Agriculture: अरवल में 178 किसानों को एसएमएएम योजना के तहत परमिट जारी

अरवल में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन लॉटरी बिहार के अरवल जिले में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के अंतर्गत एक ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन किया गया। इस लॉटरी का संचालन जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार…

अरवल में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन लॉटरी

बिहार के अरवल जिले में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के अंतर्गत एक ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन किया गया। इस लॉटरी का संचालन जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस के निर्देश पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में किया गया। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इस ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना और व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार किया गया। जिले भर से कुल 1154 आवेदन प्राप्त हुए थे। द्वितीय चरण की इस ऑनलाइन लॉटरी में 178 किसानों को व्यक्तिगत कृषि यंत्रों के लिए परमिट जारी किए गए, जबकि कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत एक किसान का चयन किया गया। यह प्रक्रिया किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होने की संभावना है।

कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ

उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) अरवल, श्री आशीष कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जुताई, बुवाई, कटाई, थ्रेसिंग, पोस्ट हार्वेस्ट और फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों के लिए स्वीकृति पत्र जारी किए गए हैं। इस योजना के तहत किसानों को 40 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह अनुदान किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है, जिससे वे अपने कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।

कुमार ने आगे बताया कि कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से छोटे और सीमांत किसानों को उचित दरों पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध हो सकेंगे। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, कस्टम हायरिंग सेंटर संचालकों की आय भी बढ़ेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में आर्थिक सुधार की संभावना बढ़ जाती है।

किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

इच्छुक किसान कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए OFMAS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया किसानों को सरल और सुविधाजनक तरीके से अनुदान प्राप्त करने में मदद करेगी। इस कार्यक्रम में उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, जिला स्तरीय सहायक निदेशक (कृषि), सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रगतिशील किसान और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि यंत्रीकरण का महत्व

कृषि यंत्रीकरण का उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है। आधुनिक यंत्रों के इस्तेमाल से खेती की प्रक्रिया में सुधार होता है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। यह किसानों को अधिक कुशलता से काम करने में मदद करता है और उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ गुणवत्ता में सुधार लाता है।

इस पहल के तहत, अरवल जिले के किसानों को यंत्रीकरण के लाभों का अनुभव करने का अवसर मिला है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी एक नई ऊर्जा का संचार होगा। यह योजना निश्चित रूप से बिहार में कृषि विकास को एक नई दिशा देगी।

कुल मिलाकर, अरवल जिले में आयोजित इस ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की जा रही है। यह न केवल किसानों के लिए लाभकारी है, बल्कि पूरे कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Bihar News in Hindi



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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