24 दिसंबर 2026 का दिन विशेष धार्मिक महत्व रखता है क्योंकि इस दिन गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें हमारे सनातन धर्म में सबसे पहले पूजनीय माना जाता है। भगवान गणेश सभी विघ्नों को दूर करने वाले माने जाते हैं और किसी भी महत्वपूर्ण कार्य या पूजा में उनकी पूजा का प्राथमिकता दी जाती है ताकि कार्य निर्विघ्नता के साथ संपन्न हो सके। ऐसे विशेष अवसर पर चौघड़िया का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। चौघड़िया वह समय होता है जिसमें किया गया कार्य अधिक सकारात्मक फल प्रदान करता है। चाहे किसी भी प्रकार का कार्य हो, चौघड़िया का सही समय में उपयोग करना बेहद आवश्यक है। पंडित सौरभ त्रिपाठी जी, छिंदवाड़ा, एमपी ने इस विशेष मुहूर्त के बारे में जानकारी साझा की है।

गणेश चतुर्थी पर चौघड़िया मुहूर्त 24 दिसंबर 2026 (सूर्योदय से सूर्यास्त तक)
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह-सुबह लाभ का चौघड़िया आरंभ होगा, जो कि अत्यंत शुभ संकेत है। यह समय आर्थिक योजनाओं, व्यापार में नई शुरुआत और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। इस समय किए गए कार्य सफलता और लाभ की ओर ले जाते हैं। इसके बाद अमृत चौघड़िया प्रारंभ होगा, जो कि श्रेष्ठ चौघड़िया में से एक है। इस चौघड़िया में विशेष रूप से भगवान गणपति की पूजा, मंत्र जाप और किसी भी प्रकार के अनुबंध पर हस्ताक्षर करना बहुत शुभ माना जाता है। यहां किए गए कार्य लंबे समय तक फलदायी रहते हैं।
हालांकि, काल का चौघड़िया हमेशा अशुभ माना जाता है। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य या नए कार्य का आरंभ नहीं करना चाहिए। यह समय लेन-देन के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसके विपरीत, शुभ चौघड़िया को नाम के अनुसार ही शुभ माना जाता है। यह समय सभी प्रकार के शुभ कार्यों, विशेष रूप से कागजी कार्यवाही और पूजा-पाठ के संकल्प के लिए अनुकूल होता है।
| मुहूर्त का नाम | मुहूर्त का समय |
| लाभ | 06:48 बजे से 08:08 बजे तक |
| अमृत | 08:08 बजे से 09:28 बजे तक |
| काल | 09:28 बजे से 10:49 बजे तक |
| शुभ | 10:49 बजे से 12:09 बजे तक |
गणेश चतुर्थी की रात का चौघड़िया मुहूर्त 24 दिसंबर 2026 (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक)
आज की रात का चौघड़िया उद्वेग चौघड़िया के साथ शुरू होता है, जो एक अशांति का वातावरण उत्पन्न करता है। इस दौरान किसी भी प्रकार का महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। इस समय शुभ चौघड़िया पूजन, पाठ, आरती और गणेश जी का अर्चन करने के लिए अनुकूल है। अमृत चौघड़िया रात्रि का एक ऐसा समय है, जिसमें ध्यान साधना और संकल्प लेकर अनुष्ठान करना चाहिए, विशेषकर गणेश जी की पूजा के लिए। चल चौघड़िया रात का ऐसा चौघड़िया है, जिसमें विश्राम करना चाहिए क्योंकि यह समय ठीक नहीं माना जाता है। इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव तेजी से होता है।
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