Rice Scam: शेखपुरा में धान खरीद में 11 आरोपी गिरफ्तार

शेखपुरा में धान खरीद घोटाले का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार बिहार के शेखपुरा जिले में बरबीघा प्रखंड में एक बड़ा धान खरीद घोटाला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले की राशि लगभग 1.54 करोड़ रुपए है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम रणजीत सिंह है, जो पिंजड़ी पैक्स का…

शेखपुरा में धान खरीद घोटाले का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

बिहार के शेखपुरा जिले में बरबीघा प्रखंड में एक बड़ा धान खरीद घोटाला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस घोटाले की राशि लगभग 1.54 करोड़ रुपए है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम रणजीत सिंह है, जो पिंजड़ी पैक्स का सदस्य बताया जा रहा है। इस मामले में स्थानीय प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए रणजीत सिंह को पकड़ने के लिए छापेमारी की थी।

पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व बरबीघा थाने के पुलिस सब इंस्पेक्टर कौशर आलम ने किया। छापेमारी के दौरान रणजीत सिंह को पिंजड़ी गांव से गिरफ्तार किया गया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब बरबीघा के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCO) ने इस घोटाले के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

घोटाले की जांच और अभियुक्तों की संख्या

बरबीघा थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने जानकारी दी कि पिंजड़ी पैक्स द्वारा की गई धान खरीद में अनियमितताएं पाई गई थीं। इसके बाद BCO ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज की। इस मामले में पिंजड़ी पैक्स की अध्यक्ष निर्मला देवी सहित कुल 11 लोगों को अभियुक्त बताया गया है। यह संख्या दर्शाती है कि घोटाले में कई लोग शामिल थे, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है।

पुलिस ने पिछले दो महीने में इस मामले में एक और अभियुक्त मन्नू कुमार (विपिन सिंह का बेटा) को भी गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। गौरव कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी निर्मला देवी और अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की योजना

गिरफ्तार किए गए रणजीत सिंह को न्यायिक हिरासत में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि पुलिस की टीम लगातार छापेमारी के जरिए अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।

इस घोटाले के खुलासे ने स्थानीय प्रशासन को एक बार फिर से सतर्क कर दिया है। किसानों की मेहनत से कमाए गए पैसे का इस तरह से दुरुपयोग न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह एक सामाजिक अपराध भी है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।

किसानों की सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी

किसानों की मेहनत से उत्पादित धान की खरीद में घोटाले के इस मामले ने सरकार और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाए हैं। किसानों को उनका हक और उचित मूल्य मिलना चाहिए, और इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

इस घटना के बाद, किसानों में चिंता का माहौल है। वे चाहते हैं कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिले और किसी भी प्रकार के घोटाले से उनकी मेहनत को नुकसान न पहुंचे। प्रशासन को चाहिए कि वह किसानों के प्रति जागरूकता बढ़ाए और उन्हें ऐसे मामलों से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए।

कुल मिलाकर, शेखपुरा में धान खरीद घोटाले का मामला एक गंभीर चिंता का विषय है। यह न केवल प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किसानों के लिए हानिकारक है, बल्कि यह समाज में विश्वास और पारदर्शिता को भी प्रभावित करता है। प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और किसानों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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