भंडारण जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसके मद्देनजर विभाग ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। सभी जिला प्रशासन और कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे छापेमारी अभियान को तेज करें और दोषी दुकानदारों, एजेंटों एवं बिचौलियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करें।

मंत्री ने बताया कि इस अभियान में किसानों और आम जनता की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिल सके। प्रदेश में खाद की उचित और पारदर्शी वितरण व्यवस्था के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।

किसानों के लिए विशेष शिकायत कोषांग का गठन

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने यह भी कहा कि किसानों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद की उपलब्धता, उचित मूल्य पर बिक्री और पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने किसानों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष शिकायत कोषांग (हेल्पलाइन/शिकायत सेल) का गठन किया है।

किसान अब इस कोषांग पर फोन कर या शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायतों पर त्वरित जांच कर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम किसानों को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए उठाया गया है। मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी सीधे प्रशासन या शिकायत कोषांग तक पहुंचाएं।

कठोर कार्रवाई का आश्वासन

मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है या खाद की जमाखोरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने से लेकर आपराधिक मुकदमा तक दर्ज किया जाएगा। यह कदम किसानों को सुरक्षा और सहायता प्रदान करने के लिए उठाया गया है।

कृषि मंत्री का यह कदम किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल खाद की उपलब्धता में सुधार होगा, बल्कि किसानों को उनके हक की रक्षा भी मिलेगी। सरकार का यह प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए है कि बिहार के किसान सही मूल्य पर खाद प्राप्त कर सकें और किसी भी प्रकार की अनियमितता का सामना न करना पड़े।

निष्कर्ष

बिहार में यूरिया खाद की कालाबाजारी के खिलाफ उठाए गए कदम न केवल किसानों के अधिकारों की रक्षा करेंगे, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगे। मंत्री रामकृपाल यादव का यह प्रयास किसानों के लिए एक नई उम्मीद का संचार करता है। राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से संभावित रूप से खाद की बाजार में स्थिरता आएगी और किसानों को उनके हक का सही मूल्य मिल सकेगा।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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