पटना में ATM फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, 100 से अधिक एटीएम बरामद
बिहार की राजधानी पटना में गर्दनीबाग थाने की पुलिस ने एक बड़ा ATM फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के पास से पुलिस ने 100 से अधिक एटीएम, पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
गिरोह में शामिल बैंकर की भूमिका
इस संदिग्ध गिरोह में एक बैंकर भी शामिल है, जिसकी मदद से गैंग के सदस्य भाड़े पर बैंक खाते प्राप्त करते थे। यह बैंकर गिरोह को ऐसे खातों की उपलब्धता कराता था, जिनमें धनराशि कम होती थी। उल्लेखनीय है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके लिए पुलिस ने छापेमारी की कार्यवाही तेज कर दी है। अब तक पुलिस ने 12 शातिरों को गिरफ्तार किया है।
ATM में फंसाने की अनोखी तरकीब
गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वे ATM के पास सक्रिय रहते थे और ऐसे ATM में छेड़छाड़ कर देते थे, जिससे कार्ड फंसने का नाटक किया जा सके। जैसे ही कोई व्यक्ति कार्ड को ATM में डालता, उसका कार्ड फंस जाता था। इसके बाद गिरोह ने ATM पर एक हेल्पलाइन नंबर भी चिपका रखा था, जिस पर पीड़ित व्यक्ति मदद के लिए कॉल करता था। इसी दौरान, गिरोह के सदस्य उन्हें अपनी बातों में उलझाकर ATM से दूर कर देते थे, और फिर उनके खाते से पैसे निकाल लेते थे।
भाड़े पर खाते लेने की प्रक्रिया
गिरोह के ठग एक बैंकर की मदद से भाड़े पर ऐसे बैंक खातों को प्राप्त करते थे, जिनमें धनराशि कम होती थी। वे पहले ऐसे खातों की पहचान करते थे और फिर उन खातों के मालिकों से संपर्क कर 5000 रुपये देकर उन्हें भाड़े पर ले लेते थे। इसके बाद, इन खातों का उपयोग ठगी के लिए किया जाता था। इस प्रकार, गिरोह ने धोखाधड़ी की एक नई और अनोखी योजना तैयार की थी।
पुलिस की कार्रवाई और समुदाय को संदेश
पटना पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि वे शहर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए कितनी तत्पर हैं। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरोह के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और उनकी तलाश जारी है।
साथ ही, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ATM का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सभी को जागरूक रहना चाहिए। यदि किसी को लगता है कि उनका ATM कार्ड फंस गया है, तो उन्हें तुरंत अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए और अनजान नंबरों पर कॉल करने से बचना चाहिए।
आगे की योजना
जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी, पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी में सफलता मिलेगी। इस दौरान, पुलिस ने ATM सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश भी जारी करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
इस मामले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ अपराधियों की योजनाएँ भी विकसित हो रही हैं। इसलिए, समाज के सभी वर्गों को इस दिशा में जागरूक रहने की आवश्यकता है।






