Robbery: राजगढ़ में डकैतों ने 45 मिनट तक मचाया आतंक, पुलिस बेखबर

राजगढ़ में हथियारबंद डकैतों का आतंक, पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सराफा बाजार में बुधवार रात को 10-12 हथियारबंद डकैतों ने बड़ी डकैती को अंजाम दिया। इस घटना ने न केवल व्यापारियों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर…

राजगढ़ में हथियारबंद डकैतों का आतंक, पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सराफा बाजार में बुधवार रात को 10-12 हथियारबंद डकैतों ने बड़ी डकैती को अंजाम दिया। इस घटना ने न केवल व्यापारियों को दहशत में डाल दिया है, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

डाकैतों ने 45 मिनट तक मचाया आतंक

रात के लगभग 2 बजे, राजगढ़ का सराफा बाजार दहशत का गवाह बना। जब डायल 112 के पुलिसकर्मी झांसी वाली रानी चौराहे पर अलाव ताप रहे थे, तभी बदमाशों ने हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण डकैतों ने 45 मिनट तक आतंक मचाया और फिर फरार हो गए। मोहल्ले वालों ने बताया कि बदमाश जाते-जाते उन्हें धमकी देते गए कि “हम फिर आएंगे”।

डकैतों का सुनियोजित हमला

बदमाशों ने दो ज्वेलरी शॉप के ताले तोड़े और लाखों रुपये के आभूषण लेकर चले गए। एक दुकान में सो रहे बुजुर्ग व्यापारी पर सब्बल से जानलेवा हमला किया गया। जब कुछ स्थानीय युवाओं ने बदमाशों का पीछा किया, तो उन पर फायरिंग की गई और गुलेल से पत्थर भी फेंके गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन पुलिस की प्रतिक्रिया इतनी धीमी थी कि बदमाश मौके से फरार हो गए।

पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल

खिलचीपुर नाके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने बताया कि सराफा बाजार में गश्त पर तैनात एक आरक्षक नया था और इसलिए उन्होंने सही तरीके से निगरानी नहीं की। ठंड के कारण दोनों पुलिसकर्मी अलाव तापने चले गए थे, जिससे डकैतों को मौका मिला। यह स्पष्ट है कि पुलिस की लापरवाही ने इस बड़ी वारदात को संभव बनाया।

सीसीटीवी फुटेज से पहचान की कोशिश

बदमाशों की गतिविधियों को सीसीटीवी में कैद किया गया है। पुलिस ने हाईवे, टोल नाकों और गुना-राजगढ़ रूट के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है और डॉग स्क्वॉड तथा फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

मोहल्ले के लोगों की बहादुरी

जब बदमाश बाइकों की चोरी कर रहे थे, तभी मोहल्ले के कमल मेवाड़े ने उनकी हरकतों का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर बदमाशों ने गुलेल से पत्थर फेंका, जिससे कमल घायल हो गए। लेकिन उनके साहस के कारण बदमाश योजना के अनुसार आगे नहीं बढ़ सके। बदमाश भागते समय चांदी के कड़े भी फेंकते गए, जिससे पुलिस को कुछ साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति

घटना के बाद, पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए दंड जोड़ तक छापेमारी की, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। एसपी अमित तोलानी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 विशेष टीमें गठित की हैं। उन्होंने डायल 112 के पुलिसकर्मियों की लापरवाही की बात को नकारते हुए कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी।

स्थानीय व्यापारियों की चिंता

इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों में भय पैदा कर दिया है। एक व्यापारी के पिता को इस घटना के कारण दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल व्यापारियों के लिए, बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए एक भयानक अनुभव बन गई है। सभी व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

निष्कर्ष

राजगढ़ में हुई यह डकैती पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को अपनी रणनीतियों में बदलाव लाना होगा। साथ ही, समुदाय को भी सजग रहने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आशा है कि पुलिस जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर स्थानीय लोगों में विश्वास बहाल करेगी।

इस घटना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहें।



Kapil Sharma

Kapil Sharma has worked as a journalist in Jagran New Media and Amar Ujala. Before starting his innings with Khabar 24 Live, he has served in many media organizations including Republic Bharat.

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