गयाजी में हाईटेंशन तार गिरने से तीन की मौत
बिहार के गयाजी जिले के खिजरसराय प्रखंड में एक दर्दनाक घटना ने तीन युवकों की जान ले ली। मंगलवार सुबह, जब ये युवक अपने घर के बाहर ठंड से बचने के लिए आग सेंक रहे थे, तभी 11000 वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर गिर पड़ा। इस घटना ने पूरे गांव में कोहराम मचा दिया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना उस समय हुई जब ये युवक अलाव के पास बैठे हुए थे। अचानक से तार गिरने से तीनों युवक बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तुरंत बिजली के तार से अलग किया गया और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, रास्ते में ही दो युवकों ने दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे युवक की मृत्यु मगध मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई।
मृतकों की पहचान और पारिवारिक स्थिति
मृतकों में दो चचेरे भाई शामिल हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 27 और 28 वर्ष है। 27 साल का नीतीश और 28 साल का गोलू, दोनों चचेरे भाई थे। वहीं, तीसरे युवक की पहचान 22 साल के सत्येंद्र उर्फ राजा के रूप में हुई है। यह भी जानकारी मिली है कि गोलू की एक साल पहले ही शादी हुई थी। इस घटना ने गांव में मातमी सन्नाटा फैला दिया है और स्थानीय लोग बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, जर्जर तारों के संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो यह दर्दनाक घटना टल सकती थी। अब गांव के लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। गांव में स्थानीय प्रशासन की उपस्थिति से लोगों को कुछ राहत मिली है, लेकिन उनका गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है।
बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई इस घटना ने गांव के लोगों के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। वे मांग कर रहे हैं कि जर्जर तारों को तुरंत बदला जाए और सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।
गांव में शोक का माहौल
घटना के बाद से गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और लोग एक-दूसरे को सांत्वना देने में लगे हैं। स्थानीय पंचायत के मुखिया ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने का प्रयास किया है और कहा है कि उन्हें हर संभव मदद की जाएगी।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गांवों में बिजली की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। अगर समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। गांव के लोग इस मामले में न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नोट- खबर अपडेट की जा रही है।






