सुपौल में मिली युवक की लाश: हत्या या दुर्घटना? परिजनों में मचा कोहराम
बिहार के सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के कौशिलीपट्टी में एक संदिग्ध युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान राजेश्वरी थाना क्षेत्र के चरने गांव निवासी प्रदीप कुमार मेहता के रूप में हुई है, जो कि ZO CAR कैब चालक थे। प्रदीप की लाश नहर किनारे मिली, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है।
प्रदीप के छोटे भाई प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रदीप के साथ सोमवार को सुबह करीब दस बजे उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। इसके बाद प्रदीप का मोबाइल फोन बंद हो गया। जब देर शाम तक प्रदीप घर नहीं लौटे, तो परिवार ने ZO CAR कंपनी को सूचित किया। इसके बाद, परिवार और कंपनी के लोग मिलकर प्रदीप की खोज में जुट गए, लेकिन रात भर उनकी कोई जानकारी नहीं मिली।
शव की पहचान और परिजनों का दुख
सोमवार की रात को सूचना मिली कि पिपरा थाना क्षेत्र के रामनगर पंचायत के कौशिलीपट्टी में नहर किनारे एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। जैसे ही परिजनों को यह सूचना मिली, वे सदर अस्पताल सुपौल पहुंचे, जहाँ शव की पहचान प्रदीप कुमार मेहता के रूप में की गई। पहचान होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रदीप की मौत ने परिवार के सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया है, और उनके आस-पास के लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं।
अज्ञात युवक की लाश मिलने के कारण और परिजनों की आशंका
परिजनों का यह भी आरोप है कि जिस स्थान पर प्रदीप की लाश मिली है, वहां तक कार जाने का कोई रास्ता नहीं है। इसके अलावा, प्रदीप की कार भी मौके से गायब है, जिसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस स्थिति में परिजनों को यह आशंका हो रही है कि प्रदीप की हत्या कर शव को नहर किनारे फेंका गया है। हालांकि, यह हत्या है या दुर्घटना, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस की कार्रवाई की जानकारी
पिपरा थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा जो भी आवेदन दिया जाएगा, उसके आधार पर मामले की जांच की जाएगी। पुलिस हर पहलू से मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम को नहर किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हलचल मच गई थी। मंगलवार की रात तक शव की पहचान प्रदीप मेहता के रूप में हो चुकी है।
ZO CAR कंपनी की स्थिति पर सवाल
इस मामले को लेकर ZO CAR कंपनी के प्रबंधक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी इस मामले से जुड़े सवालों का जवाब देने में असमर्थ है। इस घटना के बाद ZO CAR कंपनी की सुरक्षा और चालक के प्रति जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
समाज में चिंता और सवाल
इस घटना ने केवल प्रदीप के परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को चिंता में डाल दिया है। क्या यह घटना किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि का हिस्सा है? क्या इस तरह की घटनाएं फिर से होंगी? ऐसे कई सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। स्थानीय निवासी इस मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस प्रकार, प्रदीप कुमार मेहता की संदिग्ध मौत ने न केवल उनके परिवार को हिलाकर रख दिया है, बल्कि पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पुलिस की जांच और ZO CAR कंपनी की जिम्मेदारी इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस घटना से जुड़ी और जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहें।






