Farmers की संगोष्ठी: रजौन में नई कृषि तकनीकें सिखाई गईं

बांका जिले में आयोजित प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी बिहार के बांका जिले के रजौन प्रखंड में स्थित ई-किसान भवन में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराना और उनकी आय में वृद्धि करना था। कार्यक्रम…

बांका जिले में आयोजित प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी

बिहार के बांका जिले के रजौन प्रखंड में स्थित ई-किसान भवन में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराना और उनकी आय में वृद्धि करना था। कार्यक्रम में कृषि से संबंधित नवीनतम जानकारी साझा की गई, जिससे किसानों को उनके कृषि कार्यों में सहायता मिल सके।

संगोष्ठी का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसमें “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान एवं जय अनुसंधान” के मूल मंत्र पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिक लगातार नई तकनीकों की खोज कर रहे हैं। इन तकनीकों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

लैब टू लैंड कार्यक्रम की जानकारी

कार्यक्रम में सहायक तकनीकी प्रबंधक रंजन कुमार ने ‘लैब टू लैंड’ कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) और राज्य सरकार के अनुसंधान संस्थानों द्वारा विकसित आधुनिक कृषि तकनीकों को सरकारी अधिकारियों और कर्मियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है। यह कार्यक्रम किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखता है।

दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए।

किसान सलाहकारों की भूमिका

संगोष्ठी के दौरान किसान सलाहकारों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि ये सलाहकार जमीनी स्तर पर खेती से जुड़ी नई तकनीकी जानकारियां सीधे किसानों तक पहुंचाते हैं। इससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और तकनीकी लाभों का समुचित फायदा मिल पाता है। किसान सलाहकारों की यह कार्यशैली किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

इस प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी में कृषि समन्वयक, किसान सलाहकारों के साथ ही सैकड़ों किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस आयोजन ने न केवल किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाई, बल्कि उन्हें नई तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने से न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

किसान संगोष्ठी का महत्व

इस प्रकार की किसान संगोष्ठियों का आयोजन किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल उन्हें नई तकनीकों से अवगत कराता है, बल्कि साथ ही उनके मनोबल को भी बढ़ाता है। संगोष्ठियों के माध्यम से किसानों को एक मंच पर लाकर उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। इससे खेती के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलता है और कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

किसानों को वैज्ञानिक खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी देने से उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही, नए अनुसंधान और विकास के माध्यम से खेती में सुधार किया जा सकता है, जिससे देश की कृषि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।

निष्कर्ष

बांका जिले में आयोजित इस प्रखंड स्तरीय किसान संगोष्ठी ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। वैज्ञानिक खेती की नई तकनीकों को अपनाकर, किसान न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं, बल्कि वे अपने क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किसानों की भलाई के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसे आगे भी जारी रखना चाहिए।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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