बिहार में हिजाब विवाद: कांग्रेस विधायक कमरुल हुदा का नीतीश कुमार पर तीखा हमला
किशनगंज सदर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कमरुल हुदा ने हाल ही में हिजाब विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार को इस समय एक ‘बीमार मुख्यमंत्री’ का नेतृत्व मिल रहा है, जो घटनाओं को समझने में असमर्थ हैं। हुदा का यह बयान उस समय आया है, जब एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है।
कमरुल हुदा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हिजाब खींचना किसी भी परिस्थिति में अस्वीकृत नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी महिला की धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत आस्था के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ भी है।
हिजाब खींचना निंदनीय: कमरुल हुदा का बयान
कमरुल हुदा ने कहा, “हम यह नहीं देखते कि मंशा क्या थी, लेकिन जो हुआ वह गलत था। सार्वजनिक मंच पर किसी महिला का हिजाब खींचना निंदनीय है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। उनका कहना था कि नीतीश कुमार को यह समझना चाहिए कि उनके उठाए गए कदमों का सामाजिक और मानसिक प्रभाव पड़ता है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की असावधानी और असंवेदनशीलता के कारण बिहार की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक महिला डॉक्टर के साथ नहीं हुई, बल्कि इससे पूरे समाज में गलत संदेश गया है।
महिला डॉक्टर की नौकरी पर असर
कमरुल हुदा ने यह भी बताया कि जिस महिला डॉक्टर का हिजाब खींचा गया, वह अब तक अपनी नौकरी नहीं ज्वाइन कर पाई है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक मामला नहीं है, बल्कि यह उस महिला के आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ सवाल है।
विधायक ने कहा, “जिस तरह से सार्वजनिक स्थान पर हिजाब खींचा गया, उससे उस डॉक्टर को गहरी शर्मिंदगी महसूस हुई है। यही कारण है कि वह अब तक नौकरी ज्वाइन नहीं कर पाई है।” उन्होंने इसे महिला सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि सरकार को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए।
नीतीश कुमार की स्थिति पर सवाल
कमरुल हुदा ने नीतीश कुमार की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार एक बीमार मुख्यमंत्री हैं। उन्हें खुद नहीं पता होता कि वह क्या कर रहे हैं। कभी कुछ कहते हैं, कभी कुछ करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में शासन अब संवेदनहीनता की ओर बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री की हरकतें इसकी सबसे बड़ी मिसाल बनती जा रही हैं।
संजय निषाद पर भी हमला
कमरुल हुदा ने उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संजय निषाद का बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला है।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या संजय निषाद की बहन-बेटियां नहीं हैं? अगर कोई उनकी बहन या बेटी के साथ ऐसा करता, तो क्या वह इसे सही ठहराते?” विधायक ने कहा कि ऐसे बयान समाज को और बांटने का काम करते हैं और महिलाओं को अपमानित करने की मानसिकता को बढ़ावा देते हैं।
हिजाब विवाद का सियासी तापमान
सीएम नीतीश कुमार द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का मामला सामने आने के बाद सियासी माहौल गरम हो गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री से माफी और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह विवाद न केवल बिहार की राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि महिला सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर भी बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस का आक्रामक रुख
कमरुल हुदा के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के मूड में है। पार्टी इसे केवल एक व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि सत्ता की असंवेदनशीलता का प्रतीक मान रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री इस तरह की घटनाओं पर गंभीर नहीं हैं, तो यह पूरे प्रशासन की सोच को दर्शाता है।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया है। न ही महिला डॉक्टर की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक बयान दिया गया है। ऐसे में विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि आखिर सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है।
फिलहाल, हिजाब विवाद को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह न केवल महिलाओं के अधिकारों बल्कि समाज के समग्र दृष्टिकोण को भी प्रभावित करता है।






