Fertilizer: बेतिया में किसानों के हक की रक्षा करेगा DM तरनजोत सिंह

बिहार में किसानों की उर्वरक आवश्यकताएं पूरी करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल बिहार राज्य में किसानों को समय पर और सहजता से उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता बन गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में किसानों का शोषण सहन नहीं किया जाएगा। राज्य…

बिहार में किसानों की उर्वरक आवश्यकताएं पूरी करने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल

बिहार राज्य में किसानों को समय पर और सहजता से उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता बन गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में किसानों का शोषण सहन नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार किसानों के कल्याण और उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।

हाल ही में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रबी 2025-26 के संबंध में उर्वरकों की उपलब्धता, आवश्यकता और वितरण व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले को अब तक कुल 22,714.869 मीट्रिक टन यूरिया, 10,936.225 मीट्रिक टन डीएपी, 5,387.351 मीट्रिक टन पोटाश, 11,255.045 मीट्रिक टन एनपीके तथा 10,711.510 मीट्रिक टन एसएसपी की आपूर्ति की जा चुकी है।

उर्वरक की उपलब्धता और वितरण की चुनौती

बैठक में यह भी बताया गया कि रबी सीजन के लिए अभी और उर्वरकों की आवश्यकता बनी हुई है। इसे ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने उर्वरकों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया, ताकि किसानों को कोई कठिनाई न हो।

उर्वरक बिक्री में अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 01 अक्टूबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच जिले के 394 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 17 मामलों में गड़बड़ी पाई गई। इस दौरान एक प्रतिष्ठान पर प्राथमिकी दर्ज की गई, पांच की अनुज्ञप्ति रद्द की गई, तीन की अनुज्ञप्ति निलंबित की गई और आठ प्रतिष्ठानों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया।

24×7 कंट्रोल रूम का प्रभावी संचालन

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि उर्वरकों का वितरण समता और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24×7 कंट्रोल रूम के प्रभावी संचालन का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर की गई कार्रवाई का विधिवत संधारण अनिवार्य होगा।

किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त चेतावनी

डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले पदाधिकारी, कर्मी या उर्वरक विक्रेता किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यदि गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और अनुज्ञप्ति रद्द या निलंबित की जाएगी। इसके साथ ही किसानों को नैनो यूरिया के लाभों से अवगत कराने और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का भी निर्देश दिया गया।

इस बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करेगा कि सभी किसान बिना किसी कठिनाई के उर्वरक प्राप्त कर सकें और उनके विकास में कोई बाधा न आए। इस दिशा में उठाए जा रहे कदम निश्चित ही किसानों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

किसानों के प्रति यह प्रशासनिक दृष्टिकोण निश्चित रूप से किसानों में विश्वास जगाएगा और उन्हें अपने कृषि कार्य में और अधिक उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। बिहार के कृषि क्षेत्र में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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